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Gurugram News: तीन राज्यों को नहीं जोड़ पा रही चंद कदम की दूरी
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13 किलोमीटर की दूरी पार करने के लिए 43 किलोमीटर का फेर
-मामले में 2 दिसंबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई
-नगीना क्षेत्र के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी चिट्ठी
राजूददीन जंग
नगीना। चंद कदम की दूरी को पाटने के लिए सीधी सड़क बना दी जाए तो हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की जनता को सीधा लाभ होगा। सड़क न होने के कारण दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं को भिवाड़ी और फिरोजपुर झिरका होते हुए श्री दिगंबर जैन मंदिर के दर्शन करने के लिए 43 किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ता है। हालांकि प्रदेश में अपने दम पर पहली बार सरकार बनाने वाली भाजपा ने 3 दिसंबर 2015 को नगीना तिजारा सड़क बनाने की घोषणा की थी, जिसका निर्माण कार्य आधा हो चुका है। इससे पहले, 1 जून 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नगीना तिजारा सड़क को फोरलेन बनाने की घोषणा की थी और उन्होंने करीब 20 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया था। इस मामले में दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दो दिसंबर को दोबारा सुनवाई होनी है। क्षेत्र वासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार को एक चिट्ठी लिखी है।
जागरूक कार्यकर्ता हाजी अली मोहम्मद, वरिष्ठ अधिवक्ता सुबोध कुमार जैन ने बताया कि जानबूझकर ठेकेदार टेंडर जारी होने के बाद भी रोड नहीं बना रहा है इसलिए किसी दूसरे ठेकेदार को ठेका दिया जाए। इससे जैन मंदिर तक सीधी सड़क अरावली पहाड़ियों को काटकर बन सकेगी। राजस्थान के तिजारा से हरियाणा के नगीना व उत्तर प्रदेश के मथुरा-आगरा भी जुड़ जाएंगे। बजट इतना कम होने के कारण कंपनियां टेंडर लेने के बावजूद पीछे हट रही हैं। जैन धर्म के अलावा सभी धर्मों के लोग दोनों प्रदेशों में भाजपा सरकार बनने से खुश हैं। आधा निर्माण कार्य होने के बाद भी कानूनी पेंच और सरकार की लेटलतीफी से रोड अटका हुआ है। बता दें कि नगीना और तिजारा क्षेत्र में रोटी बेटी का रिश्ता है जिस कारण तकरीबन 20000 रिश्तेदारियां हैं जिन्हें आने-जाने के लिए तिजारा से तावडू और नूंह होते हुए नगीना, पिनगवां व पुनहाना-होडल-मथुरा आना पड़ता है। तिजारा से दूसरा रास्ता फिरोजपुर झिरका होते हुए नगीना का है। यह दोनों रास्ते करीब 50 किलोमीटर दूर पढ़ते हैं। जबकि नगीना से तिजारा के लिए सीधी सड़क बना दी जाए तो यह दूरी सिमट कर 13 किलोमीटर रह जाएगी।
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फरवरी 2020 से बंद पड़ा है काम
अगस्त 2018 में नगीना से तिजारा रोड को बनाने के लिए अरावली पहाड़ को काटने का कार्य शुरू किया गया था, जिसका 50 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। फरवरी 2020 में कोरोना महामारी के कारण मजदूर घर चले गए और एसकेआर कंपनी ने टेंडर छोड़ दिया। इस साल मई में टेंडर जारी किया गया, अब वो कंपनी भी काम नहीं करना चाहती और मामले को हाईकोर्ट में डाल रखा है। नगीना में 4 किलोमीटर और तिजारा में 9 किलोमीटर का रोड अरावली को काटकर बनाना है। निर्माण पर पौने 4 करोड़ रुपए का बजट खर्च होगा।
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आस मोहम्मद, एसडीओ, सड़क एवं लोक निर्माण विभाग फिरोजपुर झिरका
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-मामले में 2 दिसंबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई
-नगीना क्षेत्र के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी चिट्ठी
राजूददीन जंग
नगीना। चंद कदम की दूरी को पाटने के लिए सीधी सड़क बना दी जाए तो हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की जनता को सीधा लाभ होगा। सड़क न होने के कारण दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं को भिवाड़ी और फिरोजपुर झिरका होते हुए श्री दिगंबर जैन मंदिर के दर्शन करने के लिए 43 किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ता है। हालांकि प्रदेश में अपने दम पर पहली बार सरकार बनाने वाली भाजपा ने 3 दिसंबर 2015 को नगीना तिजारा सड़क बनाने की घोषणा की थी, जिसका निर्माण कार्य आधा हो चुका है। इससे पहले, 1 जून 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नगीना तिजारा सड़क को फोरलेन बनाने की घोषणा की थी और उन्होंने करीब 20 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया था। इस मामले में दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दो दिसंबर को दोबारा सुनवाई होनी है। क्षेत्र वासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार को एक चिट्ठी लिखी है।
जागरूक कार्यकर्ता हाजी अली मोहम्मद, वरिष्ठ अधिवक्ता सुबोध कुमार जैन ने बताया कि जानबूझकर ठेकेदार टेंडर जारी होने के बाद भी रोड नहीं बना रहा है इसलिए किसी दूसरे ठेकेदार को ठेका दिया जाए। इससे जैन मंदिर तक सीधी सड़क अरावली पहाड़ियों को काटकर बन सकेगी। राजस्थान के तिजारा से हरियाणा के नगीना व उत्तर प्रदेश के मथुरा-आगरा भी जुड़ जाएंगे। बजट इतना कम होने के कारण कंपनियां टेंडर लेने के बावजूद पीछे हट रही हैं। जैन धर्म के अलावा सभी धर्मों के लोग दोनों प्रदेशों में भाजपा सरकार बनने से खुश हैं। आधा निर्माण कार्य होने के बाद भी कानूनी पेंच और सरकार की लेटलतीफी से रोड अटका हुआ है। बता दें कि नगीना और तिजारा क्षेत्र में रोटी बेटी का रिश्ता है जिस कारण तकरीबन 20000 रिश्तेदारियां हैं जिन्हें आने-जाने के लिए तिजारा से तावडू और नूंह होते हुए नगीना, पिनगवां व पुनहाना-होडल-मथुरा आना पड़ता है। तिजारा से दूसरा रास्ता फिरोजपुर झिरका होते हुए नगीना का है। यह दोनों रास्ते करीब 50 किलोमीटर दूर पढ़ते हैं। जबकि नगीना से तिजारा के लिए सीधी सड़क बना दी जाए तो यह दूरी सिमट कर 13 किलोमीटर रह जाएगी।
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फरवरी 2020 से बंद पड़ा है काम
अगस्त 2018 में नगीना से तिजारा रोड को बनाने के लिए अरावली पहाड़ को काटने का कार्य शुरू किया गया था, जिसका 50 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। फरवरी 2020 में कोरोना महामारी के कारण मजदूर घर चले गए और एसकेआर कंपनी ने टेंडर छोड़ दिया। इस साल मई में टेंडर जारी किया गया, अब वो कंपनी भी काम नहीं करना चाहती और मामले को हाईकोर्ट में डाल रखा है। नगीना में 4 किलोमीटर और तिजारा में 9 किलोमीटर का रोड अरावली को काटकर बनाना है। निर्माण पर पौने 4 करोड़ रुपए का बजट खर्च होगा।
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आस मोहम्मद, एसडीओ, सड़क एवं लोक निर्माण विभाग फिरोजपुर झिरका