{"_id":"594d5c7a4f1c1b5a0c8b47de","slug":"why-the-gda-is-borrowing-the-compensation-is-still-on-compensation","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीडीए क्यों ले रहा उधार, अभी तो मुआवजे पर है तकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीडीए क्यों ले रहा उधार, अभी तो मुआवजे पर है तकरार
अमर उजाला ब्यूरो गाजियाबाद
Updated Fri, 23 Jun 2017 11:53 PM IST
विज्ञापन
जीडीए
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मधुबन बापूधाम योजना के लिए किसानों की 281 एकड़ जमीन का अधिग्रहण जीडीए के लिए आसान बात नहीं है। जीडीए ने जहां किसानों को मुआवजा देने के लिए हुडको से 1232 कर्ज लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, वहीं किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश और भू अर्जन एक्ट-2013 के अनुसार ही मुआवजा उठाएंगे।
विज्ञापन
इससे कम किसी भी कीमत पर वह अपनी जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे।कुल 1234 एकड़ वाली मधुबन बापूधाम योजना में जीडीए के पास अभी सिर्फ 800 एकड़ ही जमीन है। बाकी बची जमीन में से 281 एकड़ के मालिक किसान अभी जीडीए को पूर्व दर पर जमीन देने को राजी नहीं हैं।
विज्ञापन
इस 281 एकड़ जमीन के लिए 69 किसान और सहारा इंडिया की ओर से सात रिट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थीं। इस रिट पर सुनवाई के बाद 30 नवंबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने जीडीए को आदेश दिया था कि वह किसानों की जमीन भू अर्जन एक्ट-2013 के अनुसार अधिग्रहण कर सकता है।
विज्ञापन
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एक साल के अंदर ही इस आदेश को लागू करने का आदेश दिया था।सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद ही अब मधुबन बापूधाम योजना के लिए 281 एकड़ जमीन अधिग्रहण में पेंच फंस गया है।
जीडीए जहां किसानों को एक से डेढ़ करोड़ रुपये प्रति बीघा के हिसाब से अधिग्रहण करना चाहता है, वहीं किसानों का कहना है कि भू अर्जन एक्ट-2013 के हिसाब से उनकी जमीन सात करोड़ रुपये प्रति बीघा के हिसाब से अधिग्रहण की जानी चाहिए।
किसानों की ओर से इस केस की पैरवी कर रहे भारतीय किसान संघ के महानगर अध्यक्ष सुदेशपाल सिंह ने बताया कि भू अर्जन एक्ट-2013 के अनुसार शहरी क्षेत्र में किसानों की जमीन डीएम सर्किल रेट से दोगुना और ग्रामीण क्षेत्र में चार गुना भाव देकर ही अधिग्रहित की जा सकती है। मधुबन बापूधाम में डीएम का सर्किल रेट 24 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर है।
ऐसे में नियमानुसार किसानों को 48 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर और फिर उस पर 75 फीसदी अरजेंसी क्लोज के रूप में देने पडे़ंगे। ऐसे में किसानों की जमीन यहां लगभग 84 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से ही अधिग्रहित की जा सकती है। जबकि जीडीए अफसर इस जमीन को सात से 14 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से अधिग्रहण करने की योजना तैयार कर रहे हैं।
मधुबन बापूधाम में जीडीए ने अपने प्लाट का न्यूनतम दर मूल्य 23 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित कर रखा है। अब सवाल यह भी खड़ा होता है कि जब 281 एकड़ जमीन के मालिक किसान 84 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से मुआवजे की मांग कर रहे हैं, तो जीडीए यहां किस रेट पर जमीन बेचेगा।
किसानों का कहना है कि हुडको से 1232 करोड़ उधार लेकर भी जीडीए जब भू अर्जन एक्ट-2013 के अनुसार मुआवजा नहीं दे सकता, तो उसका उधार लेना ही बेकार जाएगा।