{"_id":"5c9d09e6bdec22140d56ab08","slug":"181553795558-gurgaon-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण तैयारियां अभी से की शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण तैयारियां अभी से की शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंदौर की टीम से सीखा सफाई करने का सलीका
गुरुग्राम। नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2019-20 के लिए अभी से तैयारियों शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को निगम के सफाई विंग के अधिकारियों ने इंदौर से आई टीम से शहर में सफाई करने का सलीका सीखा। इसमें इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने के लिए अपनाए गए तरीकों के बारे में जानकारी ली। जिन्हें जल्द ही नगर निगम की ओर से लागू किया जा सकता है।
सेक्टर-34 स्थित निगम कार्यालय में स्वच्छता के लिए बृहस्पतिवार को कार्यशाला आयोजन किया गया। इसमें नगर निगम इंदौर के स्वच्छता सलाहकार सैयद असद ने इंदौर को स्वच्छ बनाने के लिए अपनाए गए तरीकों से अवगत कराया। सैयद असद ने कहा कि वार्ड स्तर पर ऐप की मदद से कूड़े की जगह पिन की गई। जिसके बाद रिक्शा रेहड़ी भेजकर उठवाया गया। जिसके बाद इसे लागू किया गया। घर-घर से कूड़ा उठाने का मैप तैयार किया गया। उसके अनुसार ही कूड़े का एकत्रीकरण किया गया। इसके अलावा सौ फीसदी घरों से अलग-अलग कूड़ा एकत्रित किया गया। ताकि बाद में उसे अलग-अलग न करना पड़े। व्यावसायिक क्षेत्रों में सुबह-शाम, दो बार सफाई की गई। बैठक में बताया कि इंदौर में सफाई के ऊपर हर माह करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। सात हजार सफाई कर्मी हैं। कूड़े का निस्तारण आसान करने के लिए बायोरेमेडीएशन, सेनिटेशन, कंपोस्टिंग, बायो मेथेनेशन प्लांट लगाए गए। मीट मार्केट के वेस्ट के लिए अलग से वाहन भेजा गया। इस दौरान अतिरिक्त निगमायुक्त वाईएस गुप्ता ने कहा कि इंदौर निगम की ओर से अपनाए गए तरीके प्रभावी हैं। नगर निगम गुरुग्राम की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए हुए इन्हें लागू किया जाएगा। इस कार्यकारी अभियंता सौरभ नैन, एसडीओ कुलदीप सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
गुरुग्राम। नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2019-20 के लिए अभी से तैयारियों शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को निगम के सफाई विंग के अधिकारियों ने इंदौर से आई टीम से शहर में सफाई करने का सलीका सीखा। इसमें इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने के लिए अपनाए गए तरीकों के बारे में जानकारी ली। जिन्हें जल्द ही नगर निगम की ओर से लागू किया जा सकता है।
सेक्टर-34 स्थित निगम कार्यालय में स्वच्छता के लिए बृहस्पतिवार को कार्यशाला आयोजन किया गया। इसमें नगर निगम इंदौर के स्वच्छता सलाहकार सैयद असद ने इंदौर को स्वच्छ बनाने के लिए अपनाए गए तरीकों से अवगत कराया। सैयद असद ने कहा कि वार्ड स्तर पर ऐप की मदद से कूड़े की जगह पिन की गई। जिसके बाद रिक्शा रेहड़ी भेजकर उठवाया गया। जिसके बाद इसे लागू किया गया। घर-घर से कूड़ा उठाने का मैप तैयार किया गया। उसके अनुसार ही कूड़े का एकत्रीकरण किया गया। इसके अलावा सौ फीसदी घरों से अलग-अलग कूड़ा एकत्रित किया गया। ताकि बाद में उसे अलग-अलग न करना पड़े। व्यावसायिक क्षेत्रों में सुबह-शाम, दो बार सफाई की गई। बैठक में बताया कि इंदौर में सफाई के ऊपर हर माह करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। सात हजार सफाई कर्मी हैं। कूड़े का निस्तारण आसान करने के लिए बायोरेमेडीएशन, सेनिटेशन, कंपोस्टिंग, बायो मेथेनेशन प्लांट लगाए गए। मीट मार्केट के वेस्ट के लिए अलग से वाहन भेजा गया। इस दौरान अतिरिक्त निगमायुक्त वाईएस गुप्ता ने कहा कि इंदौर निगम की ओर से अपनाए गए तरीके प्रभावी हैं। नगर निगम गुरुग्राम की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए हुए इन्हें लागू किया जाएगा। इस कार्यकारी अभियंता सौरभ नैन, एसडीओ कुलदीप सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन