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Gurugram News: पजेशन न देने से हुए नुकसान पर निवेश की राशि का 75% देना होगा मुआवजा

Tue, 12 May 2026 12:41 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 12:41 AM IST
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75% of the investment amount will have to be compensated for the loss incurred due to non-possession.
इंपीरेया कंपनी देगी मुआवजा, आठ साल की देरी से भी नहीं दे सके थे मुआवजा
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विराट त्यागी
गुरुग्राम। एनआरआई को फ्लैट का पजेशन न मिलने से हुए वित्तीय नुकसान पर हरेरा ने कंपनी को आदेश दिया है कि खरीदार की तरफ से निवेश की गई राशि की 75 प्रतिशत राशि मुआवजे के तौर पर देनी होगी। यह आदेश हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) गुरुग्राम के निर्णायक अधिकारी राजेंद्र कुमार ने दिया है। कंपनी खरीदार के रुपये पहले ही ब्याज के साथ वापस कर चुकी है।

मूल रूप से दिल्ली के वसंत कुंज निवासी करण सचदेवा ने प्राधिकरण में दायर की याचिका में बताया कि वह मौजूदा समय में कनाडा में रह रहे हैं। उन्होंने सेक्टर-37 में इंपीरिया स्ट्रक्चर की तरफ से विकसित की जा रही इंपीरिया द एस्फेरा में एक फ्लैट खरीदा था। कंपनी के साथ 12 मार्च 2015 में फ्लैट के लिए करार किया था। फ्लैट के लिए टाटा कैपिटल हाउसिंग कंपनी से 72 .60 लाख रुपये का लोन भी लिया गया था। उनका कहना है कि इस लोन की किस्त बिल्डर कंपनी को फ्लैट के पजेशन तक खुद देनी थी। उनका कहना है कि सात से आठ साल बीत जाने के बाद भी उन्हें फ्लैट का पजेशन नहीं दिया गया था। इसके बाद उन्होंने 2021 में उन्होंने प्राधिकरण में याचिका दायर की। याचिका पर फैसला देते हुए प्राधिकरण ने आदेश दिया है कि वह खरीदार की तरफ से दिए गए 77.63 लाख रुपये को कंपनी ब्याज के साथ वापस करे।
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कंपनी ने दलील दी कि प्राधिकरण के आदेश के अनुसार खरीदार की तरफ से लिए गए लोन की राशि उन्हें देनी थी। उसके बाद अगर राशि बचती है तो उसको खरीदार को देनी थी। 2015 में खरीदार ने 67 लाख रुपये लोन लिया था और करीब पांच लाख रुपये अपनी तरफ से दिए थे। उन्होंने दलील दी कि जब उन्हें ब्याज समेत रुपये मिल गए तो वह मुआवजे की मांग नहीं कर सकते।
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प्राधिकरण ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि सेक्टर-37 में 2016 और 2022 में संपत्ति के मूल्य में काफी फर्क आ गया है। करीब 75 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। ऐसे में खरीदार की तरफ से कुल 77.63 लाख रुपये कंपनी को दिए गए थे। अगर वह सेक्टर-37 में अन्य जगह पर लगाते तो 75 प्रतिशत के अनुसार उन्हें 58.23 लाख रुपये की बढ़ोतरी मिलती। प्राधिकरण ने इंपीरिया कंपनी को आदेश दिया है कि वह 58.23 लाख रुपये 11 प्रतिशत की दर से उन्हें दे। इसके साथ ही उन्हें हुई मानसिक परेशानी होने पर एक लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर हुए खर्च के लिए 50 हजार रुपये भी दिए जाए।
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