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Gurugram News: पैनल के अस्पतालों में आयुष्मान और चिरायु कार्ड के लाभार्थियों को नहीं मिलेगा इलाज

Sun, 17 Mar 2024 01:17 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 17 Mar 2024 01:17 AM IST
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Beneficiaries of Ayushman and Viva cards will not get treatment in panel hospitals.
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सरकार द्वारा नियमित तौर पर नहीं किया जा रहा है भुगतान, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 30 मार्च तक का समय दिया


संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को आयुष्मान और चिरायु कार्ड पैनल के अस्पतालों ने मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं दी जिससे मरीज परेशान रहे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश भर के आयुष्मान पैनल के अस्पतालों को केंद्र सरकार की ओर से नियमित तौर पर भुगतान नहीं किया जा रहा है जिससे अस्पतालों को आर्थिक तौर पर परेशानी हो रही है। एसोसिएशन की ओर से 29 फरवरी को भुगतान के लिए सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया था परंतु सरकार की ओर से एसोसिएशन की सभी मांगों को नहीं माना गया। अब एसोसिएशन ने सरकार को 30 मार्च तक का समय दिया है। इस दौरान आयुष्मान पैनल के अस्पतालों में सुविधाएं नहीं दी जाएगी। इस दौरान यदि सरकार और एसोसिएशन के बीच स्थिति सामान्य होती है तो एसोसिएशन की ओर से सुविधाएं बहाल कर दी जाएगी।


करीब 5 लाख लोगों को होगी दिक्कत
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के इस कदम से शहर भर में करीब 5 लाख लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार शहर में 90 हजार आयुष्मान कार्ड धारक वहीं 3 लाख 70 हजार चिरायु योजना के लाभार्थी है। साथ ही शहर में 59 अस्पताल आयुष्मान पैनल से जुड़े हुए हैं जिसमें 25 निजी अस्पताल हैं। इन अस्पतालों में इलाज न मिलने से शहर के सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का दबाव बढ़ेगा।
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सरकार को करना है 35 करोड़ का भुगतान
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अजय शर्मा ने बताया कि शहर के बड़े अस्पताल पैनल से जुड़े हुए नहीं हैं। छोटे और मध्यम वर्ग के अस्पताल पैनल से जुड़े हुए हैं। सरकार को शहर के अस्पतालों को करीब 35 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। इसके अलावा सरकार की ओर से इलाज के बाद पूरा भुगतान भी नहीं किया जाता है जिससे आर्थिक तौर पर अस्पताल प्रशासन को परेशानी हो रही है।
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ये हैं मुख्य मांगें
- पहले अप्रूवल देने के बाद भी भुगतान करते समय 50 से 90 प्रतिशत तक पैसा काट लिया जाता है। इसका कोई औचित्य नहीं है न ही इसके बारे में कोई सुनवाई की जा रही है।


- आयुष्मान स्कीम में पिछले छह साल से रेट में कोई उचित बदलाव नहीं किया गया है।


- समझौते के मुताबिक बिलों का भुगतान 15 दिन के अंदर सुनिश्चित करना चाहिए। देरी से होने वाले भुगतान पर कानूनन ब्याज दिया जाना चाहिए और बिना कारण भुगतान में कटौती नहीं की जानी चाहिए।




बातचीत
एसोसिएशन के पदाधिकारियों की सरकार के साथ 29 फरवरी को भी वार्ता हुई थी जिसमें 15 दिन अल्टीमेटम दिया गया। सरकार ने हमारी सभी मांगे नहीं मानी। 30 मार्च का तक फिर समय दिया गया है, यदि इस दौरान सरकार मांगें मांगती है तो इलाज बहाल कर दिया जाएगा।
- सुरेश अरोडा, चेयरमैन, आयुष्मान इम्पैनल्ड अस्पताल।
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