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महिला थाना भी आया चिकनगुनिया की चपेट में

Sun, 25 Sep 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद Updated Sun, 25 Sep 2016 12:36 AM IST
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Woman hit by Chikungunya police came
platelets, dengue - फोटो : Demo Pic

डेंगू-चिकनगुनिया के मामले में बढ़ते जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीज बेड न होने से परेशान हैं ही प्राइवेट अस्पतालों में बेड फुल हैं। सरकारी विभागों के कर्मचारी भी चिकनगुनिया की चपेट में आने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। महिला थाने में ही करीब 15 पुलिसकर्मी बुखार और चिकनगुनिया से पीड़ित हैं।

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महिला थाने की एसएचओ अंजू तेवतिया ने बताया कि स्टाफ में अधिकतर पुलिसकर्मी या उनके परिवार वालों को चिकनगुनिया या बुखार है, जिसकी वजह से कई कांस्टेबल छुट्टी पर हैं।शनिवार को चिकनगुनिया के 93 सैंपल जांचे गए इनमें से 23 सैंपल पॉजिटिव मिले हैं।
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इसके अलावा डेंगू के 43 सैंपल जांचे गए गए, जिनमें से गाजियाबाद के 7 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। बता दें कि अब तक  चिकनगुनिया और डेंगू के कुल 545 मरीज पाए गए हैं, जिनकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। इनमें चिकनगुनिया के 357 और डेंगू के कुल 188 मरीज पाए गए हैं।   
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डेंगू- चिकनगुनिया से बचाव के लिए रामलीला समिति कराएगी फॉगिंग
डेंगू चिकनगुनिया का असर रामलीला के कलाकारों और समिति के सदस्यों पर न हो इसके लिए सभी रामलीला समितियां अपने स्तर पर फॉगिंग कराती हैं। इसके लिए सभी रामलीला समितियों ने अपनी फॉगिंग मशीनें खरीद रखी हैं। कमेटी वाले हर रोज शाम को मंचन से पहले ही फॉगिंग कराते हैं। कविनगर और घंटाघर सहित सभी में फॉगिंग कराई जाती है।

सुल्लामल रामलीला कमेटी के महामंत्री मनोज ने बताया कि समिति ने अपनी मशीन खरीद रखी है, जिससे पूरे मैदान में फॉगिंग कराते हैं। इसके अलावा भी स्प्रे आदि कराया जाता है।

होम्योपैथिक में है डेंगू-चिकनगुनिया का इलाज
 होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ गाजियाबाद ने शनिवार को बिहारी नगर स्थित चैरिटेबल डिस्पेंसरी में बैठक की। उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक में डेंगू-चिकनगुनिया का सफल इलाज है।


इसमें प्रिवेंटिव दवाएं भी होती हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश गर्ग, सचिव डॉ. अमित पाल, डॉ. सुनील भटनागर और डॉ. नीरज रस्तोगी ने बताया कि युपेटोरियम परफोलियम दवा एक हजार पोटेंसी में 3 बार डॉक्टर की देखरेख में लें तो बचाव हो जाता है।

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