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पिंकी के आखिरी शब्द, 'भैया, मैं जीना चाहती हूं'

Mon, 13 Oct 2014 09:08 AM IST
Updated Mon, 13 Oct 2014 09:08 AM IST
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Gurgaon student pinki death after 14 days suicide attempt.

गुड़गांव में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) के एक कॉलेज के रिजल्ट में धांधली के आरोपों और छात्राओं के प्रदर्शन के बाद खुद को आग के हवाले करने वाली छात्रा पिंकी ने 14 दिन बाद दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

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इस मामले में कॉलेज की प्रोफेसर पर ही पिंकी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा था और यह बात भी सामने आई कि प्रोफेसर ने ही पिंकी को माचिस देकर आग लगाने के लिए कहा था।
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गुड़गांव के इतिहास में पहली बार हुए छात्राओं के उग्र आंदोलन ने देशभर में शहर को सुर्खियों पर ला दिया था। लेकिन इस हादसे में अपनी जिंदगी दांव पर लगाने वाली छात्रा पिंकी को लेकर सरकार और सिस्टम के आगे अपनी जिंदगी की जंग हार गई।
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सफदरजंग में शनिवार की आखिर रात गुजारने के बाद दुनिया को अलविदा कह गई पिंकी को लेकर पूरा शहर खामोश है।

सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही पिंकी के हार जाने के बाद पिंकी के दुनिया से विदा होने के बाद अपने आंसुओं को समेटते हुए अरूण ने बताया कि 14 दिनों के उसके साथ में जब भी हम दोनों बैठते।

हादसे के बाद जब उसे होश आया था वह मेरा हाथ पकड़कर यही कहती थी कि 'भैया, मैं जीना चाहती हूं। बस, मैं यहां से खड़ी हो जाऊं। फिर सबकुछ ठीक कर लूंगी।'

'तुम्हें खुशी-खुशी घर चलेंगे पिंकी'

Gurgaon student pinki death after 14 days suicide attempt.

मैंने उसे हमेशा दिलासा दी कि कुछ दिनों की बात है हम यहां से हंसी-खुशी घर चलेंगे। वह कहती कि मुझे परवाह नहीं की मेरे साथ क्या हुआ। बस, मैं पढ़ना चाहती हूं। बस, मैं जीना चाहती हूं।

उसकी इन बातों को सुनकर दिल अंदर तक रह जाता। उसकी हालत को देखकर यही कहता कि बस..कुछ दिनों की बात है सबकुछ ठीक हो जाएगा। मैं तुम्हें खुशी-खुशी घर लेकर जाऊंगा।

उसके अंदर जीने का जज्बा था लेकिन हम मजबूर थे। लेकिन शनिवार शाम को हुई अंतिम बातचीत के बाद उसकी तबियत बिगड़ गई थी। और उसके बाद वह जिंदगी से ही विदा हो गई। मुझे हमेशा इस बात का दुख रहेगा कि मैं अपनी बहन को बचा नहीं सका।

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