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ठोस कचरे के रिसाव पानी से नाराज एनजीटी ने निगमायुक्त को किया तलब
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कचरे के पहाड़ों से बह रहे लीचेट से परेशान स्थानीय निवासी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम और इको ग्रीन कंपनी की ओर से अरावली स्थित बंधवाड़ी प्लांट में कचरे का निस्तारण करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इस कारण प्लांट के आस-पास भारी मात्रा में लीचेट बह रहा है। लिहाजा स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कत हो रही है। इतना ही नहीं, पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है।
अगस्त 2017 में नगर निगम और इकोग्रीन कंपनी के बीच कचरे का निस्तारीकरण करने और घर-घर से कचरा उठाने को लेकर एमओयू हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कंपनी ने कचरे के निस्तारीकरण का कार्य शुरू नहीं किया है। इस कारण बंधवाड़ी प्लांट में कचरे के पहाड़ बनने लगे हैं। वहीं अरावली की पहाड़ियों में भी यह लीचेट कई जगहों से बह रहा है।
निगमायुक्त यशपाल यादव ने बताया कि पर्यावरण मंजूरी नहीं मिलने के कारण प्लांट को शुरू नहीं किया जा सका। इस कारण प्लांट में कचरे का निस्तारीकरण भी नहीं हो सका। लिहाजा एनजीटी में जवाब दाखिल किया जाएगा और कचरे का निस्तारण करने के लिए जो सबसे उच्चतम विधि होगी, उसे कराया जाएगा। लीचेट को बहने से रोकने के लिए सलाहकारों की मदद ली जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम और इको ग्रीन कंपनी की ओर से अरावली स्थित बंधवाड़ी प्लांट में कचरे का निस्तारण करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इस कारण प्लांट के आस-पास भारी मात्रा में लीचेट बह रहा है। लिहाजा स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कत हो रही है। इतना ही नहीं, पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है।
अगस्त 2017 में नगर निगम और इकोग्रीन कंपनी के बीच कचरे का निस्तारीकरण करने और घर-घर से कचरा उठाने को लेकर एमओयू हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कंपनी ने कचरे के निस्तारीकरण का कार्य शुरू नहीं किया है। इस कारण बंधवाड़ी प्लांट में कचरे के पहाड़ बनने लगे हैं। वहीं अरावली की पहाड़ियों में भी यह लीचेट कई जगहों से बह रहा है।
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निगमायुक्त यशपाल यादव ने बताया कि पर्यावरण मंजूरी नहीं मिलने के कारण प्लांट को शुरू नहीं किया जा सका। इस कारण प्लांट में कचरे का निस्तारीकरण भी नहीं हो सका। लिहाजा एनजीटी में जवाब दाखिल किया जाएगा और कचरे का निस्तारण करने के लिए जो सबसे उच्चतम विधि होगी, उसे कराया जाएगा। लीचेट को बहने से रोकने के लिए सलाहकारों की मदद ली जाएगी।
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