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Gurugram News: नूंह में एक अगस्त को बूचड़खानों के विरोध में होगी अहम बैठक
Wed, 30 Jul 2025 11:41 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Wed, 30 Jul 2025 11:41 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। नूंह जिले में तेजी से खुलते बूचड़खानों को लेकर जनमानस का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर आगामी एक अगस्त को नूंह जिला मुख्यालय पर सामाजिक संगठनों और सरपंच एसोसिएशन के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी।
सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान रफीक हथौड़ी ने स्पष्ट किया है कि संगठन जनता के साथ खड़ा है और इस अभियान को पूर्ण समर्थन देगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जिले में बूचड़खाने खोले जा रहे हैं, उससे न केवल पर्यावरण दूषित हो रहा है, बल्कि आमजन का जीवन भी संकट में पड़ता जा रहा है।
जानकारी देते हुए मोहम्मद उस्मान समाजसेवी, लुकमान रुस्तम संटावाड़ी फिरोजपुर झिरका, नगीना, पिनगवां ब्लॉक समेत पूरे जिले में करीब सात बूचड़खाने पहले से कार्यरत हैं, जबकि 25 से अधिक फैक्ट्रियों को एनओसी मिल चुकी है और लाइसेंस प्रक्रिया पाइपलाइन में है। बताया जा रहा है कि लगभग 50 बूचड़खानों की योजना पर काम चल रहा है। क्षेत्र के सभी सामाजिक संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि इस जन आंदोलन को किसी पार्टी बाजी से न जोड़ा जाए सभी इस मेवात के हित को देखते हुए अपना पूरा योगदान दें ताकि मेवात का भविष्य सुरक्षित रखा जा सके।
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फिरोजपुर झिरका। नूंह जिले में तेजी से खुलते बूचड़खानों को लेकर जनमानस का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर आगामी एक अगस्त को नूंह जिला मुख्यालय पर सामाजिक संगठनों और सरपंच एसोसिएशन के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी।
सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान रफीक हथौड़ी ने स्पष्ट किया है कि संगठन जनता के साथ खड़ा है और इस अभियान को पूर्ण समर्थन देगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जिले में बूचड़खाने खोले जा रहे हैं, उससे न केवल पर्यावरण दूषित हो रहा है, बल्कि आमजन का जीवन भी संकट में पड़ता जा रहा है।
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जानकारी देते हुए मोहम्मद उस्मान समाजसेवी, लुकमान रुस्तम संटावाड़ी फिरोजपुर झिरका, नगीना, पिनगवां ब्लॉक समेत पूरे जिले में करीब सात बूचड़खाने पहले से कार्यरत हैं, जबकि 25 से अधिक फैक्ट्रियों को एनओसी मिल चुकी है और लाइसेंस प्रक्रिया पाइपलाइन में है। बताया जा रहा है कि लगभग 50 बूचड़खानों की योजना पर काम चल रहा है। क्षेत्र के सभी सामाजिक संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि इस जन आंदोलन को किसी पार्टी बाजी से न जोड़ा जाए सभी इस मेवात के हित को देखते हुए अपना पूरा योगदान दें ताकि मेवात का भविष्य सुरक्षित रखा जा सके।
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