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फर्जी कॉल सेंटर के दोनों संचालक दो दिन की रिमांड पर
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गुरुग्राम। अमेजॉन कस्टमर केयर का कर्मचारी बनकर अमेरिका के लोगों से ठगी करने का मामला सामने आया है। यहां काम करने वाले लोग अमेरिका के लोगों को अमेजॉन खाते से धोखाधड़ी की गतिविधि के संबंध में वॉइस मेल भेजते थे। कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर रुपये की मांग करते थे। साइबर थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करके दो संचालकों को गिरफ्तार किया है। जिनको दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
साइबर क्राइम थाना पुलिस को बृहस्पतिवार को सूचना मिली कि सेक्टर-44 में एक भवन के बेसमेंट में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। एसीपी डीएलएफ करण गोयल, इंस्पेक्टर समेत सिंह की टीम के साथ पहुंचे। वहां युवक-युवतियां कानों में ईयर फोन लगाकर डायलर के जरिये बातचीत कर रहे थे। उनके सामने लैपटॉप व कंप्यूटर रखे हुए थे। पुलिस टीम ने मोबाइल से फोटो व वीडियो बनाए। स्टॉफ ने बताया कि कॉल सेंटर का मालिक दिल्ली के त्रिनगर निवासी जितेंद्र शर्मा है। टीम ने जितेंद्र शर्मा से जरूरी दस्तावेज मांगे। लेकिन आरोपी कुछ पेश नहीं कर सके। आरोपी ने बताया कि अगस्त महीने से यह कार्यालय किराये पर लेकर अपने सहयोगी निखिल कुमार के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर चला रहा है।
कॉल सेंटर में 27 युवक व 5 युवतियों को नौकरी पर रखा हुआ है। वे अमेरिका के नागरिकों का डाटा ऑनलाइन वेबसाइट से खरीदते थे। फिर अपने सर्वर पर अपलोड कर लेते। 4 से 5 हजार लोगों के पास हर दिन वॉयसमेल व मैसेज भेजते हैं। मैसेज में कहा जाता है कि आपके एमेजॉन अकाउंट से कुछ फ्रॉड हुआ है। समाधान न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के लिए 1 का बटन दबाएं। जो लोग बटन दबाते उनकी कॉल इस फर्जी कॉल सेंटर में कनेक्ट हो जाती। तब कस्टमर इन्हें बताता कि वॉयस मैसेज आया है। तब उसे झूठ बोला जाता कि कंप्यूटर या लैपटॉप में एनी डेस्क ऐप डाउनलोड करें। जिसके जरिये आरोपियों को उसकी एक्सेस मिल जाती थी। फिर कंप्यूटर में हैकिंग या वायरस की दिक्कत बताकर अलग-अलग साइट से गिफ्ट कार्ड खरीदने को बोलते और फिर ये कोड पूछकर अपने विदेशी परिचितों को भेज देते। वह परिचित इन गिफ्ट कार्ड को रिडीम कराकर इनके पास रुपये भेज देते थे।
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साइबर क्राइम थाना पुलिस को बृहस्पतिवार को सूचना मिली कि सेक्टर-44 में एक भवन के बेसमेंट में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। एसीपी डीएलएफ करण गोयल, इंस्पेक्टर समेत सिंह की टीम के साथ पहुंचे। वहां युवक-युवतियां कानों में ईयर फोन लगाकर डायलर के जरिये बातचीत कर रहे थे। उनके सामने लैपटॉप व कंप्यूटर रखे हुए थे। पुलिस टीम ने मोबाइल से फोटो व वीडियो बनाए। स्टॉफ ने बताया कि कॉल सेंटर का मालिक दिल्ली के त्रिनगर निवासी जितेंद्र शर्मा है। टीम ने जितेंद्र शर्मा से जरूरी दस्तावेज मांगे। लेकिन आरोपी कुछ पेश नहीं कर सके। आरोपी ने बताया कि अगस्त महीने से यह कार्यालय किराये पर लेकर अपने सहयोगी निखिल कुमार के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर चला रहा है।
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कॉल सेंटर में 27 युवक व 5 युवतियों को नौकरी पर रखा हुआ है। वे अमेरिका के नागरिकों का डाटा ऑनलाइन वेबसाइट से खरीदते थे। फिर अपने सर्वर पर अपलोड कर लेते। 4 से 5 हजार लोगों के पास हर दिन वॉयसमेल व मैसेज भेजते हैं। मैसेज में कहा जाता है कि आपके एमेजॉन अकाउंट से कुछ फ्रॉड हुआ है। समाधान न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के लिए 1 का बटन दबाएं। जो लोग बटन दबाते उनकी कॉल इस फर्जी कॉल सेंटर में कनेक्ट हो जाती। तब कस्टमर इन्हें बताता कि वॉयस मैसेज आया है। तब उसे झूठ बोला जाता कि कंप्यूटर या लैपटॉप में एनी डेस्क ऐप डाउनलोड करें। जिसके जरिये आरोपियों को उसकी एक्सेस मिल जाती थी। फिर कंप्यूटर में हैकिंग या वायरस की दिक्कत बताकर अलग-अलग साइट से गिफ्ट कार्ड खरीदने को बोलते और फिर ये कोड पूछकर अपने विदेशी परिचितों को भेज देते। वह परिचित इन गिफ्ट कार्ड को रिडीम कराकर इनके पास रुपये भेज देते थे।
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