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Gurugram News: दसवीं की मार्कशीट जांच में फर्जी पाए जाने पर भाजलाका सरपंच बर्खास्त
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एक साल से चल रही थी जांच
बहुमत वाले पंच सदस्य को ग्राम पंचायत का कार्यभार सौंपने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। नूंह जिले में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज मामले में एक और सरपंच पर गाज गिरी है। तावडू खंड की ग्राम पंचायत भाजलाका के सरपंच की दसवीं की मार्कशीट जांच में फर्जी पाए जाने पर बीते बृहस्पतिवार को जिला उपायुक्त ने बर्खास्त कर दिया।
जिला विकास पंचायत अधिकारी नवनीत कौर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि डीसी के आदेश के मुताबिक ग्राम पंचायत भाजलाका सरपंच के विरुद्ध दिसंबर 2022 मैं फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच करने की मांग को लेकर शिकायत मिली थी। जिसकी जांच तावडू उपमंडल अधिकारी कर रहे थे। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत के सरपंच ने अपने चुनाव नामांकन पत्र के साथ दसवीं कक्षा की जो मार्कशीट लगाई थी, वह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिक्षा मंडल नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2020 में जारी की गई थी। एसडीएम ने बोर्ड की जांच के लिए हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी के सचिव को बीते साल पत्राचार किया। बीते फरवरी माह में भिवानी बोर्ड द्वारा तावडू एसडीएम को पत्राचार कर बताया गया कि उच्चतर माध्यमिक शिक्षा मंडल दिल्ली के नाम से कोई बोर्ड संचालित नहीं है। इसके अलावा उपरोक्त शिक्षा बोर्ड हरियाणा शिक्षा विद्यालय बोर्ड भिवानी की समकक्षता सूची में भी शामिल नहीं है।एसडीएम की ओर से इसके बाद भी सरपंच रफीक को अपने पक्ष में दस्तावेज प्रस्तुत करने का मौका दिया गया लेकिन वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। एसडीएम ने रिपोर्ट बनाकर डीसी को प्रेषित कर दी। जिस पर डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने बीते बृहस्पतिवार को संज्ञान लेते हुए ग्राम पंचायत भाजलाका के सरपंच को बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। जिसके मुताबिक बहुमत वाले पंच सदस्य को ग्राम पंचायत का कार्यभार सौंपने के भी निर्देश दे दिए। बतादें कि नूंह जिले में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के मामले में करीब एक दर्जन से अधिक सरपंचों पर कार्रवाई की जा चुकी है। अभी भी कई ग्राम पंचायतों के सरपंचों के विरुद्ध इस तरह की शिकायत प्रशासन के पास जांच के लिए लंबित है।
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बहुमत वाले पंच सदस्य को ग्राम पंचायत का कार्यभार सौंपने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। नूंह जिले में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज मामले में एक और सरपंच पर गाज गिरी है। तावडू खंड की ग्राम पंचायत भाजलाका के सरपंच की दसवीं की मार्कशीट जांच में फर्जी पाए जाने पर बीते बृहस्पतिवार को जिला उपायुक्त ने बर्खास्त कर दिया।
जिला विकास पंचायत अधिकारी नवनीत कौर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि डीसी के आदेश के मुताबिक ग्राम पंचायत भाजलाका सरपंच के विरुद्ध दिसंबर 2022 मैं फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच करने की मांग को लेकर शिकायत मिली थी। जिसकी जांच तावडू उपमंडल अधिकारी कर रहे थे। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत के सरपंच ने अपने चुनाव नामांकन पत्र के साथ दसवीं कक्षा की जो मार्कशीट लगाई थी, वह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिक्षा मंडल नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2020 में जारी की गई थी। एसडीएम ने बोर्ड की जांच के लिए हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी के सचिव को बीते साल पत्राचार किया। बीते फरवरी माह में भिवानी बोर्ड द्वारा तावडू एसडीएम को पत्राचार कर बताया गया कि उच्चतर माध्यमिक शिक्षा मंडल दिल्ली के नाम से कोई बोर्ड संचालित नहीं है। इसके अलावा उपरोक्त शिक्षा बोर्ड हरियाणा शिक्षा विद्यालय बोर्ड भिवानी की समकक्षता सूची में भी शामिल नहीं है।एसडीएम की ओर से इसके बाद भी सरपंच रफीक को अपने पक्ष में दस्तावेज प्रस्तुत करने का मौका दिया गया लेकिन वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। एसडीएम ने रिपोर्ट बनाकर डीसी को प्रेषित कर दी। जिस पर डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने बीते बृहस्पतिवार को संज्ञान लेते हुए ग्राम पंचायत भाजलाका के सरपंच को बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। जिसके मुताबिक बहुमत वाले पंच सदस्य को ग्राम पंचायत का कार्यभार सौंपने के भी निर्देश दे दिए। बतादें कि नूंह जिले में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के मामले में करीब एक दर्जन से अधिक सरपंचों पर कार्रवाई की जा चुकी है। अभी भी कई ग्राम पंचायतों के सरपंचों के विरुद्ध इस तरह की शिकायत प्रशासन के पास जांच के लिए लंबित है।
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