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Ghaziabad News: वाह री व्यवस्था...सामान्य मरीजों के लिए वार्ड जर्जर, स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए स्वस्थ
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- जर्जर होने के कारण एक महीने से ए ब्लॉक में लगा था ताला, अब 10 बेड का स्वाइन फ्लू वार्ड तैयार
- सामान्य मरीजों के लिए असुरक्षित माने गए वार्ड में संक्रमित व संदिग्ध मरीजों के इलाज पर उठे सवाल
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आशुतोष यादव
गाजियाबाद। छत से पानी टपकने और भवन की खराब हालत के कारण जिस वार्ड को सामान्य मरीजों के लिए असुरक्षित मानकर बंद कर दिया गया था, अब उसी में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और संक्रमित मरीजों का इलाज किया जाएगा। जिला अस्पताल के प्रथम तल स्थित ए ब्लॉक को 10 बेड के स्वाइन फ्लू वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। इससे अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
ए ब्लॉक में करीब एक महीने से ताला लगा हुआ था। चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ के अनुसार, बरसात के दौरान वार्ड की छत से पानी टपकने के साथ भवन के कुछ हिस्सों की स्थिति भी खराब थी। इस कारण उच्च अधिकारियों के स्तर पर मंथन के बाद यहां सामान्य मरीजों की भर्ती बंद कर दी गई थी। वार्ड को मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं माना गया और इसे बंद कर दिया गया।
अब जिले में स्वाइन फ्लू के मरीज बढ़ने के बाद अस्पताल में अलग वार्ड की जरूरत महसूस हुई तो बंद पड़े इसी ए ब्लॉक को स्वाइन फ्लू वार्ड के रूप में तैयार कर दिया गया। वार्ड में 10 बेड लगाए गए हैं। शनिवार को जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर स्वाइन फ्लू को लेकर की गई तैयारियों का जायजा लिया और वार्ड की व्यवस्था व मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
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मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
एक ही वार्ड को पहले सामान्य मरीजों के लिए असुरक्षित मानकर बंद करना और कुछ ही समय बाद उसे स्वाइन फ्लू जैसे संक्रामक रोग के मरीजों के लिए खोल देना अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। मरीजों और तीमारदारों की चिंता इस बात को लेकर है कि जिस भवन की हालत सामान्य मरीजों के लिए ठीक नहीं मानी गई, वहां संक्रमण से जूझ रहे मरीजों को रखने के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वार्ड को दोबारा उपयोग में लेने से पहले आवश्यक मरम्मत कराई गई है। सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि वार्ड की मरम्मत कराने के बाद इसे स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए तैयार किया गया है। मरीजों की जरूरत के अनुसार यहां उपचार की व्यवस्था की जाएगी। वार्ड में जो दिक्कत थी, उसे दूर करा दिया गया है।
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- सामान्य मरीजों के लिए असुरक्षित माने गए वार्ड में संक्रमित व संदिग्ध मरीजों के इलाज पर उठे सवाल
आशुतोष यादव
गाजियाबाद। छत से पानी टपकने और भवन की खराब हालत के कारण जिस वार्ड को सामान्य मरीजों के लिए असुरक्षित मानकर बंद कर दिया गया था, अब उसी में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और संक्रमित मरीजों का इलाज किया जाएगा। जिला अस्पताल के प्रथम तल स्थित ए ब्लॉक को 10 बेड के स्वाइन फ्लू वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। इससे अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
ए ब्लॉक में करीब एक महीने से ताला लगा हुआ था। चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ के अनुसार, बरसात के दौरान वार्ड की छत से पानी टपकने के साथ भवन के कुछ हिस्सों की स्थिति भी खराब थी। इस कारण उच्च अधिकारियों के स्तर पर मंथन के बाद यहां सामान्य मरीजों की भर्ती बंद कर दी गई थी। वार्ड को मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं माना गया और इसे बंद कर दिया गया।
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अब जिले में स्वाइन फ्लू के मरीज बढ़ने के बाद अस्पताल में अलग वार्ड की जरूरत महसूस हुई तो बंद पड़े इसी ए ब्लॉक को स्वाइन फ्लू वार्ड के रूप में तैयार कर दिया गया। वार्ड में 10 बेड लगाए गए हैं। शनिवार को जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर स्वाइन फ्लू को लेकर की गई तैयारियों का जायजा लिया और वार्ड की व्यवस्था व मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
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मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
एक ही वार्ड को पहले सामान्य मरीजों के लिए असुरक्षित मानकर बंद करना और कुछ ही समय बाद उसे स्वाइन फ्लू जैसे संक्रामक रोग के मरीजों के लिए खोल देना अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। मरीजों और तीमारदारों की चिंता इस बात को लेकर है कि जिस भवन की हालत सामान्य मरीजों के लिए ठीक नहीं मानी गई, वहां संक्रमण से जूझ रहे मरीजों को रखने के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वार्ड को दोबारा उपयोग में लेने से पहले आवश्यक मरम्मत कराई गई है। सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि वार्ड की मरम्मत कराने के बाद इसे स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए तैयार किया गया है। मरीजों की जरूरत के अनुसार यहां उपचार की व्यवस्था की जाएगी। वार्ड में जो दिक्कत थी, उसे दूर करा दिया गया है।