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Ghaziabad News: साहिबाबाद के 1400 उद्योगों को जोर का झटका देगी पानी की दर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 18 Oct 2024 02:17 AM IST
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Water rate will give a big blow to 1400 industries of Sahibabad
गाजियाबाद। गिरते भूजल स्तर को संभालने के लिए नगर निगम ने इंदिरापुरम में जिले का पहला टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट (टीएसटीपी) बनाया है। इसका ट्रायल किया जा रहा है। दिसंबर से इस प्लांट से साहिबाबाद के उद्योगों में पानी की आपूर्ति शुरू करने का दावा किया जा रहा है लेकिन इस प्लांट से मिलने वाले शोधित पानी की दरों से क्षेत्र के 1400 से अधिक उद्योगों को जोर का झटका लगेगा। नगर निगम ने प्रति किलोलीटर (1000 लीटर) पानी की दर 45 रुपये से ज्यादा निर्धारित की है, जिसका विरोध शुरू हो गया है। संगठन शनिवार को कलक्ट्रेट आयोजित होने जा रही बैठक में प्रमुख सचिव के समक्ष इस मामले को जोरशोर से उठाएंगे।
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साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन अध्यक्ष दिनेश मित्तल का कहना है कि प्लांट का निर्माण लंबे समय से चल रहा है। इसके लिए औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों को खोदकर रख दिया गया है, जो आज तक पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई हैं। अब नगर निगम शोधित पानी की महंगी दरों का बोझ क्षेत्र के उद्योगों पर डालने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में कई बार संगठन ने आपत्ति दर्ज कराई है। शासन के निर्देश पर शनिवार को कलक्ट्रेट में उद्यमियों की समस्या सुनने के लिए आ रहे प्रमुख सचिव के समक्ष इस मामले को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा। साहिबाबाद ट्रांस हिंडन एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि फिलहाल करीब एक पैसा प्रति लीटर की दर से पानी मिल रहा है, जिसे 45 गुना तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। 45 रुपये प्रति किलोलीटर की दर का बोझ उद्यमी नहीं उठा सकेंगे। इसलिए प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इसका विरोध किया जाएगा।
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दिसंबर से शुरू होगी पानी की आपूर्ति
गाजियाबाद। ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड प्रोजेक्ट के तहत बनाए गए टीएसटीपी का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसका ट्रायल किया जा रहा है। सभी काम 15 नवंबर तक पूरे करने के निर्देश नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने दिए हैं। इस संबंध में बृहस्पतिवार को चेन्नई से वबैग कंपनी की टीम को बुलाया गया। नवंबर माह के अंत या दिसंबर की शुरुआत में ही औद्योगिक इकाइयों को शोधित पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में भूजल के प्रयोग को रोकने के लिए बनाए जा रहे टीएसटीपी के निर्माण लगातार देरी हुई है। इस परियोजना को पूरा करने की समयसीमा 30 जून निर्धारित की गई थी, इसके बाद 22 सितंबर तक बढ़ा दी गई। अब तक लगभग 800 उद्योगों के साथ 10 एमएलडी से ज्यादा पानी की आपूर्ति के लिए समझौता हो चुका है। प्लांट 40 एमएलडी क्षमता का बनाया जा रहा है।
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भूजल दोहन पर लगेगा भारी जुर्माना
आमतौर पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में दूषित पानी का दो बार शोधन होता है, लेकिन टीएसटीपी में तीन बार शोधित कर पानी को प्रयोग में लाया जाएगा। इसके पानी में मानकों के मुताबिक बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) की मात्रा को कम किया जाएगा। पानी की गुणवत्ता बेहतर होने पर उद्योगों को आपूर्ति की जाएगी। इस पानी का उपयोग केवल औद्योगिक जरूरत को पूरा करने के लिए होगा। 40 एमएलडी क्षमता के इस प्लांट से साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों में पानी की आपूर्ति होगी। प्लांट शुरू होने के बाद औद्योगिक जरूरत के लिए भूजल के इस्तेमाल की अनुमति नहीं मिलेगी। सभी परिसरों में भूजल के प्रयोग पर पूर्ण पाबंदी लगाई जाएगी। भूजल दोहन करने वालों पर भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान होगा।
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