{"_id":"5d49c3148ebc3e6d1b73fdc1","slug":"7-years-jail-of-bussinessman-gurgaon-news-noi4536930192","type":"story","status":"publish","title_hn":"7 साल के लंबे इंतजार के बाद आरोपी बिजनसमैन दोषी करार, दो साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
7 साल के लंबे इंतजार के बाद आरोपी बिजनसमैन दोषी करार, दो साल की कैद
विज्ञापन
गुरुग्राम। सात साल पहले सेक्टर-29 लेजरवैली मैदान के पास चर्चित बीएमडब्ल्यू केस में मंगलवार को जिला अदालत ने फैसला सुना दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंतरप्रीत कौर ने बिजनसमैन सूरज अहलावत को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई। अदालत ने विभिन्न वाहन अधिनियम की धाराओं के उल्लंघन में भी दोषी पर 7500 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सरकारी अधिवक्ता जगवीर सहरावत ने बताया कि पांच मई 2012 को मध्यप्रदेश के भिलाई निवासी राजेंद्रा कुमार चोपड़ा (68) मेदांता अस्पताल में उपचार कराने के बाद छुट्टी कराकर अपनी पत्नी वीना, बेटी क्षमा और दामाद शैलेश के साथ टाटा इंडिगो टैक्सी में दिल्ली जा रहे थे। कैब संजय गुलाटी चला रहा था। कैब जब सेक्टर-29 लैजरवैली मैदान से इफको टावर के चौक पर पहुंची तो सेक्टर-29 की ओर से तेज रफ्तार में आ रही सिल्वर रंग की बीएमडब्ल्यू कार एचआर-25 एवी 0007 ने कैब के दायीं तरफ जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इंडिगो कार कई फुट हवा में उछलकर दूर जा गिरी। हादसे में कार चालक संजय गुलाटी और बेटी क्षमा की मौके पर ही मौत हो गई जबकि राजेंद्रा चोपड़ा उनकी पत्नी वीना और दामाद शैलेश गंभीर से घायल हो गए। हादसे में बीएमडब्ल्यू कार में सवार नाबालिग युवक को भी गंभीर चोटें लगी थी। हादसे के बाद पुलिस की मदद से आरोपी चालक को पकड़ लिया गया जिसकी पहचान सुखराली गांव निवासी सूरज के रूप में हुई। हादसे के वक्त वह छात्र था। सात साल तक चली सुनवाई के दौरान आरोपी छात्र फिलहाल बिजनेसमैन है। मंगलवार को जिला अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर पीड़ित पक्ष में फैसला सुनाते हुए आरोपी सूरज को दो साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को एक हफ्ते में समर्पण करने या सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने के की हिदायत दी है।
विज्ञापन
सरकारी अधिवक्ता जगवीर सहरावत ने बताया कि पांच मई 2012 को मध्यप्रदेश के भिलाई निवासी राजेंद्रा कुमार चोपड़ा (68) मेदांता अस्पताल में उपचार कराने के बाद छुट्टी कराकर अपनी पत्नी वीना, बेटी क्षमा और दामाद शैलेश के साथ टाटा इंडिगो टैक्सी में दिल्ली जा रहे थे। कैब संजय गुलाटी चला रहा था। कैब जब सेक्टर-29 लैजरवैली मैदान से इफको टावर के चौक पर पहुंची तो सेक्टर-29 की ओर से तेज रफ्तार में आ रही सिल्वर रंग की बीएमडब्ल्यू कार एचआर-25 एवी 0007 ने कैब के दायीं तरफ जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इंडिगो कार कई फुट हवा में उछलकर दूर जा गिरी। हादसे में कार चालक संजय गुलाटी और बेटी क्षमा की मौके पर ही मौत हो गई जबकि राजेंद्रा चोपड़ा उनकी पत्नी वीना और दामाद शैलेश गंभीर से घायल हो गए। हादसे में बीएमडब्ल्यू कार में सवार नाबालिग युवक को भी गंभीर चोटें लगी थी। हादसे के बाद पुलिस की मदद से आरोपी चालक को पकड़ लिया गया जिसकी पहचान सुखराली गांव निवासी सूरज के रूप में हुई। हादसे के वक्त वह छात्र था। सात साल तक चली सुनवाई के दौरान आरोपी छात्र फिलहाल बिजनेसमैन है। मंगलवार को जिला अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर पीड़ित पक्ष में फैसला सुनाते हुए आरोपी सूरज को दो साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को एक हफ्ते में समर्पण करने या सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने के की हिदायत दी है।
विज्ञापन