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आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मचारियों को लेकर निगम एक बार फिर सवालों के घेरे में
Updated Sat, 21 Jul 2018 10:20 PM IST
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आउटसोर्स कर्मचारियों पर निगम फिर सवालों के घेरे में
-चार माह में 1022 कर्मचारियों ने ही जमा कराए जांच कमेटी की ओर से दिए गए फॉर्म
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम में आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मचारियों को लेकर निगम एक बार फिर से सवालों के घेरे में है। आउटसोर्स कर्मचारियों की जांच कर रही कमेटी द्वारा दिया गया फॉर्म सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को भरकर कमेटी को जमा करवाना था। लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी आउटसोर्स पर लगे 1817 में से सिर्फ 1022 कर्मचारियों ने ही अपना फॉर्म कमेटी को जमा करवाया है। हालांकि इसके लिए सभी कर्मचारियों को कमेटी चार बार रिमांडर पत्र भी भेजा जा चुका है।
फॉर्म जमा करने में बरती जा रही लापरवाही का खामियाजा निगम अधिकारियों को सदन की बैठक में भुगतना पड़ सकता है। 25 जुलाई को होने वाली सदन की बैठक में पार्षद इस मुद्दे को उठाने की तैयारी में हैं। नगर निगम में लगे 1817 आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा सदन की पहली बैठक में भी उठा था। इसके बाद सदन की बैठक में आउटसोर्स पर लगे कर्मचारियों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया। इसमें चार पार्षद और निगम अधिकारी को कमेटी में शामिल किया गया।
कमेटी ने आउटसोर्स पर लगे कर्मचारियों की जांच करने के लिए एक फॉर्म सभी कर्मचारियों दिया गया। जिसे भरकर वापस कमेटी को जमा करवाना था। कमेटी एक-एक कर्मचारी को बुलाकर उसका साक्षात्कार भी लेने वाली थी। इस जांच को चलते हुए चार माह बीत चुके हैं, लेकिन निगम के लापरवाह अधिकारियों के कारण आउटसोर्स पर लगे कर्मचारी फॉर्म ही जमा नहीं करवा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि कर्मचारी फॉर्म जमा नहीं करवा रहे या फिर आउटसोर्स पर सिर्फ 1022 ही कर्मचारी कर रहे हैं। हालांकि, इसका खुलासा कमेटी के जांच के बाद हो सकेगा।
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कोट
आउटसोर्स में लगे सभी कर्मचारियों को चार माह में चार बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक सिर्फ आधे कर्मचारियों ने ही अपना फॉर्म जमा करवाया है। सदन की बैठक में यह मुद्दा उठाया जाएगा।
- आरएस राठी, पार्षद वार्ड-34
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-चार माह में 1022 कर्मचारियों ने ही जमा कराए जांच कमेटी की ओर से दिए गए फॉर्म
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम में आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मचारियों को लेकर निगम एक बार फिर से सवालों के घेरे में है। आउटसोर्स कर्मचारियों की जांच कर रही कमेटी द्वारा दिया गया फॉर्म सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को भरकर कमेटी को जमा करवाना था। लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी आउटसोर्स पर लगे 1817 में से सिर्फ 1022 कर्मचारियों ने ही अपना फॉर्म कमेटी को जमा करवाया है। हालांकि इसके लिए सभी कर्मचारियों को कमेटी चार बार रिमांडर पत्र भी भेजा जा चुका है।
फॉर्म जमा करने में बरती जा रही लापरवाही का खामियाजा निगम अधिकारियों को सदन की बैठक में भुगतना पड़ सकता है। 25 जुलाई को होने वाली सदन की बैठक में पार्षद इस मुद्दे को उठाने की तैयारी में हैं। नगर निगम में लगे 1817 आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा सदन की पहली बैठक में भी उठा था। इसके बाद सदन की बैठक में आउटसोर्स पर लगे कर्मचारियों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया। इसमें चार पार्षद और निगम अधिकारी को कमेटी में शामिल किया गया।
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कमेटी ने आउटसोर्स पर लगे कर्मचारियों की जांच करने के लिए एक फॉर्म सभी कर्मचारियों दिया गया। जिसे भरकर वापस कमेटी को जमा करवाना था। कमेटी एक-एक कर्मचारी को बुलाकर उसका साक्षात्कार भी लेने वाली थी। इस जांच को चलते हुए चार माह बीत चुके हैं, लेकिन निगम के लापरवाह अधिकारियों के कारण आउटसोर्स पर लगे कर्मचारी फॉर्म ही जमा नहीं करवा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि कर्मचारी फॉर्म जमा नहीं करवा रहे या फिर आउटसोर्स पर सिर्फ 1022 ही कर्मचारी कर रहे हैं। हालांकि, इसका खुलासा कमेटी के जांच के बाद हो सकेगा।
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आउटसोर्स में लगे सभी कर्मचारियों को चार माह में चार बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक सिर्फ आधे कर्मचारियों ने ही अपना फॉर्म जमा करवाया है। सदन की बैठक में यह मुद्दा उठाया जाएगा।
- आरएस राठी, पार्षद वार्ड-34