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ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे ग्राउंड रिपोर्ट : दस साल में दस कदम भी नहीं बढ़ा प्रोजेक्ट

Tue, 29 Mar 2016 09:33 AM IST
योगेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
योगेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 29 Mar 2016 09:33 AM IST
सार

  • दस साल में दस कदम भी नहीं बढ़ा प्रोजेक्ट
  • केएमपी शुरू करने की तैयारी, केजीपी न जाने कब होगा पूरा
  • औद्योगिक विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट

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ground report of eastern periphery in faridabad

विस्तार

एनसीआर को रफ्तार देने वाला महत्वाकांक्षी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट दशक बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इस प्रोजेक्ट को केजीपी (कुंडली-गाजियाबाद-पलवल) के नाम से भी जाना जाता है।

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए साल 2005 में एक तरफ कुंडली से मानेसर होते हुए पलवल तक (केएमपी) तो दूसरी तरफ कुंडली से गाजियाबाद होते हुए पलवल तक (केजीपी) रिंगनुमा एक्सप्रेसवे बनाने की योजना तैयार हुई थी।
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135 किलोमीटर लंबे केएमपी यानी वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का काम तेजी से चल रहा है। अगले महीने इसके 53 किलोमीटर लंबे हिस्से पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। लेकिन ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर सफर का सपना न जाने कब पूरा होगा।
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इसके न बनने से दिल्ली में ट्रैफिक का बोझ लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही फरीदाबाद से गुजरने वाला दिल्ली-आगरा एनएच-2 और गाजियाबाद से गुजरने वाला एनएच-24 जाम से बेहाल रहता है। 

हरियाणा चुस्त, यूपी सुस्त
ईस्टर्न पेरीफेरल योजना के तहत पलवल से कुंडली (सोनीपत) तक 135 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है। इसका 47.55 किलोमीटर लंबा हिस्सा हरियाणा में और 87.45 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में आएगा। केएमपी प्रोजेक्ट के साथ-साथ हरियाणा के हिस्से में केजीपी प्रोजेक्ट को भी रफ्तार मिल गई है। लेकिन उत्तर प्रदेश की सीमा में अभी जमीनी स्तर पर इस प्रोजेक्ट को लेकर कोई खास तैयारी नहीं दिख रही है।

योजना पर एक नजर
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे एनएच-1 कुंडली सोनीपत से यमुना पार करता हुआ माविकलन, शरफाबाद से हिंडन नदी से होकर एनएच-58 के दुहाई पर निकलेगा। इसके बाद डासना के पास एनएच-24 पर जाकर मिलेगा। यहां से एनएच-59 पर बीलअकबरपुर को छूता हुआ कसना ग्रेटर नोएडा के रास्ते यमुना पार करता हुआ हरियाणा के फज्जूपुर खादर, अटाली, छांयसा, मौजपुर से पलवल पर एनएच-2 पर जाकर मिलेगा। इसके लिए तीन नदियों पर ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके अलावा 43 फ्लाईओवर और 59 अंडरपास इस प्रोजेक्ट में शामिल हैं। 

पांच साल में दोगुना हुआ बजट
शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को बीओटी (बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर) फॉर्मूले के आधार पर बनाने की तैयारी थी, लेकिन प्राइवेट कंपनियों ने रुचि नहीं दिखाई। प्रोजेक्ट में लगातार देरी की वजह से एक दशक में इसकी अनुमानित लागत दोगुनी हो गई। शुरुआत में प्रोजेक्ट की लागत करीब 3700 करोड़ आंकी गई थी जो अब 7558 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। पिछले साल केंद्र की नई सरकार ने इस प्रोजेक्ट में रुचि दिखाते हुए खर्च खुद वहन करने का फैसला लिया था। 

पलवल
हरियाणा के पलवल में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के लिए 437 एकड़ जमीन अधिग्रहण का करीब 90 फीसदी काम पूरा हो गया है। एनएचएआई ने यहां 6 किलोमीटर लंबे हिस्से में कब्जा लेकर सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यहां 15 गांवों की जमीन का अधिग्रहण पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के लिए हुआ है।

