{"_id":"60280f548ebc3ee90f500dc1","slug":"artists-of-haryana-kala-parishad-meet-cm-gurgaon-news-noi565507979","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा कला परिषद के कलाकारों ने की सीएम से मुलाकात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा कला परिषद के कलाकारों ने की सीएम से मुलाकात
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुग्राम। हरियाणा कला परिषद के उच्चाधिकारियों के दल ने शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहरलाल से मुलाकात की। इस दौरान कला परिषद ने पंजाब स्थित उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र को हरियाणा में स्थानांतरित करने संबंधी मांगपत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। इस पर सीएम ने उनको तुरंत संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि अन्य वर्गों की तरह प्रदेश के कलाकारों ने भी कोरोना में समस्याएं झेली हैं, जिन्हें मानदेय के अलावा अन्य सहायताएं भी उपलब्ध करवाई गईं लेकिन ये पर्याप्त नहीं हैं। कहा कि भविष्य में कलाकारों को लाभान्वित करने व उन्हें मंच प्रदान करने के लिए विस्तार से ड्राफ्ट तैयार किया जाए। कला परिषद के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन के जरिए उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र के सभी राज्यों में एक-एक सब सेंटर खोले जाने की मांग की। कलाकारों के मुताबिक, पंजाब में होने के कारण केवल पंजाब के ही कलाकारों को इससे फायदा हो रहा है।
राजीव गांधी ने की थी स्थापना
मालूम हो कि 23 मार्च 1985 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एनजेडसीसी को बनाने की घोषणा की थी। उस समय के पंजाब के मुख्यमंत्री सुरजीत बरनाला राजीव गांधी से मिलकर इसे पंजाब में ले गए। हालांकि ये 7 राज्यों के कलाकारों के उत्थान के लिए बना है लेकिन हरियाणा के लोक कलाकारों का हमेशा से ही आरोप रहा है कि इससे सिर्फ पंजाब के कलाकारों को ही फायदा पहुंचाता है। पंजाब के एक कलाकार को लाखों रुपये एक कार्यक्रम के दिए जाते हैं जबकि अन्य प्रदेश के एक कलाकार को 2 से 3 हजार से ही संतोष करना पड़ता है। इतना ही नहीं कलाकारों का आरोप है कि जो भी कलाकार इस बारे में आवाज उठाता है उसे कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि अन्य वर्गों की तरह प्रदेश के कलाकारों ने भी कोरोना में समस्याएं झेली हैं, जिन्हें मानदेय के अलावा अन्य सहायताएं भी उपलब्ध करवाई गईं लेकिन ये पर्याप्त नहीं हैं। कहा कि भविष्य में कलाकारों को लाभान्वित करने व उन्हें मंच प्रदान करने के लिए विस्तार से ड्राफ्ट तैयार किया जाए। कला परिषद के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन के जरिए उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र के सभी राज्यों में एक-एक सब सेंटर खोले जाने की मांग की। कलाकारों के मुताबिक, पंजाब में होने के कारण केवल पंजाब के ही कलाकारों को इससे फायदा हो रहा है।
विज्ञापन
राजीव गांधी ने की थी स्थापना
मालूम हो कि 23 मार्च 1985 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एनजेडसीसी को बनाने की घोषणा की थी। उस समय के पंजाब के मुख्यमंत्री सुरजीत बरनाला राजीव गांधी से मिलकर इसे पंजाब में ले गए। हालांकि ये 7 राज्यों के कलाकारों के उत्थान के लिए बना है लेकिन हरियाणा के लोक कलाकारों का हमेशा से ही आरोप रहा है कि इससे सिर्फ पंजाब के कलाकारों को ही फायदा पहुंचाता है। पंजाब के एक कलाकार को लाखों रुपये एक कार्यक्रम के दिए जाते हैं जबकि अन्य प्रदेश के एक कलाकार को 2 से 3 हजार से ही संतोष करना पड़ता है। इतना ही नहीं कलाकारों का आरोप है कि जो भी कलाकार इस बारे में आवाज उठाता है उसे कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जाता।
विज्ञापन