भलस्वा डेरी के मुकुंदपुर चौक के पास कैंटर द्वारा दो छात्राओं समेत तीन को कुचलने की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर हाहाकार मच गया। लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। वहीं, हादसे में मरने वाली शिखा के परिवार का रोते-रोते बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि शिखा हमेशा ही अपने परिवार के लिए कुछ करना चाहती थी।
जानकारी के अनुसार, शिखा परिवार के साथ मुकुंदपुर गांव में रहती थी। परिवार में पिता मनोज, मां और चार बहन-भाई हैं। पिता एक कंपनी में सेल्समैन हैं। शिखा के परिजनों ने बताया कि वह इस साल कड़ी मेहनत कर रही थी। उसका सपना था अच्छे नंबर लाकर किसी बड़े कॉलेज में दाखिला लेना।
वह डॉक्टर की पढ़ाई करना चाहती थी। शिखा बेहद शांत स्वभाव की थी। उसकी टीचर्स को जब उसकी मौत का पता चला, तो वह गहरे सदमे में थीं। इधर, कंचन का परिवार बेटी के जल्द ठीक होने की दुआएं कर रहा है।
दूसरी ओर हादसे में घायल हुए उमेश के परिजन भी उसके लिए दुआएं कर रहे हैं। हादसे के समय मौजूद एक युवक ने बताया कि जैसे ही चालक ने शिखा को कुचला, तो उमेश ने आरोपी को रुकने का इशारा किया था।
इसके बाद आरोपी ने कंचन को कुचला, बाद में सामने खड़े उमेश को भी कुचलकर कैंटर चालक मौके से फरार हो गया। आगे भागने के चक्कर में खुद भी कैंटर चालक राजन हादसे का शिकार हो गया और उसकी भी मौत हो गई।