मरने से पहले गिरीश ने सुसाइड नोट में लिखा-'बहुत दुखी हूं, इसलिए संगीन अपराध कर रहा हूं'
‘मरने वाला कभी झूठ नहीं बोलता, मैं सबसे पैर छूकर माफी मांगता हूं, मैं बहुत दुखी हूं, इसलिए ये संगीन अपराध कर रहा हूं। मैं मनीषा को खुश रखने के लिए कई जगह घुमाने ले गया, लेकिन उसने बहन-भाई के पवित्र रिश्ते को बदनाम कर दिया।
यह बात ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गैलेक्सी वेगा सोसायटी में पत्नी की हत्या कर खुदकुशी करने वाले गिरीश भटनागर ने सुसाइड नोट में लिखी। पुलिस के मुताबिक, गिरीश पहले दिल्ली में निजी कंपनी में नौकरी करता था, लेकिन कुछ माह से कोई काम नहीं कर रहा था।
उसने लिखा है कि विवाह के दो माह बाद से उनके जीवन में खटास आ गई थी और मनीषा झगड़ा करने लगी थी। मनीषा ने अपने नाम के आगे कोहली लिखकर अपनी जाति छिपाई और ये भी छिपाया कि उसका पहले विवाह हो चुका है।
‘मेरे परिवार को दी जाए संपत्ति’
उसने अपने पहली जिंदगी के बारे में कुछ नहीं बताया। मनीषा पर गर्भ गिराने के भी आरोप लगाए हैं। इसके अलावा लिखा है कि बहन के खिलाफ न केवल उसने अभद्र टिप्पणी की, बल्कि उसने उसे सोसायटी में भी बदनाम किया।
सोसायटी का एक संगठन उसके साथ मिल गया था। सुसाइड नोट में गिरीश ने मनीषा के परिजनों पर भी आरोप लगाए हैं।
‘मेरे परिवार को दी जाए संपत्ति’
सुसाइड नोट में गिरीश ने ये भी लिखा है कि मनीषा उससे तलाक चाहती थी, लेकिन इससे पहले वह फ्लैट नाम कराने व रुपये देने की मांग करती थी। गिरीश ने अपने परिवार के लोगों के नाम लिखकर उन्हें संपत्ति देने की बात सुसाइड नोट में लिखी है।