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Ghaziabad News: बांग्लादेशी बताकर मजदूरों पर हमला... झुग्गियां तोड़ीं
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गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम क्षेत्र के गुलधर इलाके में खाली मैदान में झुग्गी-झोपड़ी डालकर रह रहे शाहजहांपुर के मजदूरों पर शुक्रवार की रात हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने हमला बोल दिया। मजदूरों को बांग्लादेशी बताकर हमलावरों ने उन्हें लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा और उनकी झुग्गियां तोड़ डालीं। इसी दौरान एक झुग्गी में आग भी लग गई। अचानक हुए हमले से डरे-सहमे 15 मजदूर परिवार शनिवार सुबह सामान समेटकर चले गए।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष राजेंद्र नगर निवासी पिंकी चौधरी उर्फ भूपेंद्र चौधरी और 15-20 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। शनिवार की रात करीब नौ बजे पिंकी चौधरी और बसंत कुंज निवासी बादल उर्फ हरिओम को गिरफ्तार कर लिया गया। पिंकी के खिलाफ पहले से 16 केस दर्ज हैं और वह साहिबाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसने बुधवार को धमकी दी थी कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले नहीं रुके तो वह गाजियाबाद में रह रहे बांग्लादेशियों को खदेड़ देगा। इस धमकी का वीडियो भी वायरल हुआ था लेकिन पुलिस ने तीन दिन में कोई कार्रवाई नहीं की। इस लापरवाही का नतीजा शुक्रवार की रात आठ बजे सामने आ गया। हैरानी की बात यह भी है कि हमले की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस के सामने भी हमलावर नारे लगाते रहे। पुलिस ने मौके से किसी को भी हिरासत में नहीं लिया। मधुबन बापूधाम थाने में केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला कि हमले का शिकार बने लोगों में एक भी बांग्लादेशी नहीं है। सभी लोग शाहजहांपुर के रहने वाले हैं और मजदूरी करते हैं।
दुस्साहस : पुलिस के सामने भी लगाए नारे
झुग्गी-झोपड़ियों पर हमले का वीडियो शनिवार को वायरल हुआ। इसमें कुछ लोग झोपड़ियों में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। झोपड़ी के अंदर से निकले लोगों को हमलावर लाठी-डंडों से पीट रहे हैं। इसी दौरान कुछ चीख सुनाई देती हैं और एक झोपड़ी में आग लग जाती है। हमले के शिकार लोगों का कहना था कि आग हमलावरों ने ही लगाई। हालांकि, पुलिस का दावा है कि हमले के दौरान ही चूल्हे से आग लग गई। यह लगाई नहीं गई। वीडियो में हमलावर एक बुजुर्ग को भी बुरी तरह से पीटते नजर आ रहे हैं। हमलावरों ने एक धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक नारे भी लगाए। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि हंगामे की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची और उन्हें समझाया गया। इसके बाद भी वे नारेबाजी व हंगामा करते रहे।
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पुलिस ने पहले ढिलाई बरती, अब
पिंकी पर एनएसए लगाने की तैयारी
गाजियाबाद। पिंकी चौधरी पर केस दर्ज होते रहे लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूरी करती रही। उस पर कभी कानून का शिकंजा नहीं कसा गया। अब इतना बड़ा बवाल हो जाने के बाद पहली बार उस पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने मजदूरों पर हमले के मामले में उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए फाइल खोल दी गई है। इस मामले में उपनिरीक्षक संजीव कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की बलवा करने की धारा 191(2), मारपीट 115(2), किसी धर्म पर टिप्पणी करने व धार्मिक भावनाओं को आहत करने 299, 354, 117(4) और 324(5) की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने पिंकी चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई करने के लिए फाइल खोल दी है।
मधुबन बापूधाम थाने में संगीन धाराओं में हमले का मुकदमा दर्ज होने के बाद भी वह शहर से नहीं भागा। उसने हमले के बारे में शनिवार की दोपहर फोन पर कहा, जानकारी मिली थी कि गुलधर के पास खाली मैदान में कुछ झुग्गियों में रहने वाले लोग बांग्लादेशी हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को देखकर कार्यकर्ताओं ने झुग्गियों में रहने वाले बांग्लादेशियों को खदेड़ा।
पिछली साल खुली थी हिस्ट्रीशीट
पुलिस ने बताया कि पिंकी चौधरी साहिबाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर साहिबाबाद, मसूरी, लोनी, कविनगर, विजयनगर, टीलामोड़, शालीमार गार्डन में 16 मुकदमे दर्ज हैं। छह अक्तूबर 2023 को उसकी हिस्ट्रीशीट खोली थी। उसके खिलाफ पहला केस 2021 में दर्ज हुआ था। साहिबाबाद थाने में छह,कविनगर में दो, टीलामोड़, नंदग्राम, मसूरी और शालीमार गार्डन में एक-एक केस दर्ज है।
2013 में बनाया संगठन
पिंकी चौधरी ने हिंदू रक्षा दल नाम से संगठन 2013 में बनाया था। वह अल्पसंख्यकों के खिलाफ बयान देकर विवादों में रहता है। उसने 2020 में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में छात्रों की पिटाई का वीडियो वायरल किया था। पिछले साल उसने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की। इसका केस दर्ज हुआ था।
कड़ी कार्रवाई होगी
पिंकी चौधरी के बुधवार को वायरल हुए वीडियो का संज्ञान लिया गया है। उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वीडियो वायरल होने पर पुलिस की ओर से लापरवाही बरतने और कोई कार्रवाई नहीं करने के बारे में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार मिश्र, पुलिस आयुक्त
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इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष राजेंद्र नगर निवासी पिंकी चौधरी उर्फ भूपेंद्र चौधरी और 15-20 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। शनिवार की रात करीब नौ बजे पिंकी चौधरी और बसंत कुंज निवासी बादल उर्फ हरिओम को गिरफ्तार कर लिया गया। पिंकी के खिलाफ पहले से 16 केस दर्ज हैं और वह साहिबाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसने बुधवार को धमकी दी थी कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले नहीं रुके तो वह गाजियाबाद में रह रहे बांग्लादेशियों को खदेड़ देगा। इस धमकी का वीडियो भी वायरल हुआ था लेकिन पुलिस ने तीन दिन में कोई कार्रवाई नहीं की। इस लापरवाही का नतीजा शुक्रवार की रात आठ बजे सामने आ गया। हैरानी की बात यह भी है कि हमले की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस के सामने भी हमलावर नारे लगाते रहे। पुलिस ने मौके से किसी को भी हिरासत में नहीं लिया। मधुबन बापूधाम थाने में केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला कि हमले का शिकार बने लोगों में एक भी बांग्लादेशी नहीं है। सभी लोग शाहजहांपुर के रहने वाले हैं और मजदूरी करते हैं।
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दुस्साहस : पुलिस के सामने भी लगाए नारे
झुग्गी-झोपड़ियों पर हमले का वीडियो शनिवार को वायरल हुआ। इसमें कुछ लोग झोपड़ियों में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। झोपड़ी के अंदर से निकले लोगों को हमलावर लाठी-डंडों से पीट रहे हैं। इसी दौरान कुछ चीख सुनाई देती हैं और एक झोपड़ी में आग लग जाती है। हमले के शिकार लोगों का कहना था कि आग हमलावरों ने ही लगाई। हालांकि, पुलिस का दावा है कि हमले के दौरान ही चूल्हे से आग लग गई। यह लगाई नहीं गई। वीडियो में हमलावर एक बुजुर्ग को भी बुरी तरह से पीटते नजर आ रहे हैं। हमलावरों ने एक धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक नारे भी लगाए। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि हंगामे की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची और उन्हें समझाया गया। इसके बाद भी वे नारेबाजी व हंगामा करते रहे।
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पुलिस ने पहले ढिलाई बरती, अब
पिंकी पर एनएसए लगाने की तैयारी
गाजियाबाद। पिंकी चौधरी पर केस दर्ज होते रहे लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूरी करती रही। उस पर कभी कानून का शिकंजा नहीं कसा गया। अब इतना बड़ा बवाल हो जाने के बाद पहली बार उस पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने मजदूरों पर हमले के मामले में उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए फाइल खोल दी गई है। इस मामले में उपनिरीक्षक संजीव कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की बलवा करने की धारा 191(2), मारपीट 115(2), किसी धर्म पर टिप्पणी करने व धार्मिक भावनाओं को आहत करने 299, 354, 117(4) और 324(5) की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने पिंकी चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई करने के लिए फाइल खोल दी है।
मधुबन बापूधाम थाने में संगीन धाराओं में हमले का मुकदमा दर्ज होने के बाद भी वह शहर से नहीं भागा। उसने हमले के बारे में शनिवार की दोपहर फोन पर कहा, जानकारी मिली थी कि गुलधर के पास खाली मैदान में कुछ झुग्गियों में रहने वाले लोग बांग्लादेशी हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को देखकर कार्यकर्ताओं ने झुग्गियों में रहने वाले बांग्लादेशियों को खदेड़ा।
पिछली साल खुली थी हिस्ट्रीशीट
पुलिस ने बताया कि पिंकी चौधरी साहिबाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर साहिबाबाद, मसूरी, लोनी, कविनगर, विजयनगर, टीलामोड़, शालीमार गार्डन में 16 मुकदमे दर्ज हैं। छह अक्तूबर 2023 को उसकी हिस्ट्रीशीट खोली थी। उसके खिलाफ पहला केस 2021 में दर्ज हुआ था। साहिबाबाद थाने में छह,कविनगर में दो, टीलामोड़, नंदग्राम, मसूरी और शालीमार गार्डन में एक-एक केस दर्ज है।
2013 में बनाया संगठन
पिंकी चौधरी ने हिंदू रक्षा दल नाम से संगठन 2013 में बनाया था। वह अल्पसंख्यकों के खिलाफ बयान देकर विवादों में रहता है। उसने 2020 में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में छात्रों की पिटाई का वीडियो वायरल किया था। पिछले साल उसने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की। इसका केस दर्ज हुआ था।
कड़ी कार्रवाई होगी
पिंकी चौधरी के बुधवार को वायरल हुए वीडियो का संज्ञान लिया गया है। उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वीडियो वायरल होने पर पुलिस की ओर से लापरवाही बरतने और कोई कार्रवाई नहीं करने के बारे में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार मिश्र, पुलिस आयुक्त