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Gurugram News: सेक्टरों में खेलने की जगह बनाना भूला प्रशासन, लोगाें ने खुद बनाए मैदान
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- सुनियोजित सेक्टरों में जगह नहीं होने से निजी कॉम्प्लेक्स में जाने को मजबूर बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा ओलंपिक से लेकर एशियाई खेलों तक पदक पाने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए जाना जाता है। मगर, गुरुग्राम में प्रशासन योजनाबद्ध तरीके से बसाए गए सेक्टरों में बच्चों के खेल की जगह बनाना ही भूल गया। सेक्टर में योजनाबद्ध पार्क तो हैं लेकिन, क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल जैसे खेलों के लिए जगह नहीं है। इससे यहां रहने वाले लोगों ने या तो खुद मैदान का निर्माण कर लिया या फिर वह निजी कॉम्प्लेक्स में अपने बच्चों को खेलने के लिए भेज रहे हैं। इसके लिए उनको प्रतिमाह मोटी रकम अदा करनी पड़ रही है।
कुछ जगहों पर आरडब्ल्यूए और लोगों ने बच्चों के खेलने की जगह के लिए संघर्ष किया और सफलता पाई। हालांकि अधिसंख्य सेक्टरों में अब तक खेलों के लिए जगह नहीं है। सेक्टर 15 पार्ट वन में पहले पार्क के साथ लॉन टेनिस और बास्केटबॉल आदि शुरू किया गया। आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासियों ने इसकी शुरुआत कराई। अब निवासियों और खिलाड़ियों की मांग पर जीएमडीए सेक्टर 15 पार्ट टू में मिनी गोल्फ कोर्स, टेनिस कोर्ट, लॉन टेनिस, बास्केटबॉल, स्केटिंग रिंग आदि खेल सुविधाएं शुरू करने जा रहा है।
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स्पोर्ट्स फॉर हेल्थ की मांग रखी
सेक्टर-23ए के निवासियों ने इलाके में नॉर्थ कैंप यूनिवर्सिटी के पास करीब साढ़े छह एकड़ की खाली जगह में खेल का मैदान बनाने का प्रस्ताव रखा है। सेक्टर 23ए के पूर्व आरडब्ल्यूए उपाध्यक्ष भवानी शंकर त्रिपाठी बताते हैं कि यह जगह अस्पताल की साइट है मगर पिछले 30 सालों से यहां कुछ नहीं हुआ। यहां पहले लोग कचरा डंप करते थे बाद में इसे पार्किंग की तरह प्रयोग किया जाने लगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से मांग की गई है कि एक या डेढ़ एकड़ में डिस्पेंसरी बना दी जाए और बाकी जगह पर में खेलों के लिए जगह बना दी जाए। यह इलाका नेहरु स्टेडियम और ताऊ देवी लाल स्टेडियम से काफी दूर है। जिससे बच्चों को काफी परेशानी होती है।
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स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के लिए संघर्ष किया, अब बच्चे जीत रहे मेडल:
सेक्टर-45 के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक बताते हैं कि सेक्टर 45 में लोगों ने हशविप्रा के खाली प्लॉट में स्पोर्टस कांप्लेक्स मिलकर बनाया। इसके लिए तत्कालीन प्रशासक डॉ. प्रवीण कुमार ने अनुमति दी। स्पोर्टस काॅम्प्लेक्स के लिए सरकार से भी अनुदान मिला। उसके बाद से मैदान में तीरंदाजी, लॉन टेनिस, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन आदि खेल होते हैं। सेक्टर के बच्चे तीरंदाजी में जूनियर एशियाड तक में हिस्सा ले चुके हैं और पदक जीत चुके हैं।
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खुद तैयार किया मैदान, हो रहे आयोजन
