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Gurugram News: मंत्री के बयान पर किसानों में रोष, महापंचायत की तैयारी

Thu, 26 Dec 2024 11:06 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2024 11:06 PM IST
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Anger among farmers on minister's statement, preparation for mahapanchayat
राव नरबीर ने बुधवार को एसपी को आदेश दिए थे कि धरने को हटाया जाए
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के आईएमटी रोजकामेव स्थित धीरदोका गांव में मुआवजे को लेकर करीब 10 महीने से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे 9 गांवों के किसानों ने बृहस्पतिवार को पंचायत बुलाई। इसमें महिलाओं समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया। यह पंचायत बुधवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह द्वारा दिए गए एक बयान के खिलाफ बुलाई गई। मंत्री ने आईएमटी रोजकामेव में किसानों द्वारा धरना दिए जाने पर एसपी को आदेश दिए थे कि धरने को हटाया जाए। इसके लिए पुलिस बल लगाया जाए। मंत्री के इसी बयान पर किसानों में भारी रोष है। किसानों ने पंचायत में जल्द ही महापंचायत बुलाने का फैसला किया।

बृहस्पतिवार को आयोजित महापंचायत में किसान कमेटी के सदस्य हाफिज सिराजुद्दीन ने कहा कि बुधवार को मंत्री राव नरबीर सिंह ने किसानों के धरने को हटाने की बात कही। इस पर किसानों में मंत्री के प्रति भारी रोष बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यह धरना जारी रहेगा और आईएमटी रोजकामेव का काम भी बंद रहेगा। हम जल्द ही फिर से एक बड़ी महापंचायत करेंगे। जिसको लेकर आगामी रणनीति तैयार की जा रहीं है। इस महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के कई पदाधिकारी शामिल होंगे।
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बता दें कि आईएमटी रोजकामेव के लिए 9 गांव खेड़ली कंकर, मेहरोला, बडेलाकी, कंवरसीका, रोजकामेव, धीरदोका, रूपाहेड़ी, खोड (बहादरी) और रेवासन के किसानों की वर्ष 2010 में 1600 एकड़ जमीन अधिग्रहण की गई थी। उस दौरान किसानों की जमीन को सरकार द्वारा प्रति एकड़ 25 लाख रुपये का मुआवजा देकर अधिग्रहण किया गया था, लेकिन इसके बाद सरकार ने फरीदाबाद के चंदावली, मच्छगर गांवों की जमीन का भी अधिग्रहण किया। वहां के किसानों ने कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी जमीन को सस्ते दामों में सरकार पर लेने का आरोप लगाकर मुआवजा बढ़ाने की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने किसानों को प्रति एकड़ 2 करोड़ की राशि देने के आदेश दिए थे।
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इस दौरान जब 9 गांवों के किसानों को पता चला कि उक्त गांवों के किसानों को 2 करोड़ प्रति एकड़ मिले हैं तो उन्होंने भी लंबी लड़ाई लड़कर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। जिस पर सरकार ने किसानों से बातचीत करते हुए उनकी जमीन को 46 लाख रुपए प्रति एकड़ देने की बात कही और उनसे एफिडेविट पर साइन करा लिए, ताकि किसान कोर्ट में ना जा सके और सभी किसानों को 21- 21 लाख रुपये देकर कहा कि आगे आपको 25-25 लाख रुपये ओर दे दिए जाएंगे, लेकिन आज तक भी किसानों को 25-25 लाख रुपये नहीं दिए गए हैं।

फोटो: धरनास्थल पर पंचायत करते हुए किसान साथ महिलाएं व बच्चे।
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