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Gurugram News: सरकारी स्कूलों से 28 हजार छात्रों का मोहभंग, दाखिलों में बड़ी गिरावट
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- एक साल में 18.6% कमी, निजी स्कूलों की ओर बढ़ा रुझान
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में सरकारी स्कूलों में दाखिले बढ़ाने के लिए चलाया गया प्रवेश उत्सव अभियान इस बार उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार सत्र 2025-26 में जहां करीब 1.50 लाख छात्रों ने सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया था, वहीं सत्र 2026-27 में यह संख्या घटकर लगभग 1.22 लाख रह गई है। इस तरह एक साल में करीब 28 हजार विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों से दूरी बना ली, जो लगभग 18.6 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
शिक्षा विभाग ने दाखिले बढ़ाने के लिए घर-घर जागरूकता अभियान चलाया, स्कूलों की सुविधाओं का प्रचार किया और प्रवेश उत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित किए, लेकिन इसका अपेक्षित असर नहीं दिखा। विशेषज्ञों के अनुसार गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में अभिभावकों का झुकाव निजी स्कूलों की ओर बढ़ रहा है। बेहतर शिक्षण स्तर, अंग्रेजी माध्यम और आधुनिक सुविधाएं इसकी मुख्य वजह मानी जा रही हैं। इसके अलावा शहर में बड़ी संख्या में प्रवासी परिवारों का रहना भी एक कारण है। नौकरी और काम के चलते बार-बार स्थान बदलने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और दाखिलों में निरंतरता नहीं बन पाती।
विभाग से प्राप्त आंकड़े-
साल — दाखिले
2025-26 — 1.50 लाख
2026-27 — 1.22 लाख
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में सरकारी स्कूलों में दाखिले बढ़ाने के लिए चलाया गया प्रवेश उत्सव अभियान इस बार उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार सत्र 2025-26 में जहां करीब 1.50 लाख छात्रों ने सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया था, वहीं सत्र 2026-27 में यह संख्या घटकर लगभग 1.22 लाख रह गई है। इस तरह एक साल में करीब 28 हजार विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों से दूरी बना ली, जो लगभग 18.6 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
शिक्षा विभाग ने दाखिले बढ़ाने के लिए घर-घर जागरूकता अभियान चलाया, स्कूलों की सुविधाओं का प्रचार किया और प्रवेश उत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित किए, लेकिन इसका अपेक्षित असर नहीं दिखा। विशेषज्ञों के अनुसार गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में अभिभावकों का झुकाव निजी स्कूलों की ओर बढ़ रहा है। बेहतर शिक्षण स्तर, अंग्रेजी माध्यम और आधुनिक सुविधाएं इसकी मुख्य वजह मानी जा रही हैं। इसके अलावा शहर में बड़ी संख्या में प्रवासी परिवारों का रहना भी एक कारण है। नौकरी और काम के चलते बार-बार स्थान बदलने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और दाखिलों में निरंतरता नहीं बन पाती।
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विभाग से प्राप्त आंकड़े-
साल — दाखिले
2025-26 — 1.50 लाख
2026-27 — 1.22 लाख