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Gurugram News: द्वारका एक्सप्रेसवे के लिए शिफ्ट की गई 720 केवी लाइन
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अगले दो महीनों में हरियाणा वाले हिस्से को शुरू करने के लिए एनएचएआई कर रहा दिन रात काम
गुरुग्राम। 29 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेस वे को बनाने के लिए देश में पहली बार 720 केवी की पूरी लाइन को शिफ्ट करने का काम किया गया। इसमें हरियाणा सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों की अहम भूमिका रही। द्वारका एक्सप्रेसवे के हरियाणा वाले हिस्से को अगले दो महीनों में शुरू कर देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) दिन रात काम कर रहा है। पूरे एक्सप्रेसवे को अप्रैल-2024 तक शुरू करने की बात केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले दिनों तब यहां निरीक्षण के दौरान कही थी।
10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 29.6 किलोमीटर लंबाई का देश का पहला एलिवेटेड 8-लेन एक्सेस कंट्रोल द्वारका एक्सप्रेस वे अप्रैल 2024 में लगभग पूरा हो जाएगा। हरियाणा में 18.9 किलोमीटर सिंगल पिलर और दिल्ली में 10.1 किलोमीटर लंबे सिंगल पिलर पर 34 मीटर चौड़ा एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है।
इस एक्सप्रेसवे का सड़क नेटवर्क चार स्तरों का है। टनल, अंडरपास, ग्रेड रोड, एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर थ्री लेन सर्विस रोड का निर्माण किया जा रहा है। दिल्ली में इस एक्सप्रेसवे पर देश की सबसे चौड़ी 3.6 किलोमीटर लंबी 8 लेन की सुरंग बनाई जा रही है। इससे हरियाणा और पश्चिमी दिल्ली के लोगों का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संपर्क बेहतर होगा।
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द्वारका एक्सप्रेस-वे का निर्माण चार खंडों में है। जिनमें दिल्ली क्षेत्र में पहला महिपालपुर के शिव मूर्ति से बिजवासन तक (5.9 किमी), दूसरा बिजवासन आरओबी से गुरुग्राम में दिल्ली-हरियाणा सीमा तक (4.2 किमी), हरियाणा क्षेत्र में तीसरा दिल्ली-हरियाणा सीमा से बसई आरओबी तक (10.2 किमी) तथा चौथा बसई आरओबी से खेड़की दौला (क्लोवरलीफ इंटरचेंज) तक (8.7 किमी) है। गत 18 मई तो एक्सप्रेस वे के निरीक्षण के लिए आए केंद्रीय भूतल परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि जनता की सुविधा के लिए एक्सप्रेस वे पर जहां जहां कट देने होंगे वहां उन्हें दिया जाएगा। इस पर स्थानीय जरूरतों को देखते हुए फैसला लिया जाएगा।
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हम एक्सप्रेस वे के हरियाणा वाले हिस्से को अगले दो महीनों में जल्द से जल्द शुरू कर सकें, इसके लिए दिन रात काम चल रहा है। पूरी कोशिश है समय पर काम पूरा हो जाए।- निर्माण जांबभूलकर, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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गुरुग्राम। 29 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेस वे को बनाने के लिए देश में पहली बार 720 केवी की पूरी लाइन को शिफ्ट करने का काम किया गया। इसमें हरियाणा सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों की अहम भूमिका रही। द्वारका एक्सप्रेसवे के हरियाणा वाले हिस्से को अगले दो महीनों में शुरू कर देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) दिन रात काम कर रहा है। पूरे एक्सप्रेसवे को अप्रैल-2024 तक शुरू करने की बात केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले दिनों तब यहां निरीक्षण के दौरान कही थी।
10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 29.6 किलोमीटर लंबाई का देश का पहला एलिवेटेड 8-लेन एक्सेस कंट्रोल द्वारका एक्सप्रेस वे अप्रैल 2024 में लगभग पूरा हो जाएगा। हरियाणा में 18.9 किलोमीटर सिंगल पिलर और दिल्ली में 10.1 किलोमीटर लंबे सिंगल पिलर पर 34 मीटर चौड़ा एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है।
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इस एक्सप्रेसवे का सड़क नेटवर्क चार स्तरों का है। टनल, अंडरपास, ग्रेड रोड, एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर थ्री लेन सर्विस रोड का निर्माण किया जा रहा है। दिल्ली में इस एक्सप्रेसवे पर देश की सबसे चौड़ी 3.6 किलोमीटर लंबी 8 लेन की सुरंग बनाई जा रही है। इससे हरियाणा और पश्चिमी दिल्ली के लोगों का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संपर्क बेहतर होगा।
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द्वारका एक्सप्रेस-वे का निर्माण चार खंडों में है। जिनमें दिल्ली क्षेत्र में पहला महिपालपुर के शिव मूर्ति से बिजवासन तक (5.9 किमी), दूसरा बिजवासन आरओबी से गुरुग्राम में दिल्ली-हरियाणा सीमा तक (4.2 किमी), हरियाणा क्षेत्र में तीसरा दिल्ली-हरियाणा सीमा से बसई आरओबी तक (10.2 किमी) तथा चौथा बसई आरओबी से खेड़की दौला (क्लोवरलीफ इंटरचेंज) तक (8.7 किमी) है। गत 18 मई तो एक्सप्रेस वे के निरीक्षण के लिए आए केंद्रीय भूतल परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि जनता की सुविधा के लिए एक्सप्रेस वे पर जहां जहां कट देने होंगे वहां उन्हें दिया जाएगा। इस पर स्थानीय जरूरतों को देखते हुए फैसला लिया जाएगा।
हम एक्सप्रेस वे के हरियाणा वाले हिस्से को अगले दो महीनों में जल्द से जल्द शुरू कर सकें, इसके लिए दिन रात काम चल रहा है। पूरी कोशिश है समय पर काम पूरा हो जाए।- निर्माण जांबभूलकर, परियोजना निदेशक, एनएचएआई