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खरखड़ी के 200 परिवारों में पीने के पानी की किल्लत
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फर्रुखनगर। गांव खरखड़ी की अनुसूचित जाति कॉलोनी में ग्रामीणों को पीने के पानी की किल्लत हो रही है। लगभग 200 घरों की पांच सौ की आबादी वाली इस कॉलोनी में वैसे तो दो बोरवेल हैं। जिसमें से केवल एक से ही पीने योग्य पानी मिलता है। दूसरे ने काम करना बंद कर दिया है। ग्रामीणों ने अपने निजी खर्च से 10 साल पहले एक बोरवेल कराया था। इसका जलस्तर काफी नीचे है। इस कारण इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया कि मूलभूत सुविधाओं से जूझती इस कॉलोनी की ओर जनप्रतिनिधियों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। यहां की लगातार बढ़ती आबादी को देखते हुए अतिरिक्त बोरवेल किये जाने की आवश्यकता है। वार्ड के पंच राजकुमार, चरण सिंह, प्रवेश, रिग राम, बाबूलाल, रूपवती, अंजू, कमलेश, सरोज, गीता, राजेश, शकुंतला, मछला, शशि, सुषमा, कविता, बबीता, माया और विनीता आदि ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड की पेयजल समस्या को लेकर उन्होंने सरपंच, डिप्टी सीएम के ओएसडी महेश चौहान, विधायक सत्यप्रकाश जरावता, जिला परिषद चेयरमैन कल्याण सिंह चौहान एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की लेकिन इसके बावजूद आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कॉलोनी वासियों से भेदभाव किया जा रहा है। पांच साल से पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में 700 घरों की आबादी पर 4 बोरवेल है जबकि अनुसूचित जाति की कॉलोनी में 500 की आबादी पर एक बोरवेल है। इसकी भी सप्लाई लाइन जगह-जगह से टूटी हुई है, इस कारण गंदा पानी आता है। लोग इस पानी को उबालकर पीने को मजबूर हैं।
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इस बारे में खंड पंचायत अधिकारी अंकित चौहान का कहना है कि उन्हें इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्हें ग्रामीणों की ओर से कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया कि मूलभूत सुविधाओं से जूझती इस कॉलोनी की ओर जनप्रतिनिधियों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। यहां की लगातार बढ़ती आबादी को देखते हुए अतिरिक्त बोरवेल किये जाने की आवश्यकता है। वार्ड के पंच राजकुमार, चरण सिंह, प्रवेश, रिग राम, बाबूलाल, रूपवती, अंजू, कमलेश, सरोज, गीता, राजेश, शकुंतला, मछला, शशि, सुषमा, कविता, बबीता, माया और विनीता आदि ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड की पेयजल समस्या को लेकर उन्होंने सरपंच, डिप्टी सीएम के ओएसडी महेश चौहान, विधायक सत्यप्रकाश जरावता, जिला परिषद चेयरमैन कल्याण सिंह चौहान एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की लेकिन इसके बावजूद आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि कॉलोनी वासियों से भेदभाव किया जा रहा है। पांच साल से पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में 700 घरों की आबादी पर 4 बोरवेल है जबकि अनुसूचित जाति की कॉलोनी में 500 की आबादी पर एक बोरवेल है। इसकी भी सप्लाई लाइन जगह-जगह से टूटी हुई है, इस कारण गंदा पानी आता है। लोग इस पानी को उबालकर पीने को मजबूर हैं।
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इस बारे में खंड पंचायत अधिकारी अंकित चौहान का कहना है कि उन्हें इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्हें ग्रामीणों की ओर से कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।