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Gurugram News: साइबर सिटी में 571 को अंग प्रत्यारोपण का इंतजार

Sun, 07 Apr 2024 01:59 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 07 Apr 2024 01:59 AM IST
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571 waiting for organ transplant in cyber city
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अंग लेने वाले लोगों की संख्या ज्यादा, विभाग लोगों को कर रहा है जागरूक
रोजी सिन्हा
गुरुग्राम। साइबर सिटी में अंग प्रत्यारोपण के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। लोगों में अंगदान को लेकर जागरूकता की कमी के चलते दिन प्रतिदिन यह संख्या बढ़ती जा रही है। नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन के वर्ष 2023 के आकंडों के मुताबिक शहर में 571 लोग अंग प्रत्यारोपण के लिए इंतजार कर रहे हैं। वहीं अंगदान करने वालों की संख्या अंग का इंतजार कर रहे लोगों की संख्या से कम है। इस वर्ष अभी तक मात्र 164 लोग अंग देने के लिए आगे आए हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा अंग प्रत्यारोपण के संबंध में लोगों को जागरूक भी किया जाता है, परंतु जमीनी स्तर पर इसका असर नहीं दिख रहा है। इसके अलावा शहर में अंग प्रत्यारोपण करने के लिए डोनर पूल भी नहीं है जिसकी वजह से भी लोग अंगदान करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।

अंग प्रत्यारोपण के लिए शहर के ये अस्पताल है रजिस्ट्रर्ड
अंग प्रत्यारोपण करना एक तरह की सर्जरी होती है, जिसमें टिश्यू और अंग दोनों को ही ट्रांसप्लांट किया जा सकता है। अंग में हार्ट, लंग, हार्ट-लंग, किडनी, लिवर, पैनक्रियाज, इंटेस्टाइन, थाइमस और यूट्रस शामिल हैं। इसके अलावा कुछ टिश्यू जैसे बोन्स, टेंडोंस, कॉर्निया, स्किन, हार्ट वॉल्वस और नसों को भी ट्रांसप्लांट किया जाता है। शहर में 17 अस्पताल अंग प्रत्यारोपण के लिए रजिस्टर्ड हैं जिसमें मेंदाता, फॉर्टिस, पारस ,मणिपाल सहित कई अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण किया जाता है।
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यह है अंगदान का नियम
ब्रेन डेड या मर चुके व्यक्ति से लिवर, किडनी, हृदय, फेफड़े, आंत और पैंक्रियाज को दान में लिया जा सकता है। इसके अलावा आंख का कॉर्निया, हड्डी, नस, मांसपेशियां, लिगामेंट, कार्टिलेज हृदय वाल्व भी किसी व्यक्ति को दान किए जा सकते हैं वहीं कोई व्यक्ति जीवित है तो वो भी अपनी एक किडनी और लिवर का कुछ हिस्सा दान कर सकता है। दरअसल लिवर एक ऐसा ऑर्गन होता है जिसका एक टुकड़ा दान किया जा सकता है। खास बात ये है कि कुछ समय में लिवर अपने पुराने शेप में वापस आ जाता है जिससे दान करने वाले व्यक्ति को बड़ी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।
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क्या है पूरी प्रक्रिया

जीवित व्यक्ति के अंगदान से पहले ये शर्त होती है कि जिसे वो अंगदान कर रहा है वो जरूरतमंद उसका नजदीकी रिश्तेदार होना चाहिए। इसके बाद सबसे पहले अंगदान करने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य की जांच की जाती है, फिर जब डॉक्टर्स अनुमति दे देते हैं तब ही अंगदान की प्रक्रिया शुरू की जाती है।


वर्जन
शहर में अंगदान करने वालों की संख्या बहुत कम है और अंग लेने वालों की संख्या ज्यादा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय- समय पर लोगों को इस संबंध में जागरूक भी किया जाता है।- डॉ वीरेंद्र यादव, सीएमओ स्वास्थ्य विभाग।
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