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Gurugram News: चिंटेल्स सोसायटी के बी टावर का विश्लेषण शुरू
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सुरक्षित घोषित किए जा चुके टावरों को फिर से कसौटी पर परखेगा सीबीआरआई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर 109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसायटी के जे टावर में जान का खतरा होने पर अब सुरक्षित घोषित बी टावर का भी ऑडिट (विश्लेषण) शुरू हो गया है। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) की टीम ने 31 जनवरी सुबह चिंटेल्स सोसायटी के टावरों की विश्लेषण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद टीम अन्य दोनों ए और सी टावर का विश्लेषण शुरू करेगी। अब सीबीआरआई की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि केवल जे टावर खाली होगा या पूरी सोसायटी ही ध्वस्त करने की नौबत है।
हाल ही में जिला और आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट में जे टावर को भी रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। सोसायटी के कुल नौ में छह टावर की एक जैसी रिपोर्ट आने के बाद अब ए, बी और सी टावर में रहने वाले लोगों को भी जान का खतरा लगने लगा है। ऐसे में पूरी सोसायटी में रहने वाले स्थानीय लोग एकजुट हो गए हैं। वह जे टावर खाली करने से पहले सीबीआरआई ऑडिट रिपोर्ट के इंतजार में हैं। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि सुरक्षित घोषित किए गए ए, बी और सी टावर की अब मौजूदा स्थिति रहने लायक है भी या नहीं। रिपोर्ट में असुरक्षा की सुगबुगाहट मिलने पर सभी टावर निवासी पूरी चिंटेल्स पैराडाइसो सोसायटी को खाली करने का मूड बना सकते हैं। हालांकि अंतिम फैसला ऑडिट रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राकेश हुड्डा ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस बीच बिल्डर से भी संपर्क कर फ्लैट वासियों का पक्ष रखा जाएगा। पहले पांच टावरों को खाली कराने के लिए बिल्डर और स्थानीय लोगों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद कोई निर्णय लिया गया। ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होनी चाहिए। बिल्डर को हितधारकों की सभी चिंताओं का समाधान कर नए ऑफर पर विचार करना होगा। डीटीपी की ओर से चिंटेल्स आरडब्ल्यूए को छह फरवरी को वार्ता के लिए बुलाया गया है। एडीसी की अध्यक्षता में बिल्डर और आरडब्ल्यूए पदाधिकारी आमने सामने होंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर 109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसायटी के जे टावर में जान का खतरा होने पर अब सुरक्षित घोषित बी टावर का भी ऑडिट (विश्लेषण) शुरू हो गया है। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) की टीम ने 31 जनवरी सुबह चिंटेल्स सोसायटी के टावरों की विश्लेषण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद टीम अन्य दोनों ए और सी टावर का विश्लेषण शुरू करेगी। अब सीबीआरआई की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि केवल जे टावर खाली होगा या पूरी सोसायटी ही ध्वस्त करने की नौबत है।
हाल ही में जिला और आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट में जे टावर को भी रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। सोसायटी के कुल नौ में छह टावर की एक जैसी रिपोर्ट आने के बाद अब ए, बी और सी टावर में रहने वाले लोगों को भी जान का खतरा लगने लगा है। ऐसे में पूरी सोसायटी में रहने वाले स्थानीय लोग एकजुट हो गए हैं। वह जे टावर खाली करने से पहले सीबीआरआई ऑडिट रिपोर्ट के इंतजार में हैं। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि सुरक्षित घोषित किए गए ए, बी और सी टावर की अब मौजूदा स्थिति रहने लायक है भी या नहीं। रिपोर्ट में असुरक्षा की सुगबुगाहट मिलने पर सभी टावर निवासी पूरी चिंटेल्स पैराडाइसो सोसायटी को खाली करने का मूड बना सकते हैं। हालांकि अंतिम फैसला ऑडिट रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राकेश हुड्डा ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस बीच बिल्डर से भी संपर्क कर फ्लैट वासियों का पक्ष रखा जाएगा। पहले पांच टावरों को खाली कराने के लिए बिल्डर और स्थानीय लोगों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद कोई निर्णय लिया गया। ऐसी स्थिति दोबारा पैदा नहीं होनी चाहिए। बिल्डर को हितधारकों की सभी चिंताओं का समाधान कर नए ऑफर पर विचार करना होगा। डीटीपी की ओर से चिंटेल्स आरडब्ल्यूए को छह फरवरी को वार्ता के लिए बुलाया गया है। एडीसी की अध्यक्षता में बिल्डर और आरडब्ल्यूए पदाधिकारी आमने सामने होंगे।
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