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Gurugram News: गुरुग्राम में बसाई जाएगी आधुनिक ग्लोबल सिटी
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विश्व में नई पहचान देगी, रिहाइशी, व्यवसायिक और संस्थागत भवन हाेंगे, चीन और सिंगापुर की तर्ज पर बनेगी
35 प्रतिशत काम पूरा
द्वारका एक्सप्रेसवे और पटौदी रोड के बीच सेक्टर-36 के इलाके में विकसित हो रही
पूनम
गुरुग्राम। दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक विश्वस्तरीय शहर का निर्माण हो रहा है, जिसे ग्लोबल सिटी नाम दिया गया है। हरियाणा औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की ओर से विकसित किए जा रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। चीन और सिंगापुर जैसे विकसित देशों की तर्ज पर बनने वाला यह शहर गुरुग्राम को एक नई वैश्विक पहचान देगा।
लगभग 1000 एकड़ में फैला यह शहर द्वारका एक्सप्रेसवे और पटौदी रोड के बीच सेक्टर-36 में बसाया जा रहा है। इसमें सुनियोजित तरीके से व्यावसायिक, संस्थागत और रिहाइशी क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे गुजरात में गिफ्ट सिटी है। एचएसआईआईडीसी के डीजीएम अरुण गर्ग के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की एक खास विशेषता यूटिलिटी टनल है, जिसमें बिजली, पानी और सीवेज जैसी सभी लाइनें भूमिगत होंगी।
यह परियोजना एक लाख करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित करने की क्षमता रखती है, जिससे लगभग 5.2 लाख लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। चौड़ी सड़कें, हरित क्षेत्र और मजबूत कनेक्टिविटी इसकी प्रमुख खासियत होगी, जो करीब 16 लाख लोगों के जीवन को प्रभावित करेगी। इस सिटी में 10.7 किमी यूटिलिटी टनल होगी, जिसमें वाटर पाइप लाइन, इलेक्ट्रिक केबल, अग्निशमन सेवाएं, लाइटिंग सिस्टम, वेंटिलेशन सिस्टम, फायर डिटेक्शन और अर्थिंग सिस्टम आदि के प्रावधान होंगे।
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अब तक हम लोगों ने आईएमटी और औद्योगिक इलाके विकसित किए थे। हरियाणा में यह पहला प्रोजेक्ट है जिसमें रिहाइशी, व्यवसायिक, स्कूल और अस्पताल आदि संस्थागत इमारतें भी होंगी। इसे विश्वस्तरीय शहर बनाने की कोशिश है। यह गुरुग्राम को नई पहचान दिलाएगी। - सुनील पालीवाल, डीजीएम, स्टेट, एचएसआईआईडीसी
परियोजना पर एक नजर
- 1000 एकड़ में विकसित हो रही है ग्लोबल सिटी, इसमें व्यवसायिक, संस्थागत और रिहाइशी कॉलोनियां बसेंगी।
- पहले चरण में 587 एकड़ पर होगा काम, पहले चरण के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में 940.34 करोड़ रुपये का खर्च।
- तीन जनवरी 2024 को शुरू हुआ था पहले चरण का काम, दो जनवरी 2027 तक पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य।
- अभी तक 13.8 किमी सड़क का निर्माण पूरा, 10.7 किमी यूटिलिटी टनल तैयार।
- सड़क से इसकी कनेक्टिविटी, दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड़्डे, एनपीआर, एसपीआर और एनएच 48 से है।
- ग्लोबल सिटी में सात दिनों के पानी का बैकअप रहेगा।
-पानी की आपूर्ति के लिए इसमें 18 एकड़ में एक 350 मिलियन लीटर क्षमता का मास बैलेंसिंग रिजर्वायर बनाया गया है, जो जल भंडारण का काम करेगा।
-इसमें 125 एकड़ का ग्रीन जोन प्रस्तावित है, 18 एकड़ की एक झील बनाई जाएगी
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35 प्रतिशत काम पूरा
द्वारका एक्सप्रेसवे और पटौदी रोड के बीच सेक्टर-36 के इलाके में विकसित हो रही
पूनम
गुरुग्राम। दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक विश्वस्तरीय शहर का निर्माण हो रहा है, जिसे ग्लोबल सिटी नाम दिया गया है। हरियाणा औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) की ओर से विकसित किए जा रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। चीन और सिंगापुर जैसे विकसित देशों की तर्ज पर बनने वाला यह शहर गुरुग्राम को एक नई वैश्विक पहचान देगा।
लगभग 1000 एकड़ में फैला यह शहर द्वारका एक्सप्रेसवे और पटौदी रोड के बीच सेक्टर-36 में बसाया जा रहा है। इसमें सुनियोजित तरीके से व्यावसायिक, संस्थागत और रिहाइशी क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा, ठीक उसी तरह जैसे गुजरात में गिफ्ट सिटी है। एचएसआईआईडीसी के डीजीएम अरुण गर्ग के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की एक खास विशेषता यूटिलिटी टनल है, जिसमें बिजली, पानी और सीवेज जैसी सभी लाइनें भूमिगत होंगी।
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यह परियोजना एक लाख करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित करने की क्षमता रखती है, जिससे लगभग 5.2 लाख लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। चौड़ी सड़कें, हरित क्षेत्र और मजबूत कनेक्टिविटी इसकी प्रमुख खासियत होगी, जो करीब 16 लाख लोगों के जीवन को प्रभावित करेगी। इस सिटी में 10.7 किमी यूटिलिटी टनल होगी, जिसमें वाटर पाइप लाइन, इलेक्ट्रिक केबल, अग्निशमन सेवाएं, लाइटिंग सिस्टम, वेंटिलेशन सिस्टम, फायर डिटेक्शन और अर्थिंग सिस्टम आदि के प्रावधान होंगे।
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अब तक हम लोगों ने आईएमटी और औद्योगिक इलाके विकसित किए थे। हरियाणा में यह पहला प्रोजेक्ट है जिसमें रिहाइशी, व्यवसायिक, स्कूल और अस्पताल आदि संस्थागत इमारतें भी होंगी। इसे विश्वस्तरीय शहर बनाने की कोशिश है। यह गुरुग्राम को नई पहचान दिलाएगी। - सुनील पालीवाल, डीजीएम, स्टेट, एचएसआईआईडीसी
परियोजना पर एक नजर
- 1000 एकड़ में विकसित हो रही है ग्लोबल सिटी, इसमें व्यवसायिक, संस्थागत और रिहाइशी कॉलोनियां बसेंगी।
- पहले चरण में 587 एकड़ पर होगा काम, पहले चरण के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में 940.34 करोड़ रुपये का खर्च।
- तीन जनवरी 2024 को शुरू हुआ था पहले चरण का काम, दो जनवरी 2027 तक पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य।
- अभी तक 13.8 किमी सड़क का निर्माण पूरा, 10.7 किमी यूटिलिटी टनल तैयार।
- सड़क से इसकी कनेक्टिविटी, दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड़्डे, एनपीआर, एसपीआर और एनएच 48 से है।
- ग्लोबल सिटी में सात दिनों के पानी का बैकअप रहेगा।
-पानी की आपूर्ति के लिए इसमें 18 एकड़ में एक 350 मिलियन लीटर क्षमता का मास बैलेंसिंग रिजर्वायर बनाया गया है, जो जल भंडारण का काम करेगा।
-इसमें 125 एकड़ का ग्रीन जोन प्रस्तावित है, 18 एकड़ की एक झील बनाई जाएगी