सरकार ने की 'राजधानी' व यमुना पावर का लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
राजधानी की दो तिहाई इलाके में बिजली वितरण करने वाली कंपनी राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड का लाइसेंस दिल्ली सरकार रद्द करना चाहती है। सरकार ने अपनी मंशा से दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) को भी अवगत करा दिया है।
सरकार इन दोनों बिजली वितरण कंपनियों की कार्यप्रणाली और इनके इलाके में बिजली कटौती को वजह बता रही है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दोनों कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ बैठक की थी और बिजली कटौती होने पर सख्त रुख अख्तियार करने की बात कही थी।
इसके अलावा पिछले सप्ताह दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने इस संबंध में बातचीत के लिए अनिल अंबानी को बुलाया था। लेकिन अभी तक यह मुलाकात नहीं हो पाई है।
सरकार और बिजली कंपनियों में लगातार तनातनी
दरअसल आम आदमी पार्टी बिजली-पानी को एक बड़ा मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ी थी और दिल्ली में बड़ी जीत दर्ज की थी। सत्ता में आने के बाद से आप सरकार और बिजली कंपनियों में लगातार तनातनी हो रही है।
सरकार का दवाब है कि बिजली कीमत न बढ़ाई जाए वहीं कंपनियां लगातार कह रही है कि यदि बिजली कीमत नहीं बढ़ाई गई तो घाटा बढ़ता चला जाएगा जिसका खामियाजा बाद में बिजली उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ेगा।
इस वजह से दिल्ली सरकार इस सख्त निर्णय की तैयारी में है।