थाने में ही अफसर ने उतारी वर्दी की इज्जत
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गुड़गांव में खाकी फिर दागदार हो गई। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने पुलिस महकमे के इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की छापेमारी के वक्त इंस्पेक्टर थाने में मौजूद था।
बताया जा रहा है कि आरोपी इंस्पेक्टर ने क्रेन ठेकेदार से वाहनों की पार्किंग की एवज में पहली किस्त ली थी। विजिलेंस कार्रवाई के बाद गुड़गांव पुलिस ने आरोपी इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम एरिया में नो पार्किंग जोन में वाहनों की रिकवरी करने वाले रोहतक के भेणी गांव निवासी राकेश ने को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत दी कि वाहनों की रिकवरी कर उन्हें थाने में खड़े करने की एवज में सेक्टर-29 डीएलएफ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप मोर उनसे एक लाख रूपये की मांग कर रहा है।
रिश्वत लेता पुलिस इंस्पेक्टर रंगेहाथ गिरफ्तार
इस शिकायत के आधार पर स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने पूरी योजना के साथ क्रेन ठेकेदार के माध्यम से आरोपी इंस्पेक्टर को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये देने की डील फाइनल करवाई। जिसमें आरोपी इंस्पेक्टर ने बेधड़क होकर थाने में ही पैसा पहुंचाने की बात कह दी।
बुधवार दोपहर 12 बजे शिकायतकर्ता जब थाने में रुपये लेकर पहुंचकर उसे दिए उसी दौरान विजिलेंस विजिलेंस इंस्पेक्टर समर्थन, जगदीश चंद्र, एएसआई भूपेंद्र, एएसआई नरेश, हेड कांस्टेबल जगेश और हेड कांस्टेबल रामपाल ने छापेमारी करते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। थाने में हुई विजिलेंस छापेमारी के बाद हड़कंप मच गया।
जिसके बाद उसे तुरंत विजिलेंस ऑफिस लाया गया। पुलिस महकमे में इंस्पेक्टर के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद आला अधिकारियों ने तुरंत आरोपी इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया। विजिलेंस इंस्पेटकर समर्थ के अनुसार आरोपी इंस्पेक्टर को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।