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Gurugram News: फरीदाबाद में तहसीलदार पर कार्रवाई के बाद तहसीलों में हड़ताल, कामकाज रहा ठप
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जिले की नौ तहसीलों व उप तहसीलों में नहीं हुई हजारों रजिस्ट्री, राजस्व का भारी नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सरकार की ओर से राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के विरोध में प्रदेश भर के तहसीलदारों ने सोमवार को काम नहीं किया।फरीदाबाद में तहसीलदार के खिलाफ मामला दर्ज होने व पटवारियों की सूची सार्वजनिक करने के विरोध में वह हड़ताल पर रहे।
इस एक दिवसीय हड़ताल के कारण गुरुग्राम जिले के 9 तहसीलों व उप तहसीलों में करीब पांच हजार से अधिक रजिस्ट्री व शपथ पत्र का काम प्रभावित हुआ। इससे राजस्व का भारी नुकसान हुआ। कार बनाने वाली कंपनी में गुजरात में कार्यरत सूर्यकांत ओझा ने बताया कि उनका गुरुग्राम तहसील में काम था। हड़ताल के कारण वह नहीं हो सका। इसके बारे में कोई पहले से सूचना नहीं थी। वसीका नवीस की ओर से रजिस्ट्री पेपर तैयार था। जिसे मूलरूप नहीं दिया जा सका। मानेसर में निजी कंपनी के संचालक वीके मिश्रा कहते हैं कि उनकी ओर से मानेसर तहसील में एग्रीमेंट संबंधी कागजात तैयार कराना था। ऐन मौके पर पता चला कि हड़ताल है। इस कारण काम प्रभावित हुआ। राकेश दुआ बताते हैं कि उनकी वजीराबाद तहसील में आज रजिस्ट्री थी। खरीदार अपने परिवार के साथ पहुंचे थे, मगर ठीक मौके पर पता चला कि तहसीलदार की ओर से आज कामकाज ठप रखा गया है। सोहना तहसील कार्यालय में हड़ताल के चलते कामकाज प्रभावित रहा। तहसील में रजिस्ट्री पंजीकरण का कार्य पूर्ण रूप से ठप रहा। लोग अपने कार्यों के लिए बैरंग लौटने को मजबूर रहे। वहीं वसीका नवीस व वकील भी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। तहसील में पहुंचे बाबुओं ने अपने स्तर पर ही कार्य को पूरा किया था।गुरुग्राम, पटौदी, सोहना, फर्रुखनगर, मानेसर पांच तहसील हैं, जबकि कादीपुर, वजीराबाद , बादशाहपुर, हरसरु उप तहसील हैं। जहां पर तहसीलदार के अवकाश पर रहने पर काम प्रभावित हुआ।
पटवारियों ने हटाई काली पट्टी, काम शुरू
प्रदेश सरकार की ओर से 370 पटावारियों का नाम भ्रष्टाचार की सूची में शामिल किया गया था। इसके बाद जिले के सभी पटवारियों में आक्रोश था। वह काली पट्टी लगाकर काम कर रहे थे। सोमवार को सभी पटवारियों ने विरोध स्वरूप बांधी गई काली पट्टी को हटा दिया। पटवारी एसोसिएशन व सरकार के बीच हुई वार्ता में तय हुआ कि सरकार अभी तक उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। इसलिए वह अपने विरोध के लिए एक्शन का इंतजार करेंगे। पटवारी एसोसिएशन के जिला प्रधान सतपाल यादव ने बताया कि उनकी ओर से जनता के हित को देखते हुए काम को सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है।
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वर्जन
फरीदाबाद में तहसीलदार के खिलाफ मामला दर्ज होने के विरोध में प्रदेश भर के तहसीलदार हड़ताल पर थे। इसी क्रम में जिले की नौ तहसीलों के अधिकारी भी अवकाश पर थे। - नरेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी गुरुग्राम।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सरकार की ओर से राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के विरोध में प्रदेश भर के तहसीलदारों ने सोमवार को काम नहीं किया।फरीदाबाद में तहसीलदार के खिलाफ मामला दर्ज होने व पटवारियों की सूची सार्वजनिक करने के विरोध में वह हड़ताल पर रहे।
इस एक दिवसीय हड़ताल के कारण गुरुग्राम जिले के 9 तहसीलों व उप तहसीलों में करीब पांच हजार से अधिक रजिस्ट्री व शपथ पत्र का काम प्रभावित हुआ। इससे राजस्व का भारी नुकसान हुआ। कार बनाने वाली कंपनी में गुजरात में कार्यरत सूर्यकांत ओझा ने बताया कि उनका गुरुग्राम तहसील में काम था। हड़ताल के कारण वह नहीं हो सका। इसके बारे में कोई पहले से सूचना नहीं थी। वसीका नवीस की ओर से रजिस्ट्री पेपर तैयार था। जिसे मूलरूप नहीं दिया जा सका। मानेसर में निजी कंपनी के संचालक वीके मिश्रा कहते हैं कि उनकी ओर से मानेसर तहसील में एग्रीमेंट संबंधी कागजात तैयार कराना था। ऐन मौके पर पता चला कि हड़ताल है। इस कारण काम प्रभावित हुआ। राकेश दुआ बताते हैं कि उनकी वजीराबाद तहसील में आज रजिस्ट्री थी। खरीदार अपने परिवार के साथ पहुंचे थे, मगर ठीक मौके पर पता चला कि तहसीलदार की ओर से आज कामकाज ठप रखा गया है। सोहना तहसील कार्यालय में हड़ताल के चलते कामकाज प्रभावित रहा। तहसील में रजिस्ट्री पंजीकरण का कार्य पूर्ण रूप से ठप रहा। लोग अपने कार्यों के लिए बैरंग लौटने को मजबूर रहे। वहीं वसीका नवीस व वकील भी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। तहसील में पहुंचे बाबुओं ने अपने स्तर पर ही कार्य को पूरा किया था।गुरुग्राम, पटौदी, सोहना, फर्रुखनगर, मानेसर पांच तहसील हैं, जबकि कादीपुर, वजीराबाद , बादशाहपुर, हरसरु उप तहसील हैं। जहां पर तहसीलदार के अवकाश पर रहने पर काम प्रभावित हुआ।
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पटवारियों ने हटाई काली पट्टी, काम शुरू
प्रदेश सरकार की ओर से 370 पटावारियों का नाम भ्रष्टाचार की सूची में शामिल किया गया था। इसके बाद जिले के सभी पटवारियों में आक्रोश था। वह काली पट्टी लगाकर काम कर रहे थे। सोमवार को सभी पटवारियों ने विरोध स्वरूप बांधी गई काली पट्टी को हटा दिया। पटवारी एसोसिएशन व सरकार के बीच हुई वार्ता में तय हुआ कि सरकार अभी तक उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। इसलिए वह अपने विरोध के लिए एक्शन का इंतजार करेंगे। पटवारी एसोसिएशन के जिला प्रधान सतपाल यादव ने बताया कि उनकी ओर से जनता के हित को देखते हुए काम को सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है।
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फरीदाबाद में तहसीलदार के खिलाफ मामला दर्ज होने के विरोध में प्रदेश भर के तहसीलदार हड़ताल पर थे। इसी क्रम में जिले की नौ तहसीलों के अधिकारी भी अवकाश पर थे। - नरेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी गुरुग्राम।