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Gurugram News: चौदह साल के संघर्ष के बाद किसानों को मिलना शुरू हुआ मुआवजा

Sun, 12 Jan 2025 11:58 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jan 2025 11:58 PM IST
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After 14 years of struggle, farmers started getting compensation
मानेसर भूमि घोटाले में अब कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुआ मुआवजा वितरण
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रदेश सरकार की ओर से 20 साल पहले जिस जमीन के लिए अधिग्रहण का नोटिस जारी हुआ था, उस जमीन के लिए 14 साल तक कोर्ट में कानूनी संघर्ष के बाद किसानों को उसका फल अब मिलना शुरू हो गया है।
कोर्ट के आदेश के बाद अब किसानों के खाते में मुआवजा आना शुरू हो गया है। आईएमटी मानेसर के विस्तार के लिए अगस्त 2004 में प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने मानेसर, नखड़ौला व नौरंगपुर गांवों की 912 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए सेक्शन-चार का नोटिस जारी कर दिया गया था। वर्ष 2005 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में बनी। हुड्डा की सरकार ने ओम प्रकाश चौटाला सरकार द्वारा शुरू की गई अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया। अगस्त 2005 में जमीन अधिग्रहण के लिए सेक्शन- छह का नोटिस जारी किया गया। दो अगस्त 2007 में सेक्शन-नौ का नोटिस किसानों को भेजा गया। इससे घबराकर किसानों ने औने-पौने कीमत पर अपनी जमीनें बिल्डरों से बेचनी शुरू कर दीं। किसानों को लगा कि सरकार से मुआवजा कम मिलेगा, दरअसल चारों तरफ माहौल ही बिल्डरों के लिए काम करने वाले लोगों ने ऐसा बना दिया था। 24 अगस्त 2007 को प्रदेश सरकार ने अचानक अधिग्रहण करने का फैसला वापस ले लिया। तब तक 444 एकड़ जमीन औने-पौने दाम पर बिल्डर किसानों से खरीद चुके थे।
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इस मामले में 12 अगस्त 2015 को मानेसर थाने में मामला दर्ज कराया गया था। उसमें मानेसर के पूर्व सरपंच ओम प्रकाश यादव को शिकायतकर्ता बनाया गया था। तब तक प्रदेश में भाजपा की सरकार बन चुकी थी। मामला सामने आते ही तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने सीबीआई को जांच सौंप दी। 15 सितंबर 2015 को सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। किसानों की लंबी लड़ाई के बाद अब उसका नतीजा आने लगा है।
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वर्जन
किसानों के साथ सरकार की ओर से किए जा रहे व्यवहार से सभी किसानों को दर्द था। क्योंकि सरकार ने किसानों के साथ छल किया था। मैंने उनके दर्द को हथियार बनाकर संघर्ष शुरू किया। बहुत कठिनाई सामने आई। आखिरकार वह दिन आ गया, जब किसानों के खाते में बढ़ी हुई मुआवजा राशि मिलनी शुरू हो गई है। - ओमप्रकाश यादव, पूर्व सरपंच, मानेसर, शिकायतकर्ता।
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