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Gurugram News: जालसाज ने परिचित बताकर आईटी कर्मी से 43 हजार कराए ट्रांसफर
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यूपीआई न चलने की बात कहकर ठगी को दिया अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दोस्त का परिचित बताकर एक जालसाज ने आईटी कर्मी से 43 हजार रुपये ट्रांसफर करके ठगी कर ली। यूपीआई न चलने की बात कहकर ऑनलाइन धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर अपराध थाना दक्षिण में मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
सोहना की अरावली होम्स सोसाइटी निवासी मंजीत कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह आईटी कर्मी है। 15 अक्तूबर को उसके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले खुद को उसके दोस्त राहुल का परिचित बताया। उसने कहा कि राहुल की यूपीआई नहीं चल रही, जबकि उसे राहुल को 12 हजार रुपये भेजने हैं। ऐसे में उसने वे रुपये मंजीत कुमार को भेजने की पेशकश की।
मंजीत कुमार की सहमति पर उसके पास 10 हजार रुपये भेजे जाने का मैसेज आया। इसके बाद कॉल करने वाले मंजीत कुमार को कहा कि उसने गलती से दो हजार रुपये की बजाय 20 हजार रुपये भेज दिए हैं। इस पर मंजीत ने उसे 18 हजार रुपये उसे पेटीएम के माध्यम से भेज दिए। इसके बाद भी कॉल करने वाले ने 25 हजार रुपये और भेजने की बात कही तो मंजीत कुमार ने यह राशि भी उसे भेज दी। जब मंजीत कुमार ने अपने बैंक खाते का बैलेंस जांचा तो उसके खाते में रुपये नहीं आए थे। जालसाज युवक ने उसको झांसे में लेकर उससे 43 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दोस्त का परिचित बताकर एक जालसाज ने आईटी कर्मी से 43 हजार रुपये ट्रांसफर करके ठगी कर ली। यूपीआई न चलने की बात कहकर ऑनलाइन धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर अपराध थाना दक्षिण में मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
सोहना की अरावली होम्स सोसाइटी निवासी मंजीत कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह आईटी कर्मी है। 15 अक्तूबर को उसके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले खुद को उसके दोस्त राहुल का परिचित बताया। उसने कहा कि राहुल की यूपीआई नहीं चल रही, जबकि उसे राहुल को 12 हजार रुपये भेजने हैं। ऐसे में उसने वे रुपये मंजीत कुमार को भेजने की पेशकश की।
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मंजीत कुमार की सहमति पर उसके पास 10 हजार रुपये भेजे जाने का मैसेज आया। इसके बाद कॉल करने वाले मंजीत कुमार को कहा कि उसने गलती से दो हजार रुपये की बजाय 20 हजार रुपये भेज दिए हैं। इस पर मंजीत ने उसे 18 हजार रुपये उसे पेटीएम के माध्यम से भेज दिए। इसके बाद भी कॉल करने वाले ने 25 हजार रुपये और भेजने की बात कही तो मंजीत कुमार ने यह राशि भी उसे भेज दी। जब मंजीत कुमार ने अपने बैंक खाते का बैलेंस जांचा तो उसके खाते में रुपये नहीं आए थे। जालसाज युवक ने उसको झांसे में लेकर उससे 43 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली है।
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