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Gurugram News: एएसआई के निलंबन के बाद एसएचओ की भी विभागीय जांच शुरू
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युवराज हत्याकांड : कंट्रोल रूम पर तैनात रहे पुलिसकर्मी की विभागीय जांच के लिए टेलीकॉम विंग को लिखा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सीवर में मृत मिले युवराज मनचंदा हत्याकांड के मामले में जांच अधिकारी के निलंबन के बाद अब बादशाहपुर थाना एसएचओ की भी विभागीय जांच शुरू हो गई है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एसएचओ के साथ ही जांच अधिकारी रहे एएसआई की भी विभागीय जांच शुरू की गई है। इसके साथ ही उस दौरान कंट्रोल रूम में तैनात रहे पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के लिए टेलीकॉम विंग को भी पत्र लिखा गया है।
बादशाहपुर थाना पुलिस ने 11 सितंबर को मिले युवक के सले-गड़े शव को 3 दिन तक पहचान के लिए रखवाया। पुलिस के अनुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पहचान न होने पर 14 सितंबर को पोस्टमार्टम के बाद शव का पुलिस ने अंतिम संस्कार करा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शुरुआती तौर पर डूबने से मौत की बात सामने आई थी। बाद में बुधवार 16 सितंबर को जिपनेट पर अपलोड किए गए फोटो व शव के पास मिले सामान के आधार पर परिवार ने पहचान की। मृतक दिल्ली के सरिता विहार निवासी 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा था। वह छह सितंबर से लापता था। उसके परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। दिल्ली पुलिस ने बाद में हत्याकांड का खुलासा किया और आरोपियों महिला अन्या वत्स और उनके पति संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया।
युवराज सेक्टर-29 स्थित अडानी रियल्टी में मैनेजर था। वह छह सितंबर की शाम दिल्ली से गुरुग्राम में कुछ लोगों से मिलने आया था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। युवराज की बहन हरसिमरन मनचंदा ने 11 सितंबर को दिल्ली पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार को दिल्ली पुलिस के माध्यम से अज्ञात शव मिलने की जानकारी मिली। परिवार ने फोटो और शव के पास मिले सामान के आधार पर युवराज की पहचान की। विभाग की टीम जांच कर रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सीवर में मृत मिले युवराज मनचंदा हत्याकांड के मामले में जांच अधिकारी के निलंबन के बाद अब बादशाहपुर थाना एसएचओ की भी विभागीय जांच शुरू हो गई है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एसएचओ के साथ ही जांच अधिकारी रहे एएसआई की भी विभागीय जांच शुरू की गई है। इसके साथ ही उस दौरान कंट्रोल रूम में तैनात रहे पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के लिए टेलीकॉम विंग को भी पत्र लिखा गया है।
बादशाहपुर थाना पुलिस ने 11 सितंबर को मिले युवक के सले-गड़े शव को 3 दिन तक पहचान के लिए रखवाया। पुलिस के अनुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पहचान न होने पर 14 सितंबर को पोस्टमार्टम के बाद शव का पुलिस ने अंतिम संस्कार करा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शुरुआती तौर पर डूबने से मौत की बात सामने आई थी। बाद में बुधवार 16 सितंबर को जिपनेट पर अपलोड किए गए फोटो व शव के पास मिले सामान के आधार पर परिवार ने पहचान की। मृतक दिल्ली के सरिता विहार निवासी 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा था। वह छह सितंबर से लापता था। उसके परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। दिल्ली पुलिस ने बाद में हत्याकांड का खुलासा किया और आरोपियों महिला अन्या वत्स और उनके पति संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया।
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युवराज सेक्टर-29 स्थित अडानी रियल्टी में मैनेजर था। वह छह सितंबर की शाम दिल्ली से गुरुग्राम में कुछ लोगों से मिलने आया था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। युवराज की बहन हरसिमरन मनचंदा ने 11 सितंबर को दिल्ली पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार को दिल्ली पुलिस के माध्यम से अज्ञात शव मिलने की जानकारी मिली। परिवार ने फोटो और शव के पास मिले सामान के आधार पर युवराज की पहचान की। विभाग की टीम जांच कर रही है।
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