पालम विहार के लोगों ने इलाके में एक खाली प्लॉट में खेल का मैदान बनाया। अब वहां टूर्नामेंट के आयोजन हो रहे हैं। इस वर्ष बुजुर्गों के लिए क्रिकेट टूर्नामेंट किया गया। करीब आधे एकड़ के इस मैदान में बैंडमिंटन, फुटबॉल आदि बच्चे खेलते हैं। सी वन ब्लाॅक के प्रतिनिधि जीतेंद्र शर्मा बताते हैं कि 20 हजार की आबादी समेटे पालम विहार में कोई भी खेलने की जगह नहीं है। एक खाली प्लॉट को निवासियों ने मिलकर खेलों के लिए विकसित किया। पहले यहां कूड़ा डंप होता था। आरडब्ल्यूए ने मैदान तैयार किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा ओलंपिक से लेकर एशियाई खेलों तक पदक पाने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए जाना जाता है। मगर, गुरुग्राम में प्रशासन योजनाबद्ध तरीके से बसाए गए सेक्टरों में बच्चों के खेल की जगह बनाना ही भूल गया। सेक्टर में योजनाबद्ध पार्क तो हैं लेकिन, क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल जैसे खेलों के लिए जगह नहीं है। इससे यहां रहने वाले लोगों ने या तो खुद मैदान का निर्माण कर लिया या फिर वह निजी कॉम्प्लेक्स में अपने बच्चों को खेलने के लिए भेज रहे हैं। इसके लिए उनको प्रतिमाह मोटी रकम अदा करनी पड़ रही है।
कुछ जगहों पर आरडब्ल्यूए और लोगों ने बच्चों के खेलने की जगह के लिए संघर्ष किया और सफलता पाई। हालांकि अधिसंख्य सेक्टरों में अब तक खेलों के लिए जगह नहीं है। सेक्टर 15 पार्ट वन में पहले पार्क के साथ लॉन टेनिस और बास्केटबॉल आदि शुरू किया गया। आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासियों ने इसकी शुरुआत कराई। अब निवासियों और खिलाड़ियों की मांग पर जीएमडीए सेक्टर 15 पार्ट टू में मिनी गोल्फ कोर्स, टेनिस कोर्ट, लॉन टेनिस, बास्केटबॉल, स्केटिंग रिंग आदि खेल सुविधाएं शुरू करने जा रहा है।
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स्पोर्ट्स फॉर हेल्थ की मांग रखी
सेक्टर-23ए के निवासियों ने इलाके में नॉर्थ कैंप यूनिवर्सिटी के पास करीब साढ़े छह एकड़ की खाली जगह में खेल का मैदान बनाने का प्रस्ताव रखा है। सेक्टर 23ए के पूर्व आरडब्ल्यूए उपाध्यक्ष भवानी शंकर त्रिपाठी बताते हैं कि यह जगह अस्पताल की साइट है मगर पिछले 30 सालों से यहां कुछ नहीं हुआ। यहां पहले लोग कचरा डंप करते थे बाद में इसे पार्किंग की तरह प्रयोग किया जाने लगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से मांग की गई है कि एक या डेढ़ एकड़ में डिस्पेंसरी बना दी जाए और बाकी जगह पर में खेलों के लिए जगह बना दी जाए। यह इलाका नेहरु स्टेडियम और ताऊ देवी लाल स्टेडियम से काफी दूर है। जिससे बच्चों को काफी परेशानी होती है।
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स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के लिए संघर्ष किया, अब बच्चे जीत रहे मेडल:
सेक्टर-45 के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक बताते हैं कि सेक्टर 45 में लोगों ने हशविप्रा के खाली प्लॉट में स्पोर्टस कांप्लेक्स मिलकर बनाया। इसके लिए तत्कालीन प्रशासक डॉ. प्रवीण कुमार ने अनुमति दी। स्पोर्टस काॅम्प्लेक्स के लिए सरकार से भी अनुदान मिला। उसके बाद से मैदान में तीरंदाजी, लॉन टेनिस, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन आदि खेल होते हैं। सेक्टर के बच्चे तीरंदाजी में जूनियर एशियाड तक में हिस्सा ले चुके हैं और पदक जीत चुके हैं।
खुद तैयार किया मैदान, हो रहे आयोजन
पालम विहार के लोगों ने इलाके में एक खाली प्लॉट में खेल का मैदान बनाया। अब वहां टूर्नामेंट के आयोजन हो रहे हैं। इस वर्ष बुजुर्गों के लिए क्रिकेट टूर्नामेंट किया गया। करीब आधे एकड़ के इस मैदान में बैंडमिंटन, फुटबॉल आदि बच्चे खेलते हैं। सी वन ब्लाॅक के प्रतिनिधि जीतेंद्र शर्मा बताते हैं कि 20 हजार की आबादी समेटे पालम विहार में कोई भी खेलने की जगह नहीं है। एक खाली प्लॉट को निवासियों ने मिलकर खेलों के लिए विकसित किया। पहले यहां कूड़ा डंप होता था। आरडब्ल्यूए ने मैदान तैयार किया गया।