{"_id":"69062f9040cdc1830f096bfa","slug":"yashveer-maharaj-was-stopped-by-the-police-while-he-was-going-to-the-kartik-purnima-fair-ghaziabad-news-c-306-1-gha1001-118364-2025-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: कार्तिक पूर्णिमा मेले में जा रहे यशवीर महाराज को पुलिस ने रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: कार्तिक पूर्णिमा मेले में जा रहे यशवीर महाराज को पुलिस ने रोका
विज्ञापन
यशवीर महाराज को मेले में जाने से रोकती कोतवाली पुलिस। संवाद
गढ़मुक्तेश्वर। कार्तिक पूर्णिमा मेला क्षेत्र में चेकिंग कर समुदाय विशेष के लोगों की दुकानों को हटवाने समर्थकों के साथ जा रहे यशवीर महाराज को कोतवाली पुलिस ने चौराहे पर रोक दिया। महाराज ने कहा कि यदि पुलिस व प्रशासन ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया, तो वह मेला समाप्ति तक यहीं बैठे रहेंगे। पुलिस व प्रशासन के काफी समझाने के बाद वह वापस लौट गए।
पूर्व घोषणा के अनुसार यशवीर महाराज दर्जनों समर्थकों को साथ लेकर मेला स्थल की ओर चले। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बन गई। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कोतवाली पुलिस टीम चौराहे पर पहुंच गई। जहां पुलिसकर्मियों ने महाराज और उनके अनुयायियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र में न जाने देने का दबाव बनाने पर महाराज और उनके साथ मौजूद लोग चौराहे के निकट ही धरना देकर बैठ गए।
यशवीर महाराज ने कहा कि मां गंगा के साथ ही हिंदू धार्मिक स्थलों पर लगने वाले मेले धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं। इनमें समुदाय विशेष के लोगों का हस्तक्षेप और उनकी दुकान किसी भी दशा में नहीं लगने दी जाएंगी। क्योंकि, इस तरह के लोग भोजन को दूषित करने के साथ ही हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम करते हैं। ऐसे एक नहीं, बल्कि अनेक मामले सामने आ चुके हैं। महाराज ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने उन्हें मेला क्षेत्र में नहीं जाने दिया, तो वह और उनके अनुयायी मेला समाप्ति तक यहीं पर बैठे रहेंगे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर वह अनुयायियों के साथ लौट गए।
विज्ञापन
भाकियू संघर्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की वार्ता
इस दौरान कार्तिक पूर्णिमा मेले में जा रहे भाकियू संघर्ष (अरा.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरनजीत सिंह गुर्जर ने महंत को देखा। तो वह उनसे वार्ता करने के लिए रूक गए। सरनजीत ने उन्हें समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भारत देश एकता, अखंडता और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। यहां पर सभी जाति-धर्म और समाज के लोग मिलजुल कर रहते हैं। जो एक-दूसरे के सुख-दुख और त्योहारों में शामिल होते हैं। इसलिए उन्हें इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए। इस दौरान उनकी यशवीर महाराज से बहस भी हुई।
विज्ञापन
पूर्व घोषणा के अनुसार यशवीर महाराज दर्जनों समर्थकों को साथ लेकर मेला स्थल की ओर चले। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बन गई। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कोतवाली पुलिस टीम चौराहे पर पहुंच गई। जहां पुलिसकर्मियों ने महाराज और उनके अनुयायियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र में न जाने देने का दबाव बनाने पर महाराज और उनके साथ मौजूद लोग चौराहे के निकट ही धरना देकर बैठ गए।
विज्ञापन
यशवीर महाराज ने कहा कि मां गंगा के साथ ही हिंदू धार्मिक स्थलों पर लगने वाले मेले धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं। इनमें समुदाय विशेष के लोगों का हस्तक्षेप और उनकी दुकान किसी भी दशा में नहीं लगने दी जाएंगी। क्योंकि, इस तरह के लोग भोजन को दूषित करने के साथ ही हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम करते हैं। ऐसे एक नहीं, बल्कि अनेक मामले सामने आ चुके हैं। महाराज ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने उन्हें मेला क्षेत्र में नहीं जाने दिया, तो वह और उनके अनुयायी मेला समाप्ति तक यहीं पर बैठे रहेंगे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर वह अनुयायियों के साथ लौट गए।
विज्ञापन
भाकियू संघर्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की वार्ता
इस दौरान कार्तिक पूर्णिमा मेले में जा रहे भाकियू संघर्ष (अरा.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरनजीत सिंह गुर्जर ने महंत को देखा। तो वह उनसे वार्ता करने के लिए रूक गए। सरनजीत ने उन्हें समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भारत देश एकता, अखंडता और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। यहां पर सभी जाति-धर्म और समाज के लोग मिलजुल कर रहते हैं। जो एक-दूसरे के सुख-दुख और त्योहारों में शामिल होते हैं। इसलिए उन्हें इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए। इस दौरान उनकी यशवीर महाराज से बहस भी हुई।