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Gurugram News: झील में मिलेंगी बोटिंग और मनोरंजन सुविधाएं
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वजीराबाद झील को पर्यटन स्थल के रूप में किया जाएगा विकसित
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण सेक्टर-53 स्थित वजीराबाद झील को आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। झील में बोटिंग सहित अन्य मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके लिए प्राधिकरण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपनाने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है।
वजीराबाद में करीब 18 एकड़ क्षेत्र में कृत्रिम झील विकसित की गई है। पहले चरण में यहां बड़ी संख्या में पेड़-पौधे लगाए जा चुके हैं। शुरुआत में इसे सुखना झील की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। जीएमडीए की योजना झील क्षेत्र को पर्यावरणीय रूप से संरक्षित रखते हुए इसे शहर के प्रमुख पर्यटन और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करने की है। प्रस्तावित सुविधाओं में बोटिंग, बैठने की व्यवस्था, वॉकिंग ट्रैक, हरित क्षेत्र का विस्तार और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल हैं।
प्राधिकरण ने झील के समग्र विकास के लिए एक एजेंसी से विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराई है। हालांकि, बोटिंग और अन्य सेवाओं के संचालन के लिए अलग व्यवस्था करनी होगी। इसके लिए या तो ठेका दिया जा सकता है या फिर झील को विकसित करने के बाद किसी निजी एजेंसी को संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। जीएमडीए इन दोनों विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही झील क्षेत्र की पैमाइश कराकर वास्तविक क्षेत्रफल और विकास की संभावनाओं का आकलन भी कराया जा रहा है। जीएमडीए के अतिरिक्त सीईओ विश्वजीत चौधरी वजीराबाद झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। जल्द ही इस दिशा में कार्य शुरू कराया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण सेक्टर-53 स्थित वजीराबाद झील को आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। झील में बोटिंग सहित अन्य मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके लिए प्राधिकरण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपनाने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है।
वजीराबाद में करीब 18 एकड़ क्षेत्र में कृत्रिम झील विकसित की गई है। पहले चरण में यहां बड़ी संख्या में पेड़-पौधे लगाए जा चुके हैं। शुरुआत में इसे सुखना झील की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। जीएमडीए की योजना झील क्षेत्र को पर्यावरणीय रूप से संरक्षित रखते हुए इसे शहर के प्रमुख पर्यटन और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करने की है। प्रस्तावित सुविधाओं में बोटिंग, बैठने की व्यवस्था, वॉकिंग ट्रैक, हरित क्षेत्र का विस्तार और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल हैं।
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प्राधिकरण ने झील के समग्र विकास के लिए एक एजेंसी से विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराई है। हालांकि, बोटिंग और अन्य सेवाओं के संचालन के लिए अलग व्यवस्था करनी होगी। इसके लिए या तो ठेका दिया जा सकता है या फिर झील को विकसित करने के बाद किसी निजी एजेंसी को संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। जीएमडीए इन दोनों विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही झील क्षेत्र की पैमाइश कराकर वास्तविक क्षेत्रफल और विकास की संभावनाओं का आकलन भी कराया जा रहा है। जीएमडीए के अतिरिक्त सीईओ विश्वजीत चौधरी वजीराबाद झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। जल्द ही इस दिशा में कार्य शुरू कराया जाएगा।
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