फरीदाबाद
जिले में 9 गांवों की 435 एकड़ जमीन का अधिग्रहण ईस्टर्न पेरीफेरल के लिए किया गया है। हालांकि, अभी किसानों को मुआवजा राशि नहीं मिली है। इसके चलते काम रुका हुआ है। जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव सरकार से मंजूर हो गया है। मुआवजे के लिए फंड को भी मंजूरी मिल गई है। इस महीने अड़चनें दूर होने की उम्मीद है। 

गौतमबुद्धनगर
इसका सबसे लंबा हिस्सा यूपी के गौतमबुद्धनगर जिले में पड़ता है। यहां इसकी लंबाई 41.61 किलोमीटर है। 39 गांवों की जमीन का अधिग्रहण एक्सप्रेसवे के लिए किया जाना है लेकिन अभी तक जमीन अधिग्रहण की दरें ही तय नहीं हो सकी हैं। मामले की सुनवाई जारी है।

गाजियाबाद 
जिले में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के लिए 16 गांवों की जमीन के अधिग्रहण के लिए मुआवजा राशि निर्धारित हो चुकी है। यहां प्रोजेक्ट में बड़ी अड़चन एलाइनमेंट को लेकर आ रही है। सर्विस रोड और एक्सप्रेसवे के स्ट्रक्चर में बदलाव की मांग प्राधिकरण ने की थी जिसे मान लिया गया है। एक्सप्रेसवे का 24.67 किलोमीटर लंबा हिस्सा यहां बनाया जाएगा। 

बागपत
यूपी के बागपत जिले से भी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे गुजरेगा। यहां 11 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होना है। इसकी प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। 20.16 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे का हिस्सा इस जिले में होगा।

सोनीपत
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का अंतिम पड़ाव हरियाणा का सोनीपत जिला होगा। 8 गांवों की जमीन का अधिग्रहण कर 13.04 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे यहां बनाया जाना है। हालांकि, केएमपी की शुरुआत भी यहीं से हुई है। ऐसे में जमीन को लेकर ज्यादा दिक्कतें यहां नहीं हैं। 

कहां कितनी लंबाई
जिला===============गांवों की संख्या=========अनुमानित लंबाई
पलवल (हरियाणा)========15===============18.76 किलोमीटर
फरीदाबाद (हरियाणा)=======09===============16.75 किलोमीटर            
गौतमबुद्ध नगर (यूपी)======39===============41.61 किलोमीटर
गाजियाबाद (यूपी)=========16===============24.67 किलोमीटर
बागपत (यूपी)============11==============20.16 किलोमीटर            
सोनीपत (हरियाणा)========08==============13.04 किलोमीटर

क्या कहते हैं अधिकारी
प्रोजेक्ट की अड़चनों को तेजी से दूर किया जा रहा है। पलवल के हिस्से में काम शुरू हो गया है। फरीदाबाद में भी सर्वे की शुरुआत कर दी गई है। गौतमबुद्धनगर में भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू होने की उम्मीद है। - किशोर कान्याल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को लेकर फरीदाबाद-पलवल में काई ज्यादा अड़चनें नहीं हैं। पलवल में काम शुरू हो चुका है। फरीदाबाद में बहुत जल्द किसानों को मुआवजा बांटकर पजेशन लेने का काम शुरू हो जाएगा।- कुलदीप ढ़ाका, राजस्व अधिकारी

क्या कहते हैं लोग
केंद्रीय राज्यमंत्री के प्रयास से किसानों की समस्याएं सुनी गई हैं। इसका हम स्वागत करते हैं, लेकिन जब तक फरीदाबाद के किसानों को मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का काम शुरू होने नहीं दिया जाएगा।- राजेश भाटी, अध्यक्ष-ईस्टर्न पेरीफेरल किसान संघर्ष समिति

दिल्ली के रास्ते हरियाणा से आने जाने वाले माल वाहनों पर रोक लगने के बाद फरीदाबाद के ही नहीं बल्कि पूरे एनसीआर के उद्योगों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में केजीपी और केएमपी प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से लेते हुए इन पर काम होना चाहिए।- अरुण बजाज, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती


पेरीफेरल एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट से न केवल जाम की समस्या दूर होगी, बल्कि इससे एनसीआर पर प्रदूषण से मंडरा रहा खतरा भी टलेगा। इसके अलावा एनसीआर की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। प्रोजेक्ट में जो भी अड़चनें हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाना चाहिए।- एनके गर्ग, कंफेडरेशन ऑफ रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन

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