{"_id":"58051b6b4f1c1b592c703187","slug":"will-run-for-tenant-verification-your-neighbor-campaign","type":"story","status":"publish","title_hn":"किराएदार सत्यापन के लिए चलेगा ‘अपना पड़ोसी’ अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किराएदार सत्यापन के लिए चलेगा ‘अपना पड़ोसी’ अभियान
ब्यूरो अमर उजाला/ गाजियाबाद
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:11 AM IST
विज्ञापन
पत्रकारों से वार्ता करते एसएसपी दीपक कुमार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किराएदार के तौर पर यहां कोई आतंकी या नक्सली तो नहीं रह रहा है। इसके मद्देनजर ‘अपना पड़ोसी’ के नाम से सत्यापन के लिए पुलिस जल्द ही अभियान चलाएगी। यह जानकारी नए एसएसपी दीपक कुमार ने दी।
पहली बार मीडिया से मुखातिब हुए एसएसपी ने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग और पुलिस का मनोबल बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी। जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़ाने और पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सुधार की उनकी कोशिश होगी।
इसकेअलावा दिल्ली की तर्ज पर ट्रैफिक में सुधार किया जाएगा। ट्रैफिक सबसे बड़ी समस्या है। इसकेलिए लोगों और स्टूडेंट्स को जागरूक किया जाएगा। सबसे पहले पुलिसकर्मियों के खिलाफ ही अभियान चलेगा। पहले पुलिस सुधरेगी, तभी जनता को सुधार पाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अपने करियर में उन्होंने सबसे ज्यादा गाजियाबाद से ही सीखा। वह यहां करीब 17 महीने रहे। इस दौरान सीओ मोदीनगर, इंदिरापुरम और सीओ फर्स्ट रहे। उन्हें गैलेंट्री अवार्ड भी यहां की बेहतर काम करने पर मिला।
उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में क्षेत्र के हिसाब से पुलिसिंग होनी चाहिए, क्योंकि यहां केलोगों की मानसिकता अलग-अलग है। टीएचए के लोग अलग तरीके से सोचते हैं, वहीं शहर और देहात की अलग प्राथमिकताएं हैं।
बता दें कि नोएडा में छह नक्सली पकड़े गए हैं, जो बड़ी वारदात की फिराक में थे। उनके साथियों की तलाश में खोड़ा भी दबिश दी गई थी। गाजियाबाद में भी कई ऐसे कालोनियां हैं, जहां ऐसे लोगों के छिपे होने का अंदेशा रहता है। इसी वजह से किराएदारों के सत्यापन का अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
पहली बार मीडिया से मुखातिब हुए एसएसपी ने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग और पुलिस का मनोबल बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी। जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़ाने और पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सुधार की उनकी कोशिश होगी।
विज्ञापन
इसकेअलावा दिल्ली की तर्ज पर ट्रैफिक में सुधार किया जाएगा। ट्रैफिक सबसे बड़ी समस्या है। इसकेलिए लोगों और स्टूडेंट्स को जागरूक किया जाएगा। सबसे पहले पुलिसकर्मियों के खिलाफ ही अभियान चलेगा। पहले पुलिस सुधरेगी, तभी जनता को सुधार पाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अपने करियर में उन्होंने सबसे ज्यादा गाजियाबाद से ही सीखा। वह यहां करीब 17 महीने रहे। इस दौरान सीओ मोदीनगर, इंदिरापुरम और सीओ फर्स्ट रहे। उन्हें गैलेंट्री अवार्ड भी यहां की बेहतर काम करने पर मिला।
उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में क्षेत्र के हिसाब से पुलिसिंग होनी चाहिए, क्योंकि यहां केलोगों की मानसिकता अलग-अलग है। टीएचए के लोग अलग तरीके से सोचते हैं, वहीं शहर और देहात की अलग प्राथमिकताएं हैं।
बता दें कि नोएडा में छह नक्सली पकड़े गए हैं, जो बड़ी वारदात की फिराक में थे। उनके साथियों की तलाश में खोड़ा भी दबिश दी गई थी। गाजियाबाद में भी कई ऐसे कालोनियां हैं, जहां ऐसे लोगों के छिपे होने का अंदेशा रहता है। इसी वजह से किराएदारों के सत्यापन का अभियान चलाया जाएगा।