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सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी कर्मचारी को लंबे समय तक सरकारी आवास में नहीं रहना चाहिए: हाईकोर्ट
Tue, 29 Sep 2020 09:58 AM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 29 Sep 2020 09:58 AM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी सरकारी कर्मचारी सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद लंबे समय तक आवंटित सरकारी आवास पर कब्जा न किए रहे। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस प्रतीक जालान की पीठ ने शहरी आवास मंत्रालय से यह भी कहा कि वह उम्मीद करती है कि सरकार गैरकानूनी ढंग से कब्जा किए गए आवासों को खाली कराएगी और अवैध कब्जे की अवधि के दौरान का बकाया भी संबंधित कर्मचारी से वसूल करेगी।
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हाईकोर्ट ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा दिए हलफनामे में पाया कि अब तक उसने उन सभी 565 सरकारी आवासों को खाली करा लिया है जिन पर सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों ने अवैध कब्जा किया हुआ था। साथ ही इनसे करीब तीन करोड़ रुपये भी वसूले।
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इसके साथ ही कोर्ट को यह भी बताया गया कि अन्य अवैध कब्जा किए लोगों से अभी 9 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जानी है और इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
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सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को देखते हुए पीठ ने कहा कि वह दो याचिकाओं की निगरानी जारी रखने नहीं जा रही है। पीठ ने सेवानिवृत्त के बाद भी सरकारी कर्मचारियों द्वारा सरकारी आवासों को खाली नहीं करने के खिलाफ दायर दो पीआईएल का निपटारा कर दिया।