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बिल्डर्स की मनमानी पर लगेगी रोक, पॉलिसी में होगा बदलाव : राव नरबीर सिंह
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कहा- बिल्डर ओसी (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) जारी करने से पहले सुनिश्चित करें रास्ते की चौड़ाई
बिल्डर्स सोसाइटी में 24 व 30 मीटर रोड निर्माण को लेकर की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रोजेक्ट की प्री-बुकिंग के दौरान बिल्डर बड़े-बड़े दावे करते हैं, जिसमें 24 से 30 मीटर चौड़े रास्ते नक्शे में दिखाते हैं। लेकिन यह जमीन किसी और की होती है। जब खरीदार रहने लगते हैं तो रास्ता बंद कर दिया जाता है, जिससे सोसाइटी में रहने वाले लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बिल्डरों की ऐसी मनमानी पर रोक लगाने के लिए पॉलिसी में बदलाव किया जाएगा। यह बातें उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहीं।
शनिवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में कैबिनेट मंत्री ने बिल्डरों की मनमानी को स्वीकारा और एचएसवीपी, सीटीपी और जीएमडीए अधिकारियों को सख्ती बरतने को कहा। उन्होंने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से कहा कि जब भी किसी बिल्डर को ओसी (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) जारी किया जाए तो तय करें कि बिल्डर ने अपने प्रोजेक्ट में दिखाए गए 24 अथवा 30 मीटर चौड़े रास्तों का वास्तविक निर्माण किया है या नहीं। यदि ऐसा नहीं है, तो ओसी जारी नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने इसके समाधान के लिए पॉलिसी में बदलाव की जरूरत बताई, जिस पर मंत्री ने कहा कि उनके सुझावों की रिपोर्ट तैयार करें, जिसे मंजूरी दिलाई जाएगी।
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। धोखाधड़ी करने पर बिल्डर्स के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में प्रोजेक्ट स्वीकृति के समय ही सड़क व अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के अधिकारों को स्पष्ट किया जाए। इससे खरीदारों को भरोसा मिलेगा और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा। बैठक में जीएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा, निगमायुक्त प्रदीप दहिया, एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह सहित टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारी मौजूद रहे।
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रास्तों पर कब्जा करने के 150 मामले
शहर में कई सोसाइटियों तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क नहीं है। इन सोसाइटियों तक पहुंचने के लिए राजस्व रास्ते हैं। इससे लोगों को परेशानी है। प्रदेश सरकार ने लोगों की परेशानी देखते हुए रास्ते की जमीन कलेक्टर रेट से चार गुना पर देने की योजना बनाई है। 40 बिल्डरों ने जमीन लेने के लिए नगर निगम को आवेदन किया है। गुरुग्राम में ही 150 से ज्यादा ऐसे केस हैं जिनमें बिल्डरों ने रेवेन्यू रास्तों पर प्लॉट काट रखे हैं। कहीं सोसाइटी बनाकर सरकारी रास्तों पर कब्जा कर लिया है। इसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
सेक्टर एक से 67 तक 2 हजार सोसाइटियां
सोसाइटी पंजीकरण के अनुसार सेक्टर एक से 67 तक करीब दो हजार सोसाइटियों का पंजीकरण है। एक सोसाइटी में पांच से लेकर दस टॉवर तक हैं। द्वारका एक्सप्रेस वे, सोहना रोड और मानेसर के पास न्यू गुरुग्राम में भी तेजी से सोसाइटियां बनाई जा रही हैं। यहां 200 से ज्यादा सोसाइटियां तैयार हो रही हैं।
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बिल्डर्स सोसाइटी में 24 व 30 मीटर रोड निर्माण को लेकर की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रोजेक्ट की प्री-बुकिंग के दौरान बिल्डर बड़े-बड़े दावे करते हैं, जिसमें 24 से 30 मीटर चौड़े रास्ते नक्शे में दिखाते हैं। लेकिन यह जमीन किसी और की होती है। जब खरीदार रहने लगते हैं तो रास्ता बंद कर दिया जाता है, जिससे सोसाइटी में रहने वाले लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बिल्डरों की ऐसी मनमानी पर रोक लगाने के लिए पॉलिसी में बदलाव किया जाएगा। यह बातें उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहीं।
शनिवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में कैबिनेट मंत्री ने बिल्डरों की मनमानी को स्वीकारा और एचएसवीपी, सीटीपी और जीएमडीए अधिकारियों को सख्ती बरतने को कहा। उन्होंने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से कहा कि जब भी किसी बिल्डर को ओसी (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) जारी किया जाए तो तय करें कि बिल्डर ने अपने प्रोजेक्ट में दिखाए गए 24 अथवा 30 मीटर चौड़े रास्तों का वास्तविक निर्माण किया है या नहीं। यदि ऐसा नहीं है, तो ओसी जारी नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने इसके समाधान के लिए पॉलिसी में बदलाव की जरूरत बताई, जिस पर मंत्री ने कहा कि उनके सुझावों की रिपोर्ट तैयार करें, जिसे मंजूरी दिलाई जाएगी।
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कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। धोखाधड़ी करने पर बिल्डर्स के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में प्रोजेक्ट स्वीकृति के समय ही सड़क व अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के अधिकारों को स्पष्ट किया जाए। इससे खरीदारों को भरोसा मिलेगा और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा। बैठक में जीएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा, निगमायुक्त प्रदीप दहिया, एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह सहित टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारी मौजूद रहे।
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रास्तों पर कब्जा करने के 150 मामले
शहर में कई सोसाइटियों तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क नहीं है। इन सोसाइटियों तक पहुंचने के लिए राजस्व रास्ते हैं। इससे लोगों को परेशानी है। प्रदेश सरकार ने लोगों की परेशानी देखते हुए रास्ते की जमीन कलेक्टर रेट से चार गुना पर देने की योजना बनाई है। 40 बिल्डरों ने जमीन लेने के लिए नगर निगम को आवेदन किया है। गुरुग्राम में ही 150 से ज्यादा ऐसे केस हैं जिनमें बिल्डरों ने रेवेन्यू रास्तों पर प्लॉट काट रखे हैं। कहीं सोसाइटी बनाकर सरकारी रास्तों पर कब्जा कर लिया है। इसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
सेक्टर एक से 67 तक 2 हजार सोसाइटियां
सोसाइटी पंजीकरण के अनुसार सेक्टर एक से 67 तक करीब दो हजार सोसाइटियों का पंजीकरण है। एक सोसाइटी में पांच से लेकर दस टॉवर तक हैं। द्वारका एक्सप्रेस वे, सोहना रोड और मानेसर के पास न्यू गुरुग्राम में भी तेजी से सोसाइटियां बनाई जा रही हैं। यहां 200 से ज्यादा सोसाइटियां तैयार हो रही हैं।