{"_id":"696a519744b6f9dff6091326","slug":"grap-3-implemented-in-delhi-ncr-air-quality-to-deteriorate-in-the-coming-days-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-120502-2026-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप तीन लागू, आने वाले दिनों में हवा होगी खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप तीन लागू, आने वाले दिनों में हवा होगी खराब
विज्ञापन
-सीएक्यूएम ने हवा की गुणवत्ता गंभीर होने की आशंका को देखते हुए लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रैप-3 के तहत पाबंदियां लागू की हैं। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और ज्यादा खराब हो सकती है। इसी को देखते हुए फैसला लिया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बृहस्पतिवार शाम 4 बजे 343 था, जो शुक्रवार शाम 4 बजे बढ़कर 354 हो गया। मौसम विभाग (आईएमडी) और आईआईटीएम के पूर्वानुमान के मुताबिक हवा की रफ्तार कम रहने, वातावरण स्थिर होने और प्रदूषकों के ठीक से न फैल पाने के कारण एक्यूआई 400 के पार जा सकता है, जिससे स्थिति गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है।
गौरतलब है कि हवा की गुणवत्ता में सुधार के बाद 2 जनवरी को ग्रैप-3 की पाबंदियां हटाई गई थीं, लेकिन ग्रैप-1 और ग्रैप-2 के तहत कई रोकथाम उपाय अब भी लागू हैं। सीएक्यूएम के एक अधिकारी के अनुसार, सर्दियों के मौसम में प्रतिकूल मौसम, वाहनों का धुआं, पराली जलाना, पटाखे और स्थानीय प्रदूषण के कारण दिल्ली-एनसीआर में हवा की स्थिति अक्सर बेहद खराब हो जाती है। प्रशासन ने लोगों से नियमों का पालन करने और प्रदूषण कम करने में सहयोग करने की अपील की है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रैप-3 के तहत पाबंदियां लागू की हैं। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और ज्यादा खराब हो सकती है। इसी को देखते हुए फैसला लिया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बृहस्पतिवार शाम 4 बजे 343 था, जो शुक्रवार शाम 4 बजे बढ़कर 354 हो गया। मौसम विभाग (आईएमडी) और आईआईटीएम के पूर्वानुमान के मुताबिक हवा की रफ्तार कम रहने, वातावरण स्थिर होने और प्रदूषकों के ठीक से न फैल पाने के कारण एक्यूआई 400 के पार जा सकता है, जिससे स्थिति गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है।
गौरतलब है कि हवा की गुणवत्ता में सुधार के बाद 2 जनवरी को ग्रैप-3 की पाबंदियां हटाई गई थीं, लेकिन ग्रैप-1 और ग्रैप-2 के तहत कई रोकथाम उपाय अब भी लागू हैं। सीएक्यूएम के एक अधिकारी के अनुसार, सर्दियों के मौसम में प्रतिकूल मौसम, वाहनों का धुआं, पराली जलाना, पटाखे और स्थानीय प्रदूषण के कारण दिल्ली-एनसीआर में हवा की स्थिति अक्सर बेहद खराब हो जाती है। प्रशासन ने लोगों से नियमों का पालन करने और प्रदूषण कम करने में सहयोग करने की अपील की है।
विज्ञापन