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Gurugram News: नूंह में दूध उत्पादकों को बड़ी राहत, बनेगा मिल्क चिलिंग सेंटर
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दूध को सुरक्षित रखने की मिलेगी सुविधा, किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद
मोहित शुक्ला
नूंह। जिले के किसानों और दूध उत्पादकों के लिए राहत की खबर है। सरकार की ओर से जिले में एक आधुनिक मिल्क चिलिंग सेंटर की स्थापना की जा रही है, जिससे न केवल दूध को सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी, बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी। लंबे समय से यह मांग उठती रही थी कि जिले में दूध को ठंडा करके संग्रह करने की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि उसे खराब होने से बचाया जा सके। अब यह सपना साकार होने जा रहा है।
अब तक नूंह के गांवों में किसान दूध का उत्पादन तो करते थे, लेकिन उसे बेचने के लिए या तो तुरंत मंडी ले जाना पड़ता था या फिर खराब होने का डर बना रहता था। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती थी। ठंडा करने की व्यवस्था न होने से उन्हें दूध सस्ते दामों में बेचना पड़ता था। मिल्क चिलिंग सेंटर बनने से अब किसान दूध को खराब होने से पहले संग्रह करके रख सकेंगे और उसे सही समय पर उचित दाम में बेच पाएंगे।
बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति, किसानों को मिलेगा सही मूल्य
अभी तक कई किसान दूध को स्थानीय स्तर पर या निजी डेयरियों को औने-पौने दामों में बेचते हैं। मिल्क चिलिंग सेंटर एक प्रकार से किसान और बाजार के बीच की कड़ी बनेगा। यहां संग्रहित दूध को सरकार या बड़ी डेयरियों को सीधे बेचा जा सकेगा, जिससे किसान को सही और तयशुदा दाम मिलेगा। इससे बिचौलियों की भूमिका घटेगी और लाभ सीधे किसानों को मिलेगा।
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स्वरोजगार और स्थानीय रोजगार के अवसर भी खुलेंगे
इस सेंटर के शुरू होने से न केवल किसान लाभान्वित होंगे, बल्कि कई लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा। दूध की ढुलाई, संग्रह, रखरखाव, मशीनों का संचालन, साफ-सफाई, पैकेजिंग और प्रबंधन जैसे कार्यों में स्थानीय युवाओं को अवसर मिल सकते हैं। खासकर महिलाओं के लिए यह एक बेहतर मौका होगा क्योंकि डेयरी क्षेत्र में उनका सक्रिय योगदान देखा गया है।
महिलाओं की भागीदारी को मिलेगा बढ़ावा
जिले के कई गांवों में महिलाएं पशुपालन और दुग्ध उत्पादन में पहले से सक्रिय हैं। मिल्क चिलिंग सेंटर के माध्यम से उन्हें संगठित रूप से कार्य करने का अवसर मिलेगा। महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर दूध की आपूर्ति और केंद्र के संचालन में हिस्सेदारी कर सकती हैं। इससे उनका आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ेगा और परिवार की आय में योगदान भी।
जिले की छवि को मिलेगा नया आयाम
नूंह को विकास की दौड़ में कई बार पीछे समझा जाता रहा है, लेकिन ऐसे प्रोजेक्ट्स से न केवल आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि जिले की छवि भी बदलेगी। यह साबित होगा कि नूंह भी आधुनिक कृषि और डेयरी विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है।
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बस स्टैंड के बराबर में मिल्क चिलिंग सेंटर बनाया जाना है। इसके लिए राशि मंजूर होने के बाद कागजी कार्यवाही पूरी कर ली गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - एसडीओ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, सूरज गुप्ता
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मोहित शुक्ला
नूंह। जिले के किसानों और दूध उत्पादकों के लिए राहत की खबर है। सरकार की ओर से जिले में एक आधुनिक मिल्क चिलिंग सेंटर की स्थापना की जा रही है, जिससे न केवल दूध को सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी, बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी। लंबे समय से यह मांग उठती रही थी कि जिले में दूध को ठंडा करके संग्रह करने की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि उसे खराब होने से बचाया जा सके। अब यह सपना साकार होने जा रहा है।
अब तक नूंह के गांवों में किसान दूध का उत्पादन तो करते थे, लेकिन उसे बेचने के लिए या तो तुरंत मंडी ले जाना पड़ता था या फिर खराब होने का डर बना रहता था। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती थी। ठंडा करने की व्यवस्था न होने से उन्हें दूध सस्ते दामों में बेचना पड़ता था। मिल्क चिलिंग सेंटर बनने से अब किसान दूध को खराब होने से पहले संग्रह करके रख सकेंगे और उसे सही समय पर उचित दाम में बेच पाएंगे।
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बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति, किसानों को मिलेगा सही मूल्य
अभी तक कई किसान दूध को स्थानीय स्तर पर या निजी डेयरियों को औने-पौने दामों में बेचते हैं। मिल्क चिलिंग सेंटर एक प्रकार से किसान और बाजार के बीच की कड़ी बनेगा। यहां संग्रहित दूध को सरकार या बड़ी डेयरियों को सीधे बेचा जा सकेगा, जिससे किसान को सही और तयशुदा दाम मिलेगा। इससे बिचौलियों की भूमिका घटेगी और लाभ सीधे किसानों को मिलेगा।
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स्वरोजगार और स्थानीय रोजगार के अवसर भी खुलेंगे
इस सेंटर के शुरू होने से न केवल किसान लाभान्वित होंगे, बल्कि कई लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा। दूध की ढुलाई, संग्रह, रखरखाव, मशीनों का संचालन, साफ-सफाई, पैकेजिंग और प्रबंधन जैसे कार्यों में स्थानीय युवाओं को अवसर मिल सकते हैं। खासकर महिलाओं के लिए यह एक बेहतर मौका होगा क्योंकि डेयरी क्षेत्र में उनका सक्रिय योगदान देखा गया है।
महिलाओं की भागीदारी को मिलेगा बढ़ावा
जिले के कई गांवों में महिलाएं पशुपालन और दुग्ध उत्पादन में पहले से सक्रिय हैं। मिल्क चिलिंग सेंटर के माध्यम से उन्हें संगठित रूप से कार्य करने का अवसर मिलेगा। महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर दूध की आपूर्ति और केंद्र के संचालन में हिस्सेदारी कर सकती हैं। इससे उनका आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ेगा और परिवार की आय में योगदान भी।
जिले की छवि को मिलेगा नया आयाम
नूंह को विकास की दौड़ में कई बार पीछे समझा जाता रहा है, लेकिन ऐसे प्रोजेक्ट्स से न केवल आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि जिले की छवि भी बदलेगी। यह साबित होगा कि नूंह भी आधुनिक कृषि और डेयरी विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है।
बस स्टैंड के बराबर में मिल्क चिलिंग सेंटर बनाया जाना है। इसके लिए राशि मंजूर होने के बाद कागजी कार्यवाही पूरी कर ली गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - एसडीओ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, सूरज गुप्ता