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Ghaziabad News: सीवर के पानी को ग्रीन बेल्ट में डाल रहे नाला निर्माण कर रहे कर्मचारी
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साहिबाबाद। वसुंधरा क्षेत्र में नाला निर्माण के दौरान ग्रीन बेल्ट को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि नाला निर्माण में लगे कर्मचारी सीवर के पानी को पाइप के जरिये ग्रीन बेल्ट में डाल रहे हैं। इससे ग्रीन बेल्ट में गंदा पानी जमा होने के साथ हरियाली भी प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि विकास कार्य के नाम पर हरियाली को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है।
स्थानीय निवासी सुशांत बंसल ने बताया कि नाला निर्माण का काम चलने के दौरान सीवर के पानी की निकासी के लिए ग्रीन बेल्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। गंदा पानी जमीन में जमा होने से आसपास दुर्गंध फैल रही है। साथ ही पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण एजेंसी और संबंधित कर्मचारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। स्थानीय निवासी घनश्याम ने बताया कि नाले का निर्माण जरूरी है, लेकिन इसके लिए ग्रीन बेल्ट को नुकसान पहुंचाना सही नहीं है। निर्माण के दौरान पानी की निकासी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि ग्रीन बेल्ट सुरक्षित रह सके। यदि लगातार सीवर का पानी यहां डाला गया तो मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ हरियाली खत्म होने का खतरा है। उन्होंने बताया कि पानी भरने से यहां पर लोग सुबह शाम की सैर के लिए भी नहीं आ पा रहे हैं। निवासियों ने नगर निगम के अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर ग्रीन बेल्ट में पानी डालने पर तत्काल रोक लगाने और क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा विकसित कराने की मांग की है। वहीं, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज ने बताया कि मामले को संज्ञान में ले लिया गया है, जल्द ही ग्रीन बेल्ट में पानी डालने वालों पर कार्रवाई कर ग्रीन बेल्ट को साफ सुथरा बनाया जाएगा।
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स्थानीय निवासी सुशांत बंसल ने बताया कि नाला निर्माण का काम चलने के दौरान सीवर के पानी की निकासी के लिए ग्रीन बेल्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। गंदा पानी जमीन में जमा होने से आसपास दुर्गंध फैल रही है। साथ ही पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण एजेंसी और संबंधित कर्मचारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। स्थानीय निवासी घनश्याम ने बताया कि नाले का निर्माण जरूरी है, लेकिन इसके लिए ग्रीन बेल्ट को नुकसान पहुंचाना सही नहीं है। निर्माण के दौरान पानी की निकासी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि ग्रीन बेल्ट सुरक्षित रह सके। यदि लगातार सीवर का पानी यहां डाला गया तो मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ हरियाली खत्म होने का खतरा है। उन्होंने बताया कि पानी भरने से यहां पर लोग सुबह शाम की सैर के लिए भी नहीं आ पा रहे हैं। निवासियों ने नगर निगम के अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर ग्रीन बेल्ट में पानी डालने पर तत्काल रोक लगाने और क्षतिग्रस्त हिस्से को दोबारा विकसित कराने की मांग की है। वहीं, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज ने बताया कि मामले को संज्ञान में ले लिया गया है, जल्द ही ग्रीन बेल्ट में पानी डालने वालों पर कार्रवाई कर ग्रीन बेल्ट को साफ सुथरा बनाया जाएगा।
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