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Gurugram News: सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद डीएलएफ में लोग खुद हटा रहे हैं अतिक्रमण
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मौके पर शुक्रवार को कार्रवाई के लिए पहुंची थी टीम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद डीएलएफ फेज एक से पांच तक के लोग खुद अपना अवैध निर्माण तोड़ रहे हैं। कोर्ट से चार सप्ताह की राहत मिली है। इस दौरान उनकी ओर से खुद अतिक्रमण हटाने की रिपोर्ट जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से दी जाएगी।
डीटीपीई अमित मधोलिया ने बताया कि क्षेत्र में काफी अवैध गतिविधियां हो रही हैं। कुछ लोगों अवैध निर्माण हटाने का भी जवाब दिया है। कोर्ट से यथास्थिति बनाए रखने के आदेश आने पर टीम वापस आ गई थी। डीएलएफ फेज तीन आरडब्ल्यूए के प्रधान महेंद्र सिंह ने बताया कि सैकड़ों लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लोगों ने राहत की सांस ली है। डीएलएफ फेज पांच के कई लोगों ने स्थानीय कोर्ट से स्टे लिया हुआ है। डीटीपीई ने पहले डीएलएफ एरिया के पांच में करीब 81 मकानों पर कार्रवाई की थी। इसमें कुछ लोग जिला कोर्ट चले गए थे। इसमें लोगों के सीवर-पानी को बहाल करने का आदेश दिया था।
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4500 मकानों को जारी किए गए हैं नोटिस
प्रवर्तन टीम ने 4500 से अधिक मकानों को कारण बताओ नोटिस और करीब 2500 मकानों को रेस्टोरेशन यानि खुद सुधार के आदेश दिया हुआ है। डीटीपीई ने इन मकानों के ओसी रद्द करने और सीवर, पानी, बिजली कनेक्शन काटने की भी डीटीपी प्लानिंग को सिफारिश की है। गुुुरुग्राम के इतिहास में डीएलएफ जैसी पॉश कॉलोनी में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई होगी। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के 13 फरवरी के आदेश के तहत की जा रही है। विभाग की तरफ से चार टीमों का गठन किया गया है जो कि पांचों फेज में लगातार और एक साथ कार्रवाई करेंगे। यह कारवाई हाइकोर्ट के आदेश और हरियाणा अर्बन डिवलेपमेंट एक्ट के नियमों के तहत की जानी हैं। डीएलएफ फेज तीन स्थित सोसाइटी के प्रधान समीरपुरी ने बताया कि इसको लेकर वे लोग सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और अपनी बात रखेंगे।
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खेरी के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई-
फरीदाबाद जिले में अरावली में बसी खोरी गांव में अवैध निर्माण पर कार्रवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर करीब दस हजार मकानों को तोड़ा गया था। अब शहर के सबसे पाश इलाके में करीब 4500 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई हैं।
वर्जन-
सुप्रीम कोर्ट से चार सप्ताह तक राहत मिली है। इससे पीड़ितों को अपनी बात सुप्रीम कोर्ट के सामने रखने को मौका मिला है।
अभिनव अरोड़ा, डीएलएफ फेज तीन
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद डीएलएफ फेज एक से पांच तक के लोग खुद अपना अवैध निर्माण तोड़ रहे हैं। कोर्ट से चार सप्ताह की राहत मिली है। इस दौरान उनकी ओर से खुद अतिक्रमण हटाने की रिपोर्ट जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से दी जाएगी।
डीटीपीई अमित मधोलिया ने बताया कि क्षेत्र में काफी अवैध गतिविधियां हो रही हैं। कुछ लोगों अवैध निर्माण हटाने का भी जवाब दिया है। कोर्ट से यथास्थिति बनाए रखने के आदेश आने पर टीम वापस आ गई थी। डीएलएफ फेज तीन आरडब्ल्यूए के प्रधान महेंद्र सिंह ने बताया कि सैकड़ों लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लोगों ने राहत की सांस ली है। डीएलएफ फेज पांच के कई लोगों ने स्थानीय कोर्ट से स्टे लिया हुआ है। डीटीपीई ने पहले डीएलएफ एरिया के पांच में करीब 81 मकानों पर कार्रवाई की थी। इसमें कुछ लोग जिला कोर्ट चले गए थे। इसमें लोगों के सीवर-पानी को बहाल करने का आदेश दिया था।
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4500 मकानों को जारी किए गए हैं नोटिस
प्रवर्तन टीम ने 4500 से अधिक मकानों को कारण बताओ नोटिस और करीब 2500 मकानों को रेस्टोरेशन यानि खुद सुधार के आदेश दिया हुआ है। डीटीपीई ने इन मकानों के ओसी रद्द करने और सीवर, पानी, बिजली कनेक्शन काटने की भी डीटीपी प्लानिंग को सिफारिश की है। गुुुरुग्राम के इतिहास में डीएलएफ जैसी पॉश कॉलोनी में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई होगी। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के 13 फरवरी के आदेश के तहत की जा रही है। विभाग की तरफ से चार टीमों का गठन किया गया है जो कि पांचों फेज में लगातार और एक साथ कार्रवाई करेंगे। यह कारवाई हाइकोर्ट के आदेश और हरियाणा अर्बन डिवलेपमेंट एक्ट के नियमों के तहत की जानी हैं। डीएलएफ फेज तीन स्थित सोसाइटी के प्रधान समीरपुरी ने बताया कि इसको लेकर वे लोग सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और अपनी बात रखेंगे।
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खेरी के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई-
फरीदाबाद जिले में अरावली में बसी खोरी गांव में अवैध निर्माण पर कार्रवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर करीब दस हजार मकानों को तोड़ा गया था। अब शहर के सबसे पाश इलाके में करीब 4500 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई हैं।
वर्जन-
सुप्रीम कोर्ट से चार सप्ताह तक राहत मिली है। इससे पीड़ितों को अपनी बात सुप्रीम कोर्ट के सामने रखने को मौका मिला है।
अभिनव अरोड़ा, डीएलएफ फेज तीन