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6299 लोगों को मिला आयुष्मान भारत योजना का लाभ
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गुरुग्राम (पंकज मोहन मिश्रा )। जिला उपायुक्त की फटकार के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयुष्मान भारत योजना पर एक बार फिर से तेजी से काम शुरू हो चुका है। इसकी बड़ी वजह यह भी है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जय) के तहत गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर उन लोगों को भी बेहतर इलाज की सुविधा मिल जाती है, जो निजी अस्पतालों में भारी-भरकम खर्च उठाने में अक्षम होते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक जिले में 6299 लोगों का योजना के तहत इलाज हो चुका है, जिस पर सरकार के 5 करोड़ 45 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हुए हैं। अभी जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 34 अस्पतालों में लोगों को इलाज की सुविधा मिल रही है। इसमें 11 शासकीय व 23 निजी अस्पताल शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में अब तक लक्ष्य के मुताबिक 25 फीसदी लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं जबकि 33 फीसदी परिवारों को कवर किया जा चुका है। इनमें एक व्यक्ति व परिवार दोनों शामिल हैं।
शासकीय अस्पतालों में भी बन सकता है कार्ड
विभाग के मुताबिक योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए शिविर लगाए जाएंगे। वहीं, लाभार्थी चाहें तो सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल, पटौदी व सोहना के उपमंडल अस्पताल समेत कॉमन सर्विस सेंटर पर भी जाकर अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड या राशन कार्ड व मोबाइल नंबर जरूरी होगा। लाभार्थी सरकारी खर्चे पर 5 लाख तक का इलाज करा सकते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में अब तक 90330 परिवार आयुष्मान भारत योजना से जुड़ चुके हैं। इसके लिए गुरुग्राम जिले से अब तक 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिल भी जनरेट हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सभी 3 लाख 58 हजार गोल्डन कार्ड बन जाने पर जिले से जनरेट होने वाला सालाना बिल 3 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
योजना से जुड़े ये निजी अस्पताल
आयुष्मान भारत योजना के तहत जुड़े निजी अस्पतालों में पार्क अस्पताल, उमा संजीवनी, डब्ल्यू प्रतीक्षा हॉस्पिटल, सेंटर फॉर साइट गुड़गांव, चिराग हॉस्पिटल, दयाल आई सेंटर, मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, सुदर्शन पॉली डेंटल सेंटर, मुस्कान हॉस्पिटल, एसजीटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, मेयोम हॉस्पिटल, कमला हॉस्पिटल, भनोट हॉस्पिटल, आई क्यू विजन प्राइवेट लिमिटेड, मुस्कान डेंटल्स, आहूजा आई एंड डेंटल इंस्टीट्यूट, गीतांजलि हॉस्पिटल, केके हेल्थ सेंटर, 7 मेड हॉस्पिटल, सिग्नेचर हॉस्पिटल, सनराइज, पुष्पांजलि अस्पताल शामिल हैं।
इन शासकीय अस्पतालों में मिलेगा इलाज
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिन सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी, उनमें सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल, नागरिक अस्पताल गुरुग्राम, सेक्टर-31 पॉलीक्लिनिक, उपमंडल अस्पताल पटौदी, उपमंडल नागरिक अस्पताल सोहना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फर्रुखनगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंघौला शामिल हैं जबकि 7 अन्य शासकीय अस्पतालों में जल्द ही योजना के तहत इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के आंकड़े एक नजर में :
योजना से जुड़े कुल अस्पताल - 34
योजना से जुड़े निजी अस्पताल - 23
योजना से जुड़े शासकीय अस्पताल - 23
कुल लाभार्थी परिवार - 86773
योजना के तहत पात्र लाभार्थी - 358601
इतने परिवारों का बना गोल्डन कार्ड - 29081
इतने लोगों का बना गोल्डन कार्ड - 90330
जिले में इतने लोगों ने कराया इलाज - 6299
निजी अस्पतालों में इतनों का इलाज - 4993
शासकीय अस्पतालों में इतनों का इलाज - 1306
-आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 25 फीसदी लोगों का कार्ड बनाया जा चुका है। योजना का ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिले, इसके लिए हम लगातार प्रयासरत हैं। आगामी दिनों में शिविर लगाकर लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे।
- डॉ. नरेश गर्ग, नोडल अधिकारी गुरुग्राम, आयुष्मान भारत योजना
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक जिले में 6299 लोगों का योजना के तहत इलाज हो चुका है, जिस पर सरकार के 5 करोड़ 45 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हुए हैं। अभी जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 34 अस्पतालों में लोगों को इलाज की सुविधा मिल रही है। इसमें 11 शासकीय व 23 निजी अस्पताल शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में अब तक लक्ष्य के मुताबिक 25 फीसदी लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं जबकि 33 फीसदी परिवारों को कवर किया जा चुका है। इनमें एक व्यक्ति व परिवार दोनों शामिल हैं।
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शासकीय अस्पतालों में भी बन सकता है कार्ड
विभाग के मुताबिक योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए शिविर लगाए जाएंगे। वहीं, लाभार्थी चाहें तो सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल, पटौदी व सोहना के उपमंडल अस्पताल समेत कॉमन सर्विस सेंटर पर भी जाकर अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड या राशन कार्ड व मोबाइल नंबर जरूरी होगा। लाभार्थी सरकारी खर्चे पर 5 लाख तक का इलाज करा सकते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में अब तक 90330 परिवार आयुष्मान भारत योजना से जुड़ चुके हैं। इसके लिए गुरुग्राम जिले से अब तक 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिल भी जनरेट हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सभी 3 लाख 58 हजार गोल्डन कार्ड बन जाने पर जिले से जनरेट होने वाला सालाना बिल 3 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
योजना से जुड़े ये निजी अस्पताल
आयुष्मान भारत योजना के तहत जुड़े निजी अस्पतालों में पार्क अस्पताल, उमा संजीवनी, डब्ल्यू प्रतीक्षा हॉस्पिटल, सेंटर फॉर साइट गुड़गांव, चिराग हॉस्पिटल, दयाल आई सेंटर, मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, सुदर्शन पॉली डेंटल सेंटर, मुस्कान हॉस्पिटल, एसजीटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, मेयोम हॉस्पिटल, कमला हॉस्पिटल, भनोट हॉस्पिटल, आई क्यू विजन प्राइवेट लिमिटेड, मुस्कान डेंटल्स, आहूजा आई एंड डेंटल इंस्टीट्यूट, गीतांजलि हॉस्पिटल, केके हेल्थ सेंटर, 7 मेड हॉस्पिटल, सिग्नेचर हॉस्पिटल, सनराइज, पुष्पांजलि अस्पताल शामिल हैं।
इन शासकीय अस्पतालों में मिलेगा इलाज
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिन सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी, उनमें सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल, नागरिक अस्पताल गुरुग्राम, सेक्टर-31 पॉलीक्लिनिक, उपमंडल अस्पताल पटौदी, उपमंडल नागरिक अस्पताल सोहना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फर्रुखनगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंघौला शामिल हैं जबकि 7 अन्य शासकीय अस्पतालों में जल्द ही योजना के तहत इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के आंकड़े एक नजर में :
योजना से जुड़े कुल अस्पताल - 34
योजना से जुड़े निजी अस्पताल - 23
योजना से जुड़े शासकीय अस्पताल - 23
कुल लाभार्थी परिवार - 86773
योजना के तहत पात्र लाभार्थी - 358601
इतने परिवारों का बना गोल्डन कार्ड - 29081
इतने लोगों का बना गोल्डन कार्ड - 90330
जिले में इतने लोगों ने कराया इलाज - 6299
निजी अस्पतालों में इतनों का इलाज - 4993
शासकीय अस्पतालों में इतनों का इलाज - 1306
-आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 25 फीसदी लोगों का कार्ड बनाया जा चुका है। योजना का ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिले, इसके लिए हम लगातार प्रयासरत हैं। आगामी दिनों में शिविर लगाकर लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे।
- डॉ. नरेश गर्ग, नोडल अधिकारी गुरुग्राम, आयुष्मान भारत योजना