सबहेड- काम बंद होने और पैसे खत्म होने से परेशान तमाम मजदूर पहुंचे कलक्ट्रेट, पुलिस ने लौटाया - जिला प्रशासन से घर जाने के लिए बस और ट्रेन के बंदोबस्त करने की मांग की - कलेक्ट्रेट पर उमड़ी भीड़ से पुलिस-प्रशासन हुआ अलर्ट, आश्वासन दे लौटाया माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबादl लॉकडाउन 3.0 के शुरू होने के साथ ही विभिन्न निर्माणाधीन साइट और कंपनियों में काम करने वाले मजदूर और श्रमिकों की परेशानी और बढ़ गई हैl काम बंद होने और पैसे खत्म होने से परेशान बड़ी संख्या में मजदूर घर जाने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट पर जमा हो गएl लोगों की सरकार के साथ जिला प्रशासन से मांग थी कि उन्हें बस या फिर रेल के जरिए घरों तक पहुंचाया जाएl ऐसे में लॉकडाउन की तीसरे चरण के पहले दिन ही कलक्ट्रेट पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती दिखाई दीl एकाएक कलेक्ट्रेट पर उमड़ी लोगों की भारी भीड़ से पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के होश उड़ गएl फिर पुलिस ने लोगों को जल्द कोई न कोई बंदोबस्त करने का आश्वासन देकर घरों की ओर लौटा दियाl लेकिन बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ कलक्ट्रेट पहुंची महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बेहद परेशान दिखाई दिएl कलेक्ट्रेट पर कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता दिखाई नहीं दियाl कई लोग तो घर जाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यवस्था किए जाने की अफवाह सुनकर अपने सामान और परिवार के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच गएl लेकिन बाद में निराश होकर ऐसे सभी लोगों को वापस लौटना पड़ाl कलक्ट्रेट आए तमाम लोग पुलिस और प्रशासन के रवैया को लेकर नाराज भी दिखाई दिएl परेशान दिखे उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश श्रमिकों और मजदूरों ने कहा कि निर्माणाधीन साइट और फैक्ट्रियों में काम बंद होने से वह बहुत परेशान हैंl लॉकडाउन को एक महीने से अधिक बीतने के कारण अब उनके पैसे भी खत्म हो चुके हैंl खाने-पीने की परेशानी के साथ उनके पास मकान मालिक को किराया देने और बिजली का बिल भरने के पैसे तक नहीं हैl अपने गांव जाकर वह जैसे तैसे अपने परिवार का पेट भर सकेंगेl ऐसे में सरकार की ओर से घर जाने के लिए बस या फिर ट्रेन का इंतजाम किया जाना चाहिएl -- बड़ी संख्या में कलक्ट्रेट पहुंचे निर्माणाधीन आयुर्वेदिक कॉलेज की साइट के मजदूर कमला नेहरूनगर में सीबीआई एकेडमी के बराबर केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। लॉकडाउन के बाद कॉलेज का निर्माण संबंधी काम बंद है। ऐसे में कंस्ट्रक्शन साइट पर रह रहे करीब 200 मजदूर लॉकडाउन के बाद से बेहद परेशान हैंl एक कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से कॉलेज की बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा हैl ऐसे में परेशान साइट पर मौजूद मजदूर कलक्ट्रेट पहुंचेl मजदूरों ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से उन्हें घर भिजवाने का बंदोबस्त करने की मांग कीl -- मजदूरों की परेशानी, उनकी जुबानी 1. लॉकडाउन में काम बंद होने के साथ अब जमा पैसे भी खत्म हो चुके हैंl खाने-पीने के साथ मकान का किराया और बिजली का बिल भरने तक के पैसे नहीं हैl ऐसे में सरकार उनके घर जाने का बंदोबस्त कराएl - नरेंद्र कुमार, सागर, मध्य प्रदेश 2. बगैर काम और पैसे के रहना अब मुश्किल हो रहा हैl जिला प्रशासन घर जाने का इंतजाम करा रहा है, इसकी सूचना पर हम कलेक्ट्रेट गए थेl लेकिन निराशा हाथ लगीl - कौशल्या, सागर, मध्य प्रदेश 3. लॉकडाउन में बगैर पैसे और खाने के रहना मुश्किल हो रहा हैl अपने गांव जाकर जैसे तैसे गुजारा कर लेंगेl यहां मकान का किराया और बिजली भरना अब मुश्किल हैl - सुमन, सागर, मध्य प्रदेश 4. लॉकडाउन के कारण फंसे लोगों के लिए सरकार और जिला प्रशासन को घर जाने के लिए बसों और ट्रेन का इंतजाम करना चाहिएl इसी की आस लगाए हम कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, मगर बगैर आश्वासन दिए सभी को लौटा दिया गयाl - आलोक कुमार, अमेठी, उत्तर प्रदेश --