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Gurugram News: स्टांप पेपर के नाम पर कालाबाजारी, प्रशासन अनजान
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- कम दाम के स्टांप पर दोगुनी व बड़े स्टांप पर होती है डेढ़ गुना तक की वसूली
- जानकारी के अभाव में अधिक राशि दे रहे लोग, कई बार शिकायत लेकिन नहीं हुई कार्रवाई
चित्र परिचय :- तहसील के बाहर लगी स्टाम्प विक्रेताओं की दुकान।
रिजवान खान
नगीना। जिले की पुन्हाना, नगीना, फिरोजपुर झिरका व नूंह तहसील में स्टाम्प पेपर के नाम पर कालाबाजारी का मामला सामने आया है। आरोप है कि हलफनामे पर लगने वाली 10 रुपये के टिकट को 20 रुपये में, 50 रुपये के टिकट को 80 रुपये में व 100 रुपये के टिकट को 130 रुपये में बेचा जा रहा है।
इसलाम पुत्र ताहिर निवासी पिनगवां ने लिखित शिकायत देकर कहा कि लंबे समय से कालाबाजारी हो रही है लेकिन अभी तक जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आरोप है कि तहसीलों में बैठने वाले स्टांप वेंडर साठगांठ कर 10 रुपये की हलफनामा टिकट को 20 रुपये में बेचकर जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। इसके अलावा सरकार की साख में भी बट्टा लगा रहे हैं।
ताज मोहम्मद, अजरुद्दीन व मुबारिक ने बताया कि स्टांप वेंडरों ने आपस में अधिक पैसे नहीं देने वालों के हलफनामे पर स्टांप न लगाने की साठगांठ की हुई है। जिसकी वजह से मजबूरन लोगों को अधिक पैसे देने पड़ते हैं। लोगों का कहना हैं कि अगर विभाग निष्पक्ष जांच कराकर स्टांप वेंडरों की इस कालाबाजारी को रोक सकता है।
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दोगुने दामों में बिकता हैं स्टांप पेपर :-
पुन्हाना, नगीना, नूंह और फिरोजपुर झिरका तहसील में स्टांप विक्रेता खुलेआम दोगुने दामों में स्टांप बेचते हैं। जानकारी के अभाव में लोग स्टांप विक्रेताओं को मनमाने पैसे देने के लिए मजबूर हैं। यहां 10 रुपये के टिकट को 20 रुपये में, 50 रुपये के टिकट को 80 रुपये में व 100 रुपये के टिकट को 130 रुपये में बेचा जा रहा है।
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सरकार ने बड़े स्टांप पेपर को ऑनलाइन कर दिया है। अगर किसी को रजिस्ट्री या बैनामे के लिए स्टांप खरीदना होता है तो वह सरकारी खजाने से ऑनलाइन पैसे जमा करा कर खरीद लेता है। लेकिन शपथ पत्र, किरायानामा या वसीयत लिखने के लिए 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक का स्टांप खरीदना पड़ता है। जिसे स्टाम्प विक्रेता दोगुने दामों में बेचते हैं। - जमालूद्दीन, झिमरावट।
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यदि जिला प्रशासन इस मामले पर निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करे तो कालाबाजारी को रोका जा सकता है। प्रशासन इससे बेखबर है। -मुबारिक, अटेरना।
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10 रुपये के स्टांप को 20 रुपये में और 50 रुपये के स्टांप को 80 रुपये में दिया जाता है। ज्यादा पैसे देने से मना करने पर हलफनामे पर स्टांप लगाने से मना कर देते हैं। - वसीम अहमद, काटपुरी।
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वर्जन
स्टांप वेंडर हमारे लाइसेंस पर काम करते हैं। अगर कोई ज्यादा पैसे वसूल रहा है तो कार्रवाई कर उनके लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। जांच कर कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। - संजय कुमार, एसडीएम पुन्हाना।
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- जानकारी के अभाव में अधिक राशि दे रहे लोग, कई बार शिकायत लेकिन नहीं हुई कार्रवाई
चित्र परिचय :- तहसील के बाहर लगी स्टाम्प विक्रेताओं की दुकान।
रिजवान खान
नगीना। जिले की पुन्हाना, नगीना, फिरोजपुर झिरका व नूंह तहसील में स्टाम्प पेपर के नाम पर कालाबाजारी का मामला सामने आया है। आरोप है कि हलफनामे पर लगने वाली 10 रुपये के टिकट को 20 रुपये में, 50 रुपये के टिकट को 80 रुपये में व 100 रुपये के टिकट को 130 रुपये में बेचा जा रहा है।
इसलाम पुत्र ताहिर निवासी पिनगवां ने लिखित शिकायत देकर कहा कि लंबे समय से कालाबाजारी हो रही है लेकिन अभी तक जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आरोप है कि तहसीलों में बैठने वाले स्टांप वेंडर साठगांठ कर 10 रुपये की हलफनामा टिकट को 20 रुपये में बेचकर जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। इसके अलावा सरकार की साख में भी बट्टा लगा रहे हैं।
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ताज मोहम्मद, अजरुद्दीन व मुबारिक ने बताया कि स्टांप वेंडरों ने आपस में अधिक पैसे नहीं देने वालों के हलफनामे पर स्टांप न लगाने की साठगांठ की हुई है। जिसकी वजह से मजबूरन लोगों को अधिक पैसे देने पड़ते हैं। लोगों का कहना हैं कि अगर विभाग निष्पक्ष जांच कराकर स्टांप वेंडरों की इस कालाबाजारी को रोक सकता है।
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दोगुने दामों में बिकता हैं स्टांप पेपर :-
पुन्हाना, नगीना, नूंह और फिरोजपुर झिरका तहसील में स्टांप विक्रेता खुलेआम दोगुने दामों में स्टांप बेचते हैं। जानकारी के अभाव में लोग स्टांप विक्रेताओं को मनमाने पैसे देने के लिए मजबूर हैं। यहां 10 रुपये के टिकट को 20 रुपये में, 50 रुपये के टिकट को 80 रुपये में व 100 रुपये के टिकट को 130 रुपये में बेचा जा रहा है।
सरकार ने बड़े स्टांप पेपर को ऑनलाइन कर दिया है। अगर किसी को रजिस्ट्री या बैनामे के लिए स्टांप खरीदना होता है तो वह सरकारी खजाने से ऑनलाइन पैसे जमा करा कर खरीद लेता है। लेकिन शपथ पत्र, किरायानामा या वसीयत लिखने के लिए 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक का स्टांप खरीदना पड़ता है। जिसे स्टाम्प विक्रेता दोगुने दामों में बेचते हैं। - जमालूद्दीन, झिमरावट।
यदि जिला प्रशासन इस मामले पर निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करे तो कालाबाजारी को रोका जा सकता है। प्रशासन इससे बेखबर है। -मुबारिक, अटेरना।
10 रुपये के स्टांप को 20 रुपये में और 50 रुपये के स्टांप को 80 रुपये में दिया जाता है। ज्यादा पैसे देने से मना करने पर हलफनामे पर स्टांप लगाने से मना कर देते हैं। - वसीम अहमद, काटपुरी।
वर्जन
स्टांप वेंडर हमारे लाइसेंस पर काम करते हैं। अगर कोई ज्यादा पैसे वसूल रहा है तो कार्रवाई कर उनके लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। जांच कर कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। - संजय कुमार, एसडीएम पुन्हाना।