फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   A letter was sent to the Governor and the Chief Minister to close the slaughterhouse

Gurugram News: बूचड़खाने बंद कराने के लिए राज्यपाल व मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

Thu, 05 Jun 2025 11:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 05 Jun 2025 11:00 PM IST
विज्ञापन
A letter was sent to the Governor and the Chief Minister to close the slaughterhouse
पीपल फॉर अरावली की रिपॉर्ट में बूचड़खानों से पर्यावरण और कृषि योग्य भूमि को खतरा
विज्ञापन

रिजवान खान
नगीना। मेवात क्षेत्र के बूचड़खानों को लेकर एक रिपोर्ट प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत केंद्र सरकार के मंत्रियों को सामाजिक संगठन मेवात आरटीआई मंच ने भेजी है। इसमें बूचड़खानों से पर्यावरण और कृषि योग्य भूमि को खतरा बताया गया है। वहीं, पीपल फॉर अरावली समूह की रिपोर्ट का समर्थन जलपुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह, विशेषज्ञ डॉ. देविंदर शर्मा, कई राज्यों के सेवानिवृत्त आईएफएस और आईएएस समेत विभिन्न संगठनों ने किया है।
हाल ही में प्रदेश के नूंह, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और भिवानी जिले में अरावली पर्वत की जमीनी रिपोर्ट हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व वन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को सौंपी है। पांच जून को दुनिया भर में विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया गया।
विज्ञापन

मेवात आरटीआई मंच के संरक्षक सुबोध कुमार जैन ने कहा कि मेवात क्षेत्र में धड़ल्ले से लगाए जा रहे बूचड़खानों के कारण क्षेत्र की आबोहवा खराब होती जा रही है। अभी तो कुछ बूचड़खाने ही शुरू हुए हैं। जिस दिन सभी बूचड़खाने बनकर तैयार हो जाएंगे तो लोगों का सांस लेना मुश्किल होगा। बूचड़खानों से निकलने वाले दूषित पानी से जमीनें बर्बाद हो रही हैं। बिरादरी नूंह के अध्यक्ष हाजी इब्राहिम खान का कहना है कि यह सही है कि बूचड़खानों से पर्यावरण में दुर्गंध फैल रही है मक्खियों की तादाद बढ़ गई है। ग्रामीणों को मुंह पर कपड़ा लगाकर निकलना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि, पीपल फॉर अरावली की रिपोर्ट में बताया कि अरावली पहाड़ियां जिस गति से नष्ट हो रही हैं उससे इलाका रेगिस्तान बनने जा रहा है। अरावली एकमात्र ढाल हैं जो थार रेगिस्तान को हरियाणा में फैलने से रोकती है। यह अपनी प्राकृतिक दरारों के साथ, पहाड़ियां हर साल प्रति हेक्टेयर 2 मिलियन लीटर पानी जमीन में डालने की क्षमता रखती हैं। जलवायु कार्य योजना के अनुसार हरियाणा के 22 जिलों में से 95 फीसदी में उच्च और मध्यम जलवायु जोखिम स्कोर है, जिसमें अरावली का नूंह जिला सबसे अधिक असुरक्षित है।
विश्वविख्यात जल संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि हमारे नेताओं को एक ऐसा कानून बनाने पर विचार करना होगा जो उत्तर पश्चिमी भारत की जीवन रेखा अरावली को नष्ट करना न केवल एक अपराध हो बल्कि इसकी कठोर सजा भी हो। यह कानून अरावली की रक्षा करने में विफल रहने वाले सरकारी अधिकारियों पर भी लागू होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अरावली क्षेत्र में अवैध खनन, वनों की कटाई, वृक्षों की कटाई, अवैध अतिक्रमण, वन्यजीवों का शिकार, कचरा डंपिंग और जलाना तथा अन्य गैर-वनीय गतिविधियां न हो। नूंह अरावली में अवैध खनन के 30 से अधिक स्थानों की जानकारी दी गई है।
-----------

बूचड़खानों से निकलने वाली गंदगी को खुले में फेंका जाता है। इसकी वजह से आसपास के लोगों का जीना दूभर हो जाता है। कई बार स्थानीय ग्रामीणों का इसका विरोध करते हैं लेकिन अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर लोगों की आवाज को दबा दिया जाता है। - खालिद हुसैन, ग्रामीण।
-------

बूचड़खानों से निकलने वाली गंदगी से बदबू आती है, जिसकी वजह से स्थानीय लोग कई सारी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। यही नहीं मीट फैक्टरी से निकलने वाले प्रदूषण से भी लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। - वसीम अधिवक्ता, सिंगार।
-------

हमारी मांग है कि आबादी वाले क्षेत्र में बने बूचड़खानों को हटाया जाए। क्योंकि इससे पर्यावरण और कृषि योग्य भूमि को खतरा बना हुआ है। बूचड़खानों से निकलने वाला दूषित पानी उपजाऊ जमीन को बर्बाद कर रहा है। - मोहम्मद फारूक, ग्रामीण पिनगवां।
---------

बूचड़खानों से निकलने वाली दुर्गंध के चलते मक्खियों की तादाद बढ़ती जा रही है। ग्रामीण मुंह पर कपड़ा लगाकर घर से बाहर निकालने को मजबूर हैं। हमारी मांग है कि सरकार को इस ओर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। - सुलेमान, ग्रामीण ढाणा।

-------------

जल्दी ही बुचड़खानों की जांच कराई जाएगी। अनियमितता बरतने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र के लोगों की समस्या को देखते हुए जल्द समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। - लक्ष्मी नारायण, एसडीएम फिरोजपुर झिरका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed