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बोर्ड परीक्षाएं चुनौतीपूर्ण, पर पाठ्यक्रम कम होने से राहत
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गुरुग्राम। सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं से तीन माह पहले ही डेटशीट जारी कर दी है। परीक्षाओं का शेड्यूल जारी होने के साथ ही तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन इन तीन महीनों में परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष योजना बना रहे हैं।
स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि कक्षाएं नहीं लगने से यह परीक्षाएं चुनौतीपूर्ण रहेंगी। जिन विद्यार्थियों ने ऑनलाइन कक्षाओं को गंभीरता से नहीं लिया है, उनका पाठ्यक्रम पूरा कराना भी शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बनेगा। हालांकि तीस फीसदी पाठ्यक्रम कम होने व परीक्षाएं देरी से होने पर राहत मिली है। शिक्षकों ने बताया कि परीक्षाएं तीन महीने बाद होने से विद्यार्थियों को अधिक समय मिलेगा। स्कूल खुलने पर विद्यार्थी कक्षाओं में पहुंच रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों पर से परीक्षाओं का मानसिक दबाव भी कम हो रहा है।
मार्च में परीक्षाएं होने का था डर
बारहवीं की छात्रा सीमा ने बताया कि उन्हें मार्च में परीक्षाएं होने का डर था, वहीं मई में परीक्षाएं होने पर राहत मिली है। अब हर रोज स्कूल जाकर तैयारी की जा रही है। तीन महीने के लंबे समय में आसानी से तैयारी की जा सकेगी। वहीं दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्रा सोनिया ने बताया कि तीन महीने परीक्षाओं की तैयारी के लिए काफी हैं। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान परीक्षाएं चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी।
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स्कूल में बनाएंगे सब्जेक्ट रूम
बोर्ड की तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया गया है। विद्यार्थियों ने स्कूल आना शुरू कर दिया है। दो बार प्रीबोर्ड कराए जा चुके हैं। इसके साथ ही अब स्कूल में सब्जेक्ट रूम बनाए जाएंगे। प्रत्येक सब्जेक्ट रूम में एक विषय विशेषज्ञ बैठेगा। ऐसे में विद्यार्थी को जिस भी विषय में समस्या होगी वह उस सब्जेक्ट रूम में विषय विशेषज्ञ से मिलेगा। वह पूरा दिन भी अपने कमजोर विषय को पढ़ सकेगा। इस दौरान उन्हें सैंपल पेपर कराए जाएंगे।
- रश्मि मलिक, सलवान पब्लिक स्कूल, सेक्टर-15
प्रीबोर्ड परीक्षाओं से होगा मूल्यांकन
ऑनलाइन माध्यम में ही पाठ्यक्रम पूरा करा दिया गया था। अब पाठ्यक्रम की रिवीजन की जा रही है। प्रीबोर्ड परीक्षाएं हो चुकी हैं लेकिन विद्यार्थियों की तैयारी के लिए फाइनल से पहले दो बार प्रीबोर्ड होंगे। स्कूल में कक्षाओं के साथ ही ऑनलाइन माध्यम से अतिरिक्त कक्षाएं ली जा रही हैं। चुनौतीपूर्ण विषय पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गणित, भौतिक विषयों में बार-बार अभ्यास कराया जा रहा है।
- भीष्म भारद्वाज, द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल, नाहरपुर कासन
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स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि कक्षाएं नहीं लगने से यह परीक्षाएं चुनौतीपूर्ण रहेंगी। जिन विद्यार्थियों ने ऑनलाइन कक्षाओं को गंभीरता से नहीं लिया है, उनका पाठ्यक्रम पूरा कराना भी शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बनेगा। हालांकि तीस फीसदी पाठ्यक्रम कम होने व परीक्षाएं देरी से होने पर राहत मिली है। शिक्षकों ने बताया कि परीक्षाएं तीन महीने बाद होने से विद्यार्थियों को अधिक समय मिलेगा। स्कूल खुलने पर विद्यार्थी कक्षाओं में पहुंच रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों पर से परीक्षाओं का मानसिक दबाव भी कम हो रहा है।
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मार्च में परीक्षाएं होने का था डर
बारहवीं की छात्रा सीमा ने बताया कि उन्हें मार्च में परीक्षाएं होने का डर था, वहीं मई में परीक्षाएं होने पर राहत मिली है। अब हर रोज स्कूल जाकर तैयारी की जा रही है। तीन महीने के लंबे समय में आसानी से तैयारी की जा सकेगी। वहीं दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्रा सोनिया ने बताया कि तीन महीने परीक्षाओं की तैयारी के लिए काफी हैं। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान परीक्षाएं चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी।
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स्कूल में बनाएंगे सब्जेक्ट रूम
बोर्ड की तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया गया है। विद्यार्थियों ने स्कूल आना शुरू कर दिया है। दो बार प्रीबोर्ड कराए जा चुके हैं। इसके साथ ही अब स्कूल में सब्जेक्ट रूम बनाए जाएंगे। प्रत्येक सब्जेक्ट रूम में एक विषय विशेषज्ञ बैठेगा। ऐसे में विद्यार्थी को जिस भी विषय में समस्या होगी वह उस सब्जेक्ट रूम में विषय विशेषज्ञ से मिलेगा। वह पूरा दिन भी अपने कमजोर विषय को पढ़ सकेगा। इस दौरान उन्हें सैंपल पेपर कराए जाएंगे।
- रश्मि मलिक, सलवान पब्लिक स्कूल, सेक्टर-15
प्रीबोर्ड परीक्षाओं से होगा मूल्यांकन
ऑनलाइन माध्यम में ही पाठ्यक्रम पूरा करा दिया गया था। अब पाठ्यक्रम की रिवीजन की जा रही है। प्रीबोर्ड परीक्षाएं हो चुकी हैं लेकिन विद्यार्थियों की तैयारी के लिए फाइनल से पहले दो बार प्रीबोर्ड होंगे। स्कूल में कक्षाओं के साथ ही ऑनलाइन माध्यम से अतिरिक्त कक्षाएं ली जा रही हैं। चुनौतीपूर्ण विषय पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गणित, भौतिक विषयों में बार-बार अभ्यास कराया जा रहा है।
- भीष्म भारद्वाज, द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल, नाहरपुर कासन