विधवा-वृद्धा पेंशन की गुत्थी सुलझाने में जुटी दिल्ली सरकार
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वृद्धा पेंशन और विधवा पेंशन के बीच उलझी गुत्थी सुलझाने में दिल्ली सरकार का समाज कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग जुटा है। इस महीने के दूसरे पखवाड़े में इस पर कुछ अहम फैसला हो सकता है।
दरअसल, दिल्ली सरकार का महिला एवं बाल विकास विभाग अभी 1.20 लाख विधवाओं को पेंशन देता है। इस पर कोई उम्र सीमा तय नहीं की गई है। वहीं नियमों में लिखा गया है कि 60 साल की उम्र के बाद विधवा पेंशन नहीं, वृद्धा पेंशन दी जाएगी।
विधवा पेंशन 1500 रुपये मासिक है, जबकि 69 साल की उम्र तक वृद्धा पेंशन सिर्फ 1000 रुपये मासिक है। ऐसे में 60 साल उम्र होने पर विधवा नियमानुसार वृद्धा पेंशन की हकदार हो जाती है।
सरकार ने नए वृद्धा पेंशन के फॉर्म लेने बंद कर दिए हैं
इस कारण उसे मिलने वाली पेंशन की राशि कम हो जाती है। इस दिक्कत के बीच सरकार ने नए वृद्धा पेंशन के फॉर्म लेने बंद कर दिए हैं। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि तय सीमा बढ़ाने और विधवा पेंशन 60 साल के बाद भी बनाए रखने को लेकर कैबिनेट जल्द फैसला करेगी।
दिल्ली विधानसभा में मुख्य सचेतक व हरि नगर से विधायक जगदीप सिंह कहते हैं कि जब कोई विधवा 60 साल की उम्र पार करने के बाद मेरे पास आती है, तो उसकी विधवा पेंशन नहीं बनवा पाता।
यही वजह है कि समाज कल्याण मंत्री से विधानसभा में सवाल पूछा था।
विधवा पेंशन के लिए आयु सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव प्रक्रिया में विचाराधीन है
जगदीप सिंह के सवाल पर मिले लिखित जबाव में कहा गया है कि 60 साल से अधिक उम्र होने पर भी विधवा विभाग से पेंशन पा रही हैं। विधवा पेंशन के लिए आयु सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव प्रक्रिया में विचाराधीन है।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार का महिला एवं बाल विकास विभाग विधवा पेंशन देता है। इसके तहत 1.20 लाख विधवाओं को पेंशन दी जा रही है। वहीं, सरकार का समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था पेंशन देता है, जिसमें उम्र सीमा तय है।
विभाग अभी 3,86,750 लोगों को वृद्धावस्था पेंशन दे रहा है। इसके तहत 60-69 साल आयु तक मासिक एक हजार रुपये और 70 साल या इससे अधिक उम्र होने पर मासिक 1500 रुपये दिए जाते हैं।