{"_id":"5d41cdab8ebc3e6cfc5d8532","slug":"greater-noida-authority-write-letter-to-three-iit-and-cbri-for-shahberi-building-safety-audit","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शाहबेरी की इमारतों का होगा सुरक्षा ऑडिट, ग्रेनो प्राधिकरण ने तीन IIT और सीबीआरआई को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाहबेरी की इमारतों का होगा सुरक्षा ऑडिट, ग्रेनो प्राधिकरण ने तीन IIT और सीबीआरआई को लिखा पत्र
Wed, 31 Jul 2019 10:49 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 31 Jul 2019 10:49 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
शाहबेरी गांव की इमारतों की जांच कराने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आईआईटी दिल्ली, रुड़की व कानपुर के अलावा केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) को पत्र लिखा है। अब प्राधिकरण को उनके जवाब का इंतजार है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शाहबेरी गांव में अवैध निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण हरकत में आ गया है। कार्रवाई से पहले शाहबेरी की सभी इमारतों की जांच विशेषज्ञ संस्था से कराई जानी है।
प्राधिकरण ने इसके लिए आईआईटी रुड़की, आईआईटी दिल्ली व आईआईटी कानपुर के साथ सीबीआरआई को पत्र लिखा है। प्राधिकरण ने इन संस्थाओं से शाहबेरी की इमारतों की जांच कराने का अनुरोध किया है, ताकि इमारतों की मजबूती का पता चल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाहबेरी गांव में अवैध निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण हरकत में आ गया है। कार्रवाई से पहले शाहबेरी की सभी इमारतों की जांच विशेषज्ञ संस्था से कराई जानी है।
विज्ञापन
प्राधिकरण ने इसके लिए आईआईटी रुड़की, आईआईटी दिल्ली व आईआईटी कानपुर के साथ सीबीआरआई को पत्र लिखा है। प्राधिकरण ने इन संस्थाओं से शाहबेरी की इमारतों की जांच कराने का अनुरोध किया है, ताकि इमारतों की मजबूती का पता चल सके।
विज्ञापन
Trending Videos
इनमें से जो संस्था सबसे कम पैसा लेगी उससे इमारतों की जांच कराई जाएगी। जांच कराने का उद्देश्य सुरक्षित इमारतों की पहचान करना है। दरअसल शाहबेरी में पिछले साल जुलाई में दो इमारतें गिर गई थीं।
इसके बाद इन इमारतों को खतरनाक बता दिया गया था, लेकिन किसी एजेंसी से इनकी जांच नहीं कराई गई थी। अब इनकी जांच कराने की कवायद शुरू हुई है।
इसके बाद इन इमारतों को खतरनाक बता दिया गया था, लेकिन किसी एजेंसी से इनकी जांच नहीं कराई गई थी। अब इनकी जांच कराने की कवायद शुरू हुई